कोसी के विकास को लेकर क्षेत्रीय मंत्रियों की बढ़ी जम्मिेवारी

Published at :21 Nov 2015 6:43 PM (IST)
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कोसी के विकास को लेकर क्षेत्रीय मंत्रियों की बढ़ी जम्मिेवारी

कोसी के विकास को लेकर क्षेत्रीय मंत्रियों की बढ़ी जिम्मेवारी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्यगंधा के जीर्णोद्धार पर देना होगा ध्यान बंद पड़े प्रमंडलीय कारू खिरहरि संग्रहालय को भी खुलवाने की हो पहल प्रतिनिधि, सहरसा सदरनीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के बढ़ते विकास के बाद नयी सरकार के गठन होते ही कोसी […]

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कोसी के विकास को लेकर क्षेत्रीय मंत्रियों की बढ़ी जिम्मेवारी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्यगंधा के जीर्णोद्धार पर देना होगा ध्यान बंद पड़े प्रमंडलीय कारू खिरहरि संग्रहालय को भी खुलवाने की हो पहल प्रतिनिधि, सहरसा सदरनीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के बढ़ते विकास के बाद नयी सरकार के गठन होते ही कोसी क्षेत्र के विकास व पर्यटन के विकास को लेकर लोगों की उम्मीद जग गयी है. 10 साल सत्ता से अलग रहने के बाद राजद नेताओं के सत्ता में भागीदारी को लेकर कोसी क्षेत्र के विकास में उनके शासनकाल के दौरान कई अधूरी विकास की योजनाओं को पूरा किये जाने को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ने लगी हैं. खासकर मत्स्यगंधा की कई वर्षों से जीर्णोद्धार की आस है. राजद कोटे के क्षेत्रीय मंत्री प्रो अब्दुल गफूर, प्रो चन्द्रशेखर की जिम्मेदारियों पर लोगों की नजर है. तत्कालीन जिलाधिकारी तेजनारायण लाल दास के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन पर्यटन मंत्री अशोक कुमार सिंह के प्रयास से पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए श्मशान में तब्दील मत्स्यगंधा झील को स्वरूप देकर क्षेत्र में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला था. लेकिन कुछ ही वर्षों बाद सुंदर झील का स्वरूप पुन: जंगल में तब्दील हो गया. कुछ वर्ष तक नौकायन को लेकर यह जगह काफी रमणीक बन गया था. नौकायन के लिए दूर-दूर के लोग यहां आकर परिवार के साथ मनोरंजन करते थे. जो कुछ ही वर्षों के दौरान खत्म हो गया. कई वर्षों से मत्स्यगंधा के जीर्णोद्धार को लेकर स्थानीय संस्था से लेकर कई राजनीतिक दल के लोगों ने भी वर्तमान नीतीश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचायी. वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सेवा यात्रा के दौरान मत्स्यगंधा के जीर्णोद्धार को लेकर घोषणा भी की थी, जो सिर्फ घोषणा ही बनकर रह गयी. बंद पड़े संग्रहालय को भी खुलवायें नीतीश सरकार में शामिल राजद कोटे के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री व तत्कालीन राजद विधायक प्रो अब्दुल गफूर के विधायक कोष से निर्माण प्रमंडलीय संत बाबा कारू खिरहरि संग्रहालय भी कई वर्षों से बंद है. मत्स्यगंधा के निर्माण व चौंसठ योगिनी मंदिर धाम के निर्माण के बाद पर्यटन की दृष्टि से उत्खनन के दौरान कई दुर्लभ मूर्ति व अष्टधातु से निर्मित कई चीजों को अक्षुण्ण रखने के लिए संग्रहालय का निर्माण किया गया था. 10 फरवरी 2004 को उक्त संग्रहालय का उद्घाटन सरकार के तत्कालीन मंत्री डॉ रविन्द्र चरण यादव, विधानसभा उपाध्यक्ष भोला प्रसाद सिंह, विधायक प्रो अब्दुल गफूर की मौजूदगी में किया गया था. लेकिन इसके सही रखरखाव व सुरक्षा की कमी के कारण संग्रहालय में दुर्लभ मूर्ति व सिक्कों की चोरी के बाद, उद्घाटन के कुछ ही साल के बाद संग्रहालय को बंद कर दिया गया. तब से लेकर आज तक प्रमंडलीय संग्रहालय बंद पड़ा है. उक्त संग्रहालय को खुलवाने की दरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है. इसके पहल के लिए भी मौजूदा सरकार के क्षेत्रीय मंत्री प्रो अब्दुल गफूर को पहल कर संग्रहालय खुलवाने की जरूरत देख क्षेत्र के लोग मंत्री से उम्मीद लगायी है. फोटो-मत्स्यगंधा 3- वर्षों से बदहाल है मत्स्यगंधा झीलफोटो- मत्स्यगंधा 4- वर्षों से बंद पड़ा है कारू खिरहरी संग्रहालय

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