जिलाधिकारी से जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश छापेमारी मामला

Published at :09 Jan 2018 5:24 AM (IST)
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जिलाधिकारी से जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश छापेमारी मामला

पिछले दिनों जेल में की गयी थी छापेमारी नक्सली व शातिर से बरामद हुआ था आपत्तिजनक सामान जेल प्रशासन ने दो बंदियों पर करायी थी प्राथमिकी सीतामढ़ी : जेल में बंदियों से बरामद प्रतिबंधित समान के मामले में सदर एसडीओ सत्येन्द्र कुमार ने जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस बावत डीएम […]

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पिछले दिनों जेल में की गयी थी छापेमारी

नक्सली व शातिर से बरामद हुआ था आपत्तिजनक सामान
जेल प्रशासन ने दो बंदियों पर करायी थी प्राथमिकी
सीतामढ़ी : जेल में बंदियों से बरामद प्रतिबंधित समान के मामले में सदर एसडीओ सत्येन्द्र कुमार ने जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. इस बावत डीएम को रिपोर्ट किया है.
गत दिन जेल में छापामारी के दौरान एक नक्सली समेत दो बंदियों से नक्सली साहित्य व एक मोबाइल बरामद हुआ था. डीएम को भेजे में एसडीओ श्री कुमार ने कहा है कि जेल में प्रतिबंधित समान मिलना जेल प्रशासन की लापरवाह कार्यशैली को दर्शाता है.
जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध
रिपोर्ट में एसडीओ ने लिखा है कि आपत्तिजनक समान बरामदगी में जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतित होती है. साथ ही विचाराधीन बंदियों से मोबाइल मिलना जेल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी से इनकार नहीं किया जा सकता. सूत्रों ने बताया कि एसडीओ ने डीएम को मामले को गंभीर बताया है और जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा की है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि गत दिनों सदर एसडीओ व सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने जेल में छापेमारी की थी. उस दौरान हार्डकोर नक्सली सुहाग पासवान के पास से नक्सली साहित्य बरामद हुआ था. वही, बंदी मोहन बैठा के पास से 4-जी मोबाइल मिला था. पाया गया था कि जेल में मोहन फर्जी आइडी बनाकर फेसबुक चलाता था. पुलिस की पूछताछ में सुहाग ने बताया कि वह नक्सल विचारधारा से प्रभावित है और जेल में अपने संपर्क के बंदियों को उक्त विचारधारा से प्रभावित करते है. सुहाग मुजफ्फरपुर जिला के सिवाइपट्टी थाना के रामनगर का रहने वाला है.
जेल उपाधीक्षक ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी
रीगा थाना क्षेत्र के भोरहा विरता टोला निवासी व बंदी मोहन बैठा ने अपने पास से बरामद मोबाइल की बावत पुलिस को कोई जवाब नहीं दे सका था. पुलिस को देख वह बरामद मोबाइल का सिम चबा गया था. उसने अधिकारियों को बताया था कि दोस्त सुहाग के भतीजा अखिलेश राज के नाम से फर्जी आइडी बनाकर फेसबुक चलाते है और उस पर अपने मित्रों का फोटो भी शेयर किये है. इस मामले को लेकर जेल उपाधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बंदी सुहाग पासवान व मोहन बैठा के खिलाफ डुमरा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
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