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पटना : विवि में नॉन टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति एसएससी से

Updated at : 22 Feb 2019 7:32 AM (IST)
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पटना : विवि में नॉन टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति एसएससी से

पटना : आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवन के उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य के सभी विवि में शिक्षकेतर कर्मचारियों के सभी पद अब राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरे जायेंगे. इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. राज्य के तीन नये विवि पाटलिपुत्र, पूर्णिया और मुंगेर में […]

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पटना : आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवन के उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य के सभी विवि में शिक्षकेतर कर्मचारियों के सभी पद अब राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरे जायेंगे.
इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. राज्य के तीन नये विवि पाटलिपुत्र, पूर्णिया और मुंगेर में तो शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति नये सिरे से होनी है.
लेकिन पुराने 13 विवि में शिक्षकेतर कर्मियों की संख्या महज 10 से 12 हजार बची है, जबकि इनके स्वीकृत पदों की संख्या 25 से 30 हजार है. इस तरह आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं. 1983-84 के बाद से किसी विवि में शिक्षकेतर कर्मियों की नियुक्ति ही नहीं हुई है. बीच-बीच में अनुकंपा के आधार पर कुछ लोगों की नियुक्ति हुई है.
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को अपने गौरवशाली इतिहास को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट काम करने की जरूरत है. नयी पीढ़ी इस दिशा में सोचने लगे, तो बिहार आसानी से ऐतिहासिक गौरव को प्राप्त कर सकता है. बिहार के इतिहास के प्रति सम्मान और ज्ञान प्राप्त करने के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) के नये भवन के अलावा इग्नू और विभिन्न जिलों में शिक्षा विभाग के 402 शैक्षणिक भवनों का उद्घाटन किया. सीएम ने विवि के कुलपति और उपकुलपति को कहा कि इसे परंपरागत विश्वविद्यालय मानकर काम नहीं करें. सिर्फ बीएड या अन्य कोर्स के संचालन में ही व्यस्त नहीं रहें.
यह विशेष विश्वविद्यालय है, जिसका कंसेप्ट ज्ञान के हब या सेंटर के रूप में विकसित करना है. यहां तीन नये इंस्टीट्यूट या विभाग एस्ट्रोनॉमी (खगौलीय विज्ञान), स्टेम सेल विज्ञान और जीयोग्राफी (भूगोल) शुरू किये जायेंगे. इन कोर्सों को जल्द शुरू करने के लिए उन्होंने विवि प्रशासन को तेजी से कवायद करने को कहा. आने वाले समय में फिलॉस्फी (दर्शनशास्त्र) की भी पढ़ाई होगी.
सीएम ने कहा कि यहां नैनो साइंस या टेक्नोलॉजी का सेंटर शुरू किया गया है, जिसमें शोध कार्य किया जायेगा. रिवर फ्रंट स्टडी भी यहां शुरू किया गया है.
इसके अलावा पाटलिपुत्र इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स और जर्नलिज्म की पढ़ाई भी जल्द शुरू होगी. इस तरह से सात विशिष्ट विषयों के इंस्टीट्यूट या विभाग यहां शुरू किये जायेंगे. यहां रिवर फ्रंट स्टडी इंस्टीट्यूट को स्थापित करने के लिए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश अपने सांसद निधि कोष से राशि दे रहे हैं.
इसी तरह अन्य विषयों के लिए सीएम ने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अपने फंड से राशि देने की बात कही. इसी बीच मंच पर बैठे एमएलसी रणवीर नंदन ने अपने फंड से दो करोड़ देने की घोषणा सीएम से कराने के लिए कागज बढ़ाया. इस पर सीएम ने हंसते हुए कहा कि रखिए इसे, इतने से काम नहीं चलेगा, सब मिलकर देंगे, तब कुछ ठोस पहल होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे इलाके को शिक्षा हब बनाया जा रहा है. मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विवि के भवन का शिलान्यास यहीं पर 25 फरवरी को होगा. मौजूदा बस स्टैंड के दूसरे स्थान में शिफ्ट होने पर वहां पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का भवन बनेगा. पहले से चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी और चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान चल रहे हैं.
चंद्रगुप्त के प्रबंधन कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि कभी चाणक्य को नाराज होने नहीं दिया. हमेशा मैनेज करके रखा. इसलिए उनके नाम पर प्रबंधन संस्थान का नाम रखा गया है. कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने भी संबोधित किया.
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