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पटना : समाज को दिशा देने के लिए शोध जरूरी : सीएम नीतीश कुमार

Updated at : 21 Feb 2019 6:33 AM (IST)
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पटना : समाज को दिशा देने के लिए शोध जरूरी : सीएम नीतीश कुमार

जगजीवन राम शोध संस्थान के नये भवन का उद्घाटन पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए शोध जरूरी है. शोध के लिए सभी उम्र के लोग आगे आये, इसके लिए गाइडलाइन को बदलने के लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया. बुधवार को जगजीवन राम […]

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जगजीवन राम शोध संस्थान के नये भवन का उद्घाटन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए शोध जरूरी है. शोध के लिए सभी उम्र के लोग आगे आये, इसके लिए गाइडलाइन को बदलने के लिए उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया.
बुधवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान के नये भवन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र प्रणाली सबसे बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्था है, जिसमें जनता मालिक होती है.
लोकतंत्र में परसेप्शन का बड़ा प्रभाव है, लेकिन यह हकीकत पर आधारित होना चाहिए. इस दौरान सीएम ने ‘नया बिहार’ पुस्तक का विमोचन किया. उन्होंने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इसके जरिये सभी एमएलसी और एमएलए को प्रशिक्षण देना चाहिए, खासकर जो पहली बार निर्वाचित हुए हैं.
जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण के लिए खासतौर से दस्तावेज तैयार किये जाये. उन्होंने कहा कि इसके लिए संस्थान में अधिक पदों का सृजन किया जाये. निदेशक की देखरेख में एक टीम बनाने की जरूरत है, जिसमें विशेषज्ञों से लेकर युवा पीढ़ी तक को जोड़ा जाये. इसे सरकारी संस्थान मानकर काम नहीं करें. शोध संस्थान उच्च स्तर का काम करे.
सीएम ने कहा कि सरकार के किसी फैसले या योजना पर फील्ड में जाकर सर्वे किया जाये, ताकि लोगों से इसका सही आउटपुट मिल सके. पुरानी घटनाओं और ऐतिहासिक मामलों से जुड़े दस्तावेज संरक्षित करके यहां समाहित किये जाये. आजादी के बाद 1974 का आंदोलन सबसे बड़ा आंदोलन है.
इसका नेतृत्व जेपी के संभालने पर इसने जन आंदोलन का रूप ले लिया. आरक्षण देने के बाद कर्पूरी को क्या-क्या झेलना पड़ा. नयी पीढ़ी को इस तरह की तमाम बातों और ऐसी जानकारियों से अवगत करानी चाहिए, जो कहीं नहीं छपी हैं.
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने संस्थान को तीन सुझाव देते हुए कहा कि बिहार से जुड़ी तमाम किताबें यहां रखी जाएं. 1947 से 1977 के बीच का इतिहास रिसर्च करके लिखा जाये. 1990, 2005 राजनीति के टर्निंग प्वाइंट हैं, इन पर अलग से काम हो. कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा और सीएम के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. शिक्षा प्रधान सचिव आरके महाजन ने स्वागत संबोधन और संस्थान के निदेशक श्रीकांत ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.
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