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सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन में स्टूडेंट्स को हो रही दिक्कत, एनटीए ने इस बार एफएक्यू भी नहीं किया जारी

Updated at : 17 Mar 2025 8:10 PM (IST)
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सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन में स्टूडेंट्स को हो रही दिक्कत, एनटीए ने इस बार एफएक्यू भी नहीं किया जारी

सीयूइटी यूजी 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. सीयूइटी फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 22 मार्च है.

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– स्टूडेंट्स के सोशल मीडिया अभियान के बाद कई यूनिवर्सिटियों ने कहा उन्हीं सब्जेक्ट्स के लिए सीयूइटी यूजी में शामिल हों, जो 12वीं में पढ़े हैं

संवाददाता, पटना

सीयूइटी यूजी 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. सीयूइटी फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 22 मार्च है. लेकिन, सीयूइटी पैटर्न में बदलाव से छात्रों को सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन (सब्जेक्ट मैपिंग) चुनने में काफी कन्फ्यूजन है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह नियम तो लागू कर दिया है कि जो विषय 12वीं में नहीं पढ़ा है, उसमें भी सीयूइटी दे सकते हैं. लेकिन इसके साथ ही यह शर्त भी लगा दी है कि संबंधित यूनिवर्सिटी के कोर्स के एडमिशन नियमों को देखें. सीयूइटी एंट्रेंस टेस्ट को देखें, तो सबसे ज्यादा आवेदन दिल्ली यूनिवर्सिटी के लिए आ रहे हैं. डीयू समेत कई यूनिवर्सिटी ने यह साफ कर दिया है कि उन्हीं सब्जेक्ट्स के लिए सीयूइटी की परीक्षा में शामिल हों, जो 12वीं में पढ़े हैं. ऐसे में अब स्टूडेंट्स के लिए सब्जेक्ट मैपिंग करना बहुत मुश्किल हो रहा है. क्योंकि उन्हें हर यूनिवर्सिटी के एडमिशन क्राइटेरिया को देखना होगा. यह पता करना होगा कि एनटीए का नया नियम किन-किन यूनिवर्सिटीज में लागू है, किनमें नहीं?

सब्जेक्ट्स की जानकारी नहीं मिल रही इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में

एनटीए के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में 46 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज की लिस्ट है. सीयूइटी यूजी में इस बार 47 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, 42 स्टेट यूनिवर्सिटीज, 34 डीम्ड यूनिवर्सिटीज, 10 दूसरे सरकारी मदद वाले संस्थान, 169 प्राइवेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं. लेकिन इनमें सब्जेक्ट्स की जानकारी स्टूडेंट्स को नहीं मिल पा रही है.

एफएक्यू जारी नहीं होने से परेशानी

सीयूइटी यूजी के लिए एनटीए ने अभी तक फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन (एफएक्यू) की लिस्ट जारी नहीं की है, जबकि 2024 की एफएक्यू लिस्ट में 127 सवालों के जवाब थे. सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अधिकारी की मानें, तो एफएक्यू एक जरूरी प्रक्रिया होती है. उनका कहना है कि स्टूडेंट्स को एक जगह पर छोटे फॉर्मेट में उसके सभी सवालों के जवाब मिलने चाहिए. स्टूडेंट्स को कहीं से सही जवाब भी नहीं मिल रहा है. कन्फ्यूजन को दूर करने की कोई प्रक्रिया इस बार एनटीए ने शुरू नहीं की है. सीयूइटी फॉर्म फिल करने को लेकर अपने टीचर से स्टूडेंट्स सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन उनके आस पास मौजूद टीचर्स सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन को लेकर छात्रों को गाइड करने में असमर्थ हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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