पटना : मादक पदार्थों के तस्करों की संपत्ति होगी जब्त

Updated at : 08 Aug 2019 7:52 AM (IST)
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पटना : मादक पदार्थों के तस्करों की संपत्ति होगी जब्त

पटना : राज्य में शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में चार से पांच गुणा की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही इनकी जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी की कार्रवाई भी तेज हुई है. अब इसमें शामिल तस्करों की संपत्ति की जब्त करने के लिए इससे जुड़ी जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई करने जा […]

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पटना : राज्य में शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में चार से पांच गुणा की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही इनकी जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी की कार्रवाई भी तेज हुई है. अब इसमें शामिल तस्करों की संपत्ति की जब्त करने के लिए इससे जुड़ी जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई करने जा रही हैं.
इसके तहत डीआरआइ (डॉयरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस), एनसीबी (नॉरकोटिक कंट्रोल ब्यूरो) और इओयू (आर्थिक अपराध इकाई) अपने-अपने स्तर पर तस्करों की संपत्ति एनडीपीएस (नॉरकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांस) एक्ट के तहत जब्त करने की कवायद शुरू करने जा रही है. मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े सभी मामले एनडीपीएस एक्ट में ही दर्ज होते हैं और इसी में तस्करों की गिरफ्तारी भी होती है. अब तस्करों की अवैध संपत्ति भी जब्त होगी. मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए हाल में हुई तमाम जांच एजेंसियों की बैठक में इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.
मौजूदा व्यवस्था के अंतर्गत बिहार में किसी तस्कर की संपत्ति की जब्ती के लिए प्रस्ताव इडी (प्रवर्तन निदेशालय) को भेजा जाता है. ताकि उस पर पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉडरिंग एक्ट) के तहत कार्रवाई करके उसकी संपत्ति जब्त की जा सके. इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है.
पिछले चार साल में मुंगेर के मो. नौशाद समेत दो या तीन तस्करों की ही संपत्ति जब्त हो पायी है. पीएमएलए में दूसरे कई तरह के बड़े अपराधियों के मामले भी बड़ी संख्या में दर्ज होने के कारण भी सिर्फ मादक पदार्थों के तस्करों के मामले में कार्रवाई करने में देरी होती है. इन तमाम बातों के मद्देनजर संबंधित जांच एजेंसियां एनडीपीएस एक्ट में ही संपत्ति जब्ती करने जा रही हैं.
इसलिए पड़ी इसकी जरूरत : पिछले चार साल के दौरान बिहार में सभी जांच एजेंसियों ने मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल एक हजार 550 तस्करों को गिरफ्तार किया है और लगभग एक हजार मामले दर्ज किये हैं.
इसमें एनसीबी ने 300 से ज्यादा, डीआरआइ ने 50 से अधिक और सबसे ज्यादा इओयू (थाना स्तर पर हुई जब्ती इसमें शामिल) ने एक हजार 200 से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया है. इतनी बड़ी संख्या में तस्करों की गिरफ्तारी के बाद इन पर कार्रवाई तेज करने के लिए यह निर्णय लिया गया है, जिसमें इनकी संपत्ति की जब्ती सबसे अहम कार्रवाई है.
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