बासी खाओगे, तो बीमार पड़ जाओगे

Published at :07 Jan 2014 7:03 AM (IST)
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बासी खाओगे, तो बीमार पड़ जाओगे

बासी खाद्य पदार्थ खाने की मजबूरी, विभाग सुस्त खाद्य सुरक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का लोग भुगत रहे हैं खामियाजा नहीं होता है बैच नंबर मैनुफैरिंग डेट, बेस्ट यूज, एक्सपायरी डेट सहरसा: खाद्य सुरक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से शहर से लेकर गांव तक के लोग बासी खाद्य पदार्थ खाने को […]

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बासी खाद्य पदार्थ खाने की मजबूरी, विभाग सुस्त

खाद्य सुरक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का लोग भुगत रहे हैं खामियाजा

नहीं होता है बैच नंबर मैनुफैरिंग डेट, बेस्ट यूज, एक्सपायरी डेट

सहरसा: खाद्य सुरक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से शहर से लेकर गांव तक के लोग बासी खाद्य पदार्थ खाने को मजबूर हैं. शहर में इन दिनों नयी-नयी कंपनियां बाजार में अपना साम्राज्य फैला रही है. ये कंपनियां ब्रेड, बिस्कुट, पानी सहित अन्य खाने-पीने वाली वस्तुओं को बाजार में बेच लगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है. बावजूद प्रशासन चैन की नींद ले रहा है.

नहीं रहता है कोई रेट

बाजार में अचानक अपनी पैठ बना चुकी इन कंपनियों के संचालक का हौसला इतना बुलंद है कि गांव की बात तो दूर शहर में बिना किसी ङिाझक के खाद्य सुरक्षा को ताक पर रख कर सामान बेच रही है. इन वस्तुओं के पैकेट पर बैच नंबर, मैनुफैरिंग डेट, बेस्ट यूज, एक्सपायरी डेट लिखना भी मुनासिब नहीं समझती है. जबकि किसी भी खाने पीने के समान में मैनुफैरिंग तिथि व एक्सपायरी तिथि लिखा जाना आवश्यक है. अन्यथा कंपनी पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है.

बाजार में बना चुका है पैठ

अन्य कंपनियों की अपेक्षा सस्ती दर पर बाजार में निर्मित वस्तुएं उपलब्ध कराने के कारण ये कंपनियों बाजार में अपनी पैठ बना चुकी है. कई दुकानदारों ने बताया कि इन ब्रेड, बिस्कुट, पानी में माजिर्न ज्यादा है. जबकि पूरे नियम कानून का पालन करने वाली कंपनियों में यह माजिर्न कम है. माजिर्न अधिक होने के कारण हमलोगों को बेचने में भी सहूलियत होती है. दुकानदारों ने बताया कि लोकल कंपनियों बचा माल वापस कर लेती है. जबकि कुछ कंपनियां ऐसा नहीं करती है. जानकार बताते हैं कि ये कंपनियों खाद्य सुरक्षा वापस कर पुन: उसे दूसरे बाजार में बेच देता है.

क्या कहते हैं चिकित्सक

इस बाबत शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के खाद्य पदार्थ के सेवन से लोगों को आंत व लीवर में सूजन, अनपच की शिकायत, पेट में दर्द, कमजोरी, भूख की कमी, उल्टी हो सकती है. चिकित्सक डॉ सिंह ने कहा कि लोगों को मैनुफैरिंग व एक्सपायरी तिथि देख कर ही खरीदना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके अलावे खुले में रखे खाद्य पदार्थ का उपयोग भी नहीं करना चाहिए

क्या कहते हैं अधिकारी

फूड इंस्पेक्टर अजरुन प्रसाद ने बताया कि विभाग पूरी तरह सजग है. यदि इस तरह का मामला पाया जायेगा तो कंपनी व दुकानदारों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि विगत दिनों हुई छापेमारी में 11 मामले पकड़े गये हैं.

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