गांव के रंगमंच से सल्विर स्क्रीन तक अभिनय को किया साबित

Published at :14 Jan 2016 6:41 PM (IST)
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गांव के रंगमंच से सल्विर स्क्रीन तक अभिनय को किया साबित

गांव के रंगमंच से सिल्वर स्क्रीन तक अभिनय को किया साबित शख्सियतमिथिला मखाना से फिर चर्चित हुए पंकजफिल्म चमेली व मियां मकबूल से मिली प्रसिद्धि राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी समीक्षकों के केंद्र रहे अभिनेता पंकज झासहरसा के मुरादपुर गांव के रहने वाले हैं पंकजकुमार आशीष/सहरसा नगर फिल्म मानसून वेडिंग, चमेली, मियां मकबूल, […]

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गांव के रंगमंच से सिल्वर स्क्रीन तक अभिनय को किया साबित शख्सियतमिथिला मखाना से फिर चर्चित हुए पंकजफिल्म चमेली व मियां मकबूल से मिली प्रसिद्धि राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी समीक्षकों के केंद्र रहे अभिनेता पंकज झासहरसा के मुरादपुर गांव के रहने वाले हैं पंकजकुमार आशीष/सहरसा नगर फिल्म मानसून वेडिंग, चमेली, मियां मकबूल, कंपनी, ब्लेक फ्राइडे, गुलाल, मातृभूमि, अनवर जैसी बॉलीवुड की दर्जनों हिट फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता पंकज झा एक बार फिर अंतराष्ट्रीय स्तर पर बनी मैथिली फिल्म मिथिला मखाना को लेकर फिर चर्चा में है. रिलीज से पहले ही समीक्षकों के बीच चर्चित निर्देशक नितिन चंद्रा की यह फिल्म मिथिलांचल की धरोहर व कोसी नदी के बाढ़ पर केंद्रित है. इस फिल्म में पंकज ने मुख्य चरित्र अभिनेता ब्रह्मा सिंह की भूमिका में है. राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पूर्व में भी पंकज झा के अभिनय को लोग मनीष झा की फिल्म मातृभूमि-ए नेशन विदाउट वूमेन व भोजपुरी की चर्चित फिल्म देसवा में देख चुके हैं. यर्थाथवादी व गंभीर फिल्मों से पहचान बनाने वाले पंकज की अभिनय क्षमता दर्शकों ने बड़े परदे के अलावा टेलीविजन के छोटे परदे पर धारावाहिक काशी में भी देख चुके हैं.बाहुबली की छवि में दिखेंगे पंकज नितिन चंद्रा की फिल्म मिथिला मखाना में कोसी इलाके के बाहुबली व मखाना माफिया के किरदार को पंकज ने बखूबी निभाया है. इसमें दर्शकों को पंकज झा के गेटअप व संवाद में कोसी दियारा के बाहुबलियों की छवि उभरती दिखायी देगी. फिल्म की कहानी मिथिला पेटिंग, मखाना व कुसहा त्रासदी की दु:स्थिति पर केंद्रित है. पंकज ने भी अपनी संवाद अदायगी में मैथिली का उपयोग कर अपनी माटी का सम्मान किया है. मैथिली का यू टर्न होगा साबितफिल्म मिथिला मखाना का ट्रेलर जारी हो चुका है. समीक्षक अभी से इसे मैथिली सिनेमा का यू टर्न साबित होने वाला फिल्म मानने लगे है. चंपारण टॉकिज के लिए बनी इस फिल्म की कथा, पटकथा, तकनीक व अभिनय को अंतराष्ट्रीय मानक के अनुरूप रखा गया है. फिल्म की शूटिंग कनाडा, न्यूयार्क, सुपौल, कुसहा (नेपाल) व दरभंगा में हुई है. फिल्म में उदित नारायण, सुरेश वाडेकर व वंदना सिन्हा की आवाज बैकग्राउंड में भी दर्शकों को सुनायी देगी. मुरादपुर टू मुंबई का सफर जिले के मुरादपुर गांव निवासी पंकज झा ने मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद ही गृह नगर सहरसा में प्रयास नामक रंग संस्था की नींव डाली थी. बिहार आर्ट कॉलेज से बीएफए की डिग्री हासिल करने के बाद पंकज राष्ट्रीय स्तर के चित्रकार के रूप में भी चर्चित हुए. इसके बाद अभिनय की ललक पंकज को एनएसडी दिल्ली तक ले गयी. जहां उन्होंने वैतनिक अभिनेता के रूप में एनएसडी रंग मंडल को अपनी सेवा दी. हालांकि कुछ ही दिनों बाद पंकज ने मायानगरी मुंबई का रुख कर लिया. जहां वे अब भी काबिज हैं. फोटो- पंकज 1- अभिनेता पंकज झा

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