सैंया भये कोतवाल से प्रहार

Published at :14 Dec 2016 6:37 AM (IST)
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सैंया भये कोतवाल से प्रहार

कोसी महोत्सव . अंतिम दिन तीन नाटकों की हुई प्रस्तुति इप्टा द्वारा स्थानीय सुपर बाजार स्थित कला भवन में आयोजित तीन दिवसीय कोसी सांस्कृतिक महोत्सव का सोमवार देर रात समापन हो गया. महोत्सव के अंतिम दिन तीन नाटकों की सफल प्रस्तुति की गयी. कड़ाके की ठंड के बावजूद नाटक देखने के लिए नाट्य प्रेमियों की […]

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कोसी महोत्सव . अंतिम दिन तीन नाटकों की हुई प्रस्तुति

इप्टा द्वारा स्थानीय सुपर बाजार स्थित कला भवन में आयोजित तीन दिवसीय कोसी सांस्कृतिक महोत्सव का सोमवार देर रात समापन हो गया. महोत्सव के अंतिम दिन तीन नाटकों की सफल प्रस्तुति की गयी. कड़ाके की ठंड के बावजूद नाटक देखने के लिए नाट्य प्रेमियों की उपस्थिति देर रात तक कला भवन में बनी रही.
सहरसा : नवोदित संस्था की प्रस्तुति सैंया भये कोतवाल की खुबसूरत प्रस्तुति दर्शकों पर अपनी अमिट छाप छोड़ने में काफी सफल रही. बसंत सवनीश के आलेख का हिंदी रूपांतरण उषा बनर्जी की नाट्य आलेख सैंया भये कोतवाल को बेगूसराय के नाट्य निर्देशक हरिशंकर गुप्ता ने बड़ी ही सजीवता के साथ सजाने संवारने का काम किया. शासन प्रशासन की व्यवस्था पर इस नाटक की खुबसूरत प्रस्तुति के जरिये करारा प्रहार किया गया. नाटक में एक राज के राजा की कहानी को दिखाया गया कि राज पाट पर सही तरह से नजर नहीं रखने के कारण किस तरह शासन प्रशासन के अंदर भ्रष्टाचार को पनपने का मौका मिलता है.
इस भ्रष्टाचार की जड़ धीरे धीरे राज काज में राजा की लापरवाही के कारण इतनी मजबूत हो जाती है कि राजा को भी इसका शिकार बना लिया जाता है. नाटक में हवलदार की भूमिका में आलोक रंजन, कोतवाल अजय कुमार सुमन, सिपाही हरिकिशोर ठाकुर ने अपने सशक्त अभिनय से नाटक के अंत तक दर्शकों का खूब मनोरंजन करते हुए उन्हें बार-बार हंसने पर मजबूर करते रहे. वहीं नाटक में मैनावती की भूमिका में वर्षा कुमारी ने भी आधी आबादी की उपस्थिति को अकेली महिला पात्र के रूप में बखूबी निभाने का काम किया. नाटक में एक नाचने गाने वाली की किरदार में उन्होंने वहीं नटखट चुलबुली अदाओं को उतारने की कोशिश की,
जो एक नाचने गाने वाली के किरदार में नजर आता है. नाटक के अन्य पात्र में राजा बने मोहित मोहन, प्रधान सनोज शर्मा भी अपने अपने पात्रों के साथ न्याय करते मंच पर नजर आये. नाटक में एक ओर मुख्य पात्र के रूप में मैनावती के सेवादार बने संख्या अवध कुमार ठाकुर ने जबर्दस्त अभिनय व अपनी अदा से मौजूद दर्शकों को खूब प्रभावित किया. नाटक में संगीत साजन एवं बंटी का था.
महोत्सव का हुआ समापन: महोत्सव के समापन के मौके पर इप्टा द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन बेगुसराय के वरिष्ठ रंगकर्मी हरिशंकर गुप्ता द्वारा किया गया. महोत्सव संयोजक राजन कुमार ने अंत में महोत्सव की सफलता के लिए सभी को धन्यवाद दिया. साथ ही सभी अतिथि टीम को संस्था की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर इप्टा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ दीपक गुप्ता, सचिव रमेश पासवान, शालिनी, बंटी, अनिल कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
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