नप नहीं करता कूड़ा उठाव व संग्रहण

Published at :15 Jul 2016 7:17 AM (IST)
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नप नहीं करता कूड़ा उठाव व संग्रहण

डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण कार्य नहीं हुआ शुरू शहर में फैल सकती है महामारी सहरसा : नगर परिषद प्रशासन की ओर से शहर को स्वच्छ रखने का सिर्फ प्रस्ताव पास होता है. मगर शहर में अब तक रोजाना निकले कचरों को फेंकने के लिए कचरा प्रबंधन की व्यवस्था विकसित नहीं की जा सकी है़ […]

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डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण कार्य नहीं हुआ शुरू

शहर में फैल सकती है महामारी
सहरसा : नगर परिषद प्रशासन की ओर से शहर को स्वच्छ रखने का सिर्फ प्रस्ताव पास होता है. मगर शहर में अब तक रोजाना निकले कचरों को फेंकने के लिए कचरा प्रबंधन की व्यवस्था विकसित नहीं की जा सकी है़ परिणाम है कि रोजाना निकले कचरों को इधर-उधर गड्ढा व रेलवे किनारे फेंकना नप प्रशासन की मजबूरी बनी है़ वर्षों से इस दिशा में सार्थक पहल न होने से आज तक समस्या ज्यों की त्यों बनी है़
शहरवासियों का कहना है कि शहर के 40 वार्डों में रोजाना पांच से छह टेलर कचरे जमा होते हैं. मगर इन्हें फेंकने व इनके लाभदायक उपयोग के प्रबंधन के उचित प्रयास न होने से इनके फेंकने की समुचित व्यवस्था नहीं की जा सकी है़ अधिकांशत: कचरे रेलवे व तिवारी टोला बाइपास सड़क के किनारे फेंके जाते हैं. इससे वह क्षेत्र कूड़ादान बन कर ही रह गया है़ मगर इन कचरों के सड़ने-गलने से बीमारियों के फैलने की आशंका भी हमेशा बनी रहती है़
अगर कचरों के निबटारे के लिए उचित प्रबंधन किया जाये, तो निकले कचरों से जैविक खाद बना कर भी इसके दुष्परिणामों से बचा जा सकता है़ इतना ही नहीं, अगर जैविक खाद इन कचरों से बना लिया जाये तो यह कृषि कार्य में सहायक हो सकता है़ मगर वर्षों से इस ओर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है़
बदबू से चलना हुआ दूभर
सड़क किनारे कूड़ा फेंकने की वजह से लोगों का चलना दूभर हो गया है. खासकर समाहरणालय जाने वाली सड़क के दोनों तरफ जिला गर्ल्स स्कूल के समीप खाली जमीन को नगर परिषद द्वारा डंपिंग यार्ड बना दिया गया है. ज्ञात हो कि इसके अलावा सब्जी मंडी के दुकानदार भी रात के अंधेरे में सड़ी हुई सब्जी को फेंकने के लिए इसी जगह का प्रयोग करते हैं. जिला प्रशासन के पाबंदी के बावजूद नप अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.
गिनती में हैं 280 सफाई कर्मी
नगर परिषद में मुख्य सड़क व वार्ड की सफाई के लिए 280 सफाई कर्मियों के अलावा जमादार व सिटी मैनेजर नियुक्त हैं. जबकि ड्यूटी पर उक्त सफाई कर्मियों के आधे लोग ही मिलते हैं. इस वजह से नगर की सफाई के नाम पर हो रही बड़ी लूट खसोट की चर्चा सरेआम हो रही है.
डोर टू डोर उठाव की नहीं हुई व्यवस्था
नगर परिषद क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था अभी तक मुकम्मल नहीं हो सकी है. जबकि बोर्ड की बैठक में घर घर कूड़ा उठाने के लिए डस्ट बिन देने की बात कही गयी थी. इसके माध्यम से गीला व सूखा कचरा को अलग-अलग जगहों पर संग्रह किये जाने की योजना थी.
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