जिले के 381 गांव प्रभावित

Published at :20 Mar 2017 2:53 AM (IST)
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जिले के 381 गांव प्रभावित

विभूतिपुर, वारिसनगर व मोरवा से अब भी आ रहे कालाजार के मरीज कालाजार उन्मूलन को लेकर आज से चलेगा अभियान सिंथेटिक पारा थायराइड का होगा छिड़काव समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले से कालाजार रोग का उन्मूलन हो चुका है. पर, अब भी इक्का-दुक्का कालाजार के मरीज आ रहे हैं. खासकर विभूतिपुर, वारिसनगर, सरायरंजन व मोरवा से […]

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विभूतिपुर, वारिसनगर व मोरवा से अब भी आ रहे कालाजार के मरीज

कालाजार उन्मूलन को लेकर आज से चलेगा अभियान
सिंथेटिक पारा थायराइड का होगा छिड़काव
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले से कालाजार रोग का उन्मूलन हो चुका है. पर, अब भी इक्का-दुक्का कालाजार के मरीज आ रहे हैं. खासकर विभूतिपुर, वारिसनगर, सरायरंजन व मोरवा से दो तीन महीने पर एक दो कालाजार मरीज आते रहते हैं. ऐसे में कालाजार रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए पूर्व से चिह्नित 381 गांवों में उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जायेगा. सिंथेटिक पारा थायराइड नामक दवा का छिड़काव सोमवार से शुरू किया जायेगा. इसको लेकर जिला मलेरिया कार्यालय ने तैयारी कर रखी है. छिड़काव में शामिल सुपरवाइजर व कर्मियों को क्षेत्र आवंटित कर दिया गया है. उसकी निगरानी के लिए चार केटीएस को भी लगाया गया है.
122 दल का गठन : जिले से कालाजार का उन्मूलन हो चुका है. पहले जिले के करीब 381 गांव की 22 लाख 16 हजार 686 आबादी प्रभावित रही है. इन गांवों में फिर से कालाजार रोग का फैलाव न हो इसको लेकर हर साल अभियान चलाया जाता है. पहले जहां डीडीटी का छिड़काव किया जाता था, वहीं अब सिंथेटिक पारा थायराइड का छिड़काव किया जायेगा. यह बालू मक्खी को पनपने से रोकता है. अभियान को लेकर 122 दल गठित किये गये हैं. सभी दल में एक सुरपरवाइजर समेत छह छिड़काव कर्मियों को शामिल किया गया है. अर्थात 732 कर्मियों को शामिल किया गया है. 20 हजार 781 किलोग्राम दवा इस अभियान पर खर्च होगा, जिसे सभी प्रखंडों को उपलब्ध करा दिया गया है. चार कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं, जो पांच-पांच प्रखंडों की निगरानी करेंगे. इसके अलावा जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ विजय कुमार व भीबीडी सलाहार संतोष कुमार भी मॉनीटरिंग करेंगे.
40 हजार पर एक मरीज है कालाजार का :
दस हजार की आबादी पर यदि एक कालाजार के मरीज आते थे, तब तक कालाजार का पूरी तरह से उन्मूलन नहीं माना जाता था. लेकिन पिछले कुछ सालों में इसकी संख्या में काफी कमी आयी है. अब 40-50 हजार पर एक कालाजार के मरीज आते हैं. यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने यह मान लिया है कि कालाजार का पूरी तरह से उन्मूलन हो गया है. कालाजार रोगियों के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल, दलसिंहसराय व रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज की व्यवस्था है.
एक ही इंजेक्शन में ठीक हो जाता है कालाजार : पहले कालाजार रोगियों को करीब पंद्रह से बीस इंजेक्शन लेने पड़ते थे. फंगीजोन दवा तो अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं थे. मरीजों को ओपेन मार्केट से खरीदना पड़ता था, जो काफी महंगा था. अब कालाजार रोगियों को एक इंजेक्शन स्लाइन में चढ़ाया जाता है. एक दिन दवा चढ़ाने के बाद वह पूरी तरह ठीक हो जाता है. स्वास्थ्य विभाग के पास एंबीजोन नामक दवा उपलब्ध है. यदि किसी मरीज को कालाजार हो गया है, तो वह संबंधित सरकारी अस्पताल में जाकर इलाज करा सकते हैं.
कालाजार उन्मूलन को लेकर सोमवार से होने वाले छिड़काव की तैयारी पूरी कर ली गयी है. टास्क फोर्स की बैठक कर संबंधित पदाधिकारियों एवं पीएचसी प्रभारियों को भी इसकी जानकारी दी गयी है. इसमें सहयोग की अपेक्षा भी की गयी है. कालाजार जैसे रोग फिर से नहीं पनप सके इसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है.
डाॅ विजय कुमार, जिला मलेरिया पदाधिकारी, समस्तीपुर
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