अगर हम जागरूक नहीं हुए,तो इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ सकता है शहर
Updated at : 17 Jan 2020 4:40 AM (IST)
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पूर्णिया : क्या आपको पता है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 शुरू हो चुका है. शहर की सफाई, कचरा निस्तारण समेत अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर क्या आपने अपना फीडबैक दे दिया है. नहीं, तो अभी से अपना फीडबैक देना शुरू कर दें. यह सर्वे 31 जनवरी तक चलेगा. आपके सर्वे के आधार पर ही केंद्रीय टीम […]
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पूर्णिया : क्या आपको पता है कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 शुरू हो चुका है. शहर की सफाई, कचरा निस्तारण समेत अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर क्या आपने अपना फीडबैक दे दिया है. नहीं, तो अभी से अपना फीडबैक देना शुरू कर दें. यह सर्वे 31 जनवरी तक चलेगा.
आपके सर्वे के आधार पर ही केंद्रीय टीम आपके अपना शहर को रैंकिंग देगी. यह टीम कभी भी जांच के लिए पूर्णिया धमक सकती है. इसलिए सफाई को अपनी आदत बनाएं. अगर कचरा उठने, झाड़ू लगने आदि को लेकर कोई दिक्कत है तो निगम से शिकायत करें. दरअसल, इस संबंध में जब आम नागरिकों से पूछा गया तो अधिकांश लोगों ने इससे अनभिज्ञता प्रकट की.
इधर, सर्वे को लेकर नगर निगम तैयारी का दावा तो कर रहा है पर अभी तक कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं हो पायी है. प्रचार-प्रसार की व्यवस्था भी काफी कमजोर है. इसलिए स्वच्छता की रैंकिंग में सुधार को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है.
गौरतलब है कि 2019 के सर्वेक्षण में पूर्णिया को 951.02 अंक के साथ तीन लाख की आबादी वाले श्रेणी में पूर्णिया का सूबे में 23वां स्थान था. हालांकि 2018 के मुकाबले एक अंक नीचे खिसका था. 2018 के स्वच्छता सर्वेक्षण में पूर्णिया का सूबे में 24 वें स्थान पर था. इसके पूछे रहने का सबसे बड़ा कारण डोर-टू डोर कचड़ा का उठाव नहीं होने, डस्टबिन नहीं लगने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट माना गया था. इस बार भी इस दिशा में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है. शहर में यत्र-तत्र कचरा पसरा हुआ है.
मोहल्ले में साफ-सफाई नदारद है. एकाध नालों को छोड़ दें तो अधिकांश नालों की महीनों से साफ-सफाई नहीं हुई है. हालांकि कुछ नालों की सफाई जारी है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर निगम कार्यालय में पब्लिक के लिए न तो शौचालय है और न ही यूरिनल की व्यवस्था है. नगर निगम क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन भी बेहतर नहीं हुआ है. कचरे से खाद बनाने का काम भी अभी अधूरा ही है. सत्तर हजार डस्टबीन में करीब पचास फीसदी ही वितरण किया जा सका है.
4000 अंक के लिए होगा मूल्यांकन: स्वच्छ सर्वेक्षण कुल 4000 अंकों का होगा. 4 जनवरी से 31 जनवरी 2020 के मूल्यांकन की अवधि होगी. उसके बाद रैंकिंग जारी की जायेगी. 31 जनवरी तक कभी भी केंद्र के अधिकारी निगम क्षेत्र का निरीक्षण कर सकते हैं. स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के लिए चार जनवरी से ही वोट फॉर स्वच्छता नाम के एप लांच किया जायेगा.
इस पर आम लोगों को फीडबैक देने के लिए विभिन्न माध्यमों से अपील की गयी है. केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार एप पर कम से कम शहरी निकाय की जनसंख्या के एक फीसदी लोगों का फीडबैक जरूरी होगा. तभी शहर को 1500 अंक की मार्किंग मिल पायेगी.
एप के अलावा केंद्र के मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अफेयर की स्वच्छता सर्वेक्षण शाखा की ओर से शहर के 1000 लोगों को सीधे फोन कर शहर के स्वच्छता हालात के बारे में जानकारी ली जायेगी. इसके अलावा टीम शहर में आकर दुकान, अपार्टमेंट क्षेत्र के लोगों का वीडियो बाइट भी लेगी. तब जाकर शहर को 1500 अंक मिल पायेगा.
स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे अंक के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. कमियों को दूर किया जा रहा है. सभी वार्डों में सड़क व नाले का निर्माण कराया जा रहा है. इसके अलावा शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर सार्वजनिक शौचालय का भी निर्माण कराया जा रहा है.
सविता देवी, मेयर, नगर निगम , पूर्णिया
स्वच्छता सर्वेक्षण टीम कभी भी आ सकती है. निगम की स्वच्छता के लिए कई महत्वपूर्ण काम किये जा रहे हैं. सार्वजनिक शौचालय का भी काम जारी है. शहर की स्वच्छता के लिए निगम कृतसंकल्पित हैं. उम्मीद करते हैं बेहतर अंक आयेंगे
विजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त, नगर निगम, पूर्णिया
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