उफान पर पुनपुन, बढ़ा बाढ़ का खतरा, रेलवे ट्रैक तक पहुंचा पानी, पटना-गया रूट पर परिचालन बंद

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : राजधानी में जलजमाव के बाद अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. गुरुवार की शाम पुनपुन नदी का पानी पटना-गया रेलखंड पर चढ़ जाने के कारण गया रूट पर चलने वाली ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया. शाम के बाद पटना से गया जाने वाली पांच पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गयीं, जबकि पटना से खुलने वाली गंगा-दामोदर, इस्लामपुर-हटिया और बरकाकाना पलामू एक्सप्रेस को वाया किऊल होकर बदले मार्ग से चलाया गया. शुक्रवार को भी इस खंड पर परिचालन प्रभावित रहेगा.

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पुनपुन नदी का जलस्तर गुरुवार को श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 293 सेंटीमीटर ऊपर था. इसमें शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक सात सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने की संभावना है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुनपुन सुरक्षा बांध की सर्तकता बढ़ा दी है. डीएम कुमार रवि लगातार पुनपुन में ही कैंप कर रहे हैं.
हालांकि जिला प्रशासन ने दावा किया है कि पुनपुन नदी पर बना पटना सुरक्षा बांध बिलकुल सुरक्षित है तथा पटना पर खतरा नहीं है. वहीं, बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर भी बिहारशरीफ-वेना के बीच लोकाइन नदी का पानी ट्रैक पर चढ़ने की वजह से ऐहतियातन इस खंड पर परिचालन पर रोक लगा दी है.
पुनपुन नदी का जल स्तर श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 293 सेंटीमीटर ऊपर
बांध की सुरक्षा बढ़ी, डीएम लगातार पुनपुन में कर रहे कैंप
पुनपुन का तीन साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
पुनपुन नदी अब तक के सर्वाधिक जलस्तर (वर्ष 2016 में 53.73 मीटर) के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 54 मीटर तक पहुंच गयी है. इसकी वजह से नदी का पानी पुनपुन बाजार समेत प्रखंड की चार पंचायतों लखना पूर्वी, लखनपार, बरावां एवं बेहरावां के आधा दर्जन से ऊपर गांवों में प्रवेश कर गया है. पेमार व पुनपुन पर अब भी खतरा बना हुआ है.
घाघरा में उफान, गंगा का घटा जल स्तर
पटना. पुनपुन और घाघरा को छोड़कर गुरुवार को गंगा और कोसी सहित सभी नदियों के जलस्तर में गिरावट दिखी. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से छह सेमी नीचे था, इसमें नौ सेमी कमी की संभावना है. वहीं पटना के दीघाघाट पर इसका जलस्तरखतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर था इसमें 22 सेमी कमी हो सकती है.
पटना के गांधीघाट पर यह खतरे के निशान से 89 सेमी ऊपर था, इसमें 22 सेमी की कमी हो सकती है. हाथीदह में यह खतरे के निशान से 96 सेमी ऊपर था, इसमें 10 सेमी कमी हो सकती है. मुंगेर में यह खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर था, इसमें सात सेमी कमी हो सकती है.
भागलपुर में यह खतरे के निशान से 72 सेमी ऊपर था, इसमें पांच सेमी कमी हो सकती है. कहलगांव में यह खतरे के निशान से 127 सेमी ऊपर था, इसमें एक सेमी कमी की संभावना है. साहेबगंज में यह खतरे के निशान से 130 सेमी ऊपर था, इसमें विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है.
सोन में कमी, पुनपुन में बढ़ोतरी
सोन नदी का जलस्तर मनेर में खतरे के निशान से 46 सेंमी ऊपर था, इसमें 34 सेमी कमी हो सकती है. घाघरा नदी दरौली में पांच और गंगपुरसिसवन में चार सेमी बढ़ सकती है, इसके बाद भी यह खतरे के निशान से नीचे रहेगी. गंडक नदी डुमरियाघाट में खतरे के निशान से 46 सेमी नीचे थी, इसमें आठ सेमी कमी हो सकती है. यह हाजीपुर में खतरे के निशान से 87 सेमी नीचे थी, इसमें नौ सेमी की कमी हो सकती है.
बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में खतरे के निशान से 170 सेमी ऊपर थी, इसमें 10 सेमी कमी हो सकती है. बागमती नदी रुन्नी सैदपुर में खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर थी, इसमें विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. अधवारा समूह कमतौल में खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर थी, इसमें विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है.
कमला बलान और कोसी में हो रही कमी
कमला बलान जयनगर और झंझारपुर में खतरे के निशान से नीचे है और घट रही है.
कोसी नदी का जलस्तर बलतारा में खतरे के निशान से 115 सेमी ऊपर था, इसमें पांच सेमी की कमी हो सकती है. कुरसेला में यह खतरे के निशान से 160 सेमी ऊपर थी, इसमें 11 सेमी की कमी हो सकती है. महानंदा नदी झावा में खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर थी, इसमें 18 सेमी कमी की संभावना है. परमान नदी का जलस्तर अररिया में खतरे के निशान से 56 सेमी ऊपर था, इसमें छह सेमी कमी हो सकती है.
राज्य में ठनका और आंधी का अलर्ट
पटना. दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. हालांकि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आंधी-पानी और ठनका को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. राजधानी पटना के इलाकों में भारी बारिश की संभावना करीब-करीब टल चुकी है. राजधानी में शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है.
आइएमडी की वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आनंद शंकर ने बताया कि पूरे प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की आशंका नहीं है.केवल ठनका और आंधी आने का पूर्वानुमान है. मानसूनी सिस्टम छपरा से ऊपर नहीं बढ़ा है. इसी की वजह से पटना में बारिश नहीं हुई. वर्तमान में मानसून सिस्टम पूर्वी उत्तरप्रदेश में सक्रिय है.
बिहार के अलावा झारखंड तक इसके पहुंचने का पूर्वानुमान है. हालांकि भारी बारिश का पूर्वानुमान कहीं के लिए नहीं है. गौरतलब है कि बुधवार को पटना सहित दक्षिण-पश्चिम बिहार के पांच-छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था.
आज आयेगी केंद्रीय टीम
पटना. राज्य में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति का जायजा लेने शुक्रवार को केंद्रीय टीम आयेगी. टीम के सदस्य शाम चार बजे पटना पहुंचेंगे. इसके बाद बाढ़ग्रस्त जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लेंगे. गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव जी रमेश कुमार की अध्यक्षता में आ रही केंद्रीय टीम में वीरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार सिंह, आरपी सिंह, एचआर मीणा और लवकुश सिंह सदस्य के रूप में रहेंगे.
केंद्रीय टीम जिलों का मुआयना कर राज्य सरकार द्वारा दोबारा भेजी गयी क्षति की रिपोर्ट का आकलन करेगी. साथ ही नये इलाकों में फैली बाढ़ के हालात का भी जायजा लेगी. इधर, बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को चार और एनडीआरएफ की कंपनियां उपलब्ध करायी हैं.
राज्य के 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित 18.70 लाख को राहत पहुंचाने के लिए 21 एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को लगाया है. गुवाहाटी से चार टीमों को राहत-बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है. आपदा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अबतक बारिश के बाद 73 लोगों की मौत हुई है और नौ लोग घायल हुए हैं.
जल बना जंजाल
  • मसौढ़ी में राहत को लेकर हंगामा फायरिंग, सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल
  • नेपालीनगर व न्यू बाइपास के लोगों ने जाम की सड़क
  • पटना शहर की 80 प्रतिशत एटीएम बंद एलपीजी सिलिंडर का बैकलॉग बढ़ा
  • डिप्टी सीएम ने की समीक्षा बैठक, लिया स्थिति का जायजा
  • पटना शहर में बढ़ रहे डेंगू व डायरिया के मामले
  • पटना के आसपास में अलग-अलग जगहों पर डूबने से 11 लोगों की गयी जान
  • आपदा विभाग ने अब तक 73 की मौत की पुष्टि की है
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