पटना : अगले साल बिहार दिवस के मौके पर पूरे राज्य को बनाएं ओडीएफ : सुशील मोदी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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विश्व शौचालय दिवस पर सीतामढी, रोहतास, शेखपुरा व पूर्वी चंपारण के डीएम हुए सम्मानित
पटना : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य को आगामी बिहार दिवस (22 मार्च 2019) तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए. उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि इस दिन के पहले तक मिशन मोड में काम करते हुए इस लक्ष्य को हर हाल में हासिल करें. वे विश्व शौचालय दिवस के मौके पर सोमवार को ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि जिस गति से शौचालय का निर्माण कार्य जिलों में हो रहा है, उस आधार पर इसलक्ष्य को हासिल करना बहुत कठिन नहीं है. सभी अधिकारियों से कहा कि वे इस लक्ष्य को हासिल करने में पूरी तरह से जुट जाएं. उन्होंने कहा कि देश के 25 से अधिक राज्य खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं. शेष सात राज्यों में बिहार है, जो जल्द ही ओडीएफ घोषित होने जा रहा है.
गांधीजी की 150वीं जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर 2019 के पूर्व राज्य को स्वच्छ बनाने के इस मिशन का जश्न हर हाल में मनाया जायेगा.
यही बापू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2013 में यह संकल्प लिया था कि 2 अक्टूबर 2019 तक देश को ओडीएफ घोषित कर देना है. इससे पहले बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोहिया स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर दी थी.
सभी अतिथियों ने पौधारोपण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए पौधों में पानी देकर कार्यक्रम की शुरुआत की. कार्यक्रम के दौरान 'गांव-शहर हो मेरा साफ, इसमें हो हम सब का हाथ' स्लोगन दिया गया.
उपमुख्यमंत्री ने इस मौके पर शौचालय निर्माण में बेहतर कार्य करने वाले डीएम, डीडीसी समेत अन्य अधिकारियों को सम्मानित किया. जिन जिलों के डीएम सम्मानित हुए उसमें सीतामढी, रोहतास, शेखपुरा एवं पूर्वी चंपारण शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने स्लोगन प्रतियोगिता के चयनित प्रतिभागियों को भी इस कार्यक्रम में पुरस्कृत किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह आम कहावत है कि लोगों की प्रवृत्ति और हस्ताक्षर नहीं बदलता है, लेकिन बिहार के लोगों ने खुले में शौच जाने की आदत को बदलते हुए इसे गलत साबित कर दिया है. उन्होंने स्वच्छता से संबंधित नारा देते हुए कहा कि शौचालय बनाना होगा, स्वच्छ जल पीना होगा और हर आदमी को एक-एक पौधा लगाना होगा. यह सिर्फ शौचालय बनाने का अभियान नहीं है, बल्कि व्यवहार बदलने का अभियान है.
मिशन मोड में हो रहा है काम
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जहां राज्य में शौचालय निर्माण का प्रतिशत 22.41 था और आज यह बढ़कर 82.40 प्रतिशत हो गया है. जून 2016 में राज्य सरकार ने यह कार्य ग्रामीण विकास विभाग को सौंपा था.
तब से इस काम को मिशन मोड में कराया जा रहा है. वर्तमान में 24 जिलों में शौचालय का प्रतिशत 70 से अधिक है. सबसे कम शौचालय निर्माण वाले जिलों में दरभंगा (68.35 प्रतिशत) और पूर्णिया (69.08 प्रतिशत) शामिल हैं. राज्य में करीब एक करोड़ 31 लाख परिवारों के पास शौचालय उपलब्ध हो चुके हैं. अप्रैल 2018 से अब तक 37 लाख से अधिक शौचालय का निर्माण पूरा कराया जा चुका है.
इसके अलावा दो लाख दो हजार से अधिक सामुदायिक शौचालय उपलब्ध हो चुके हैं. मंत्री ने कहा कि 50 हजार स्वच्छताग्राही के साथ-साथ 40-50 हजार राज मिस्त्री को भी निर्माण का प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है. इस कार्यक्रम में यूनिसेफ के प्रतिनिधि एम. असैदुर रहमान, विभागीय सचिव अरविंद कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
जहानाबाद हुआ ओडीएफ घोषित : सीतामढ़ी, रोहतास, शेखपुरा, मुंगेर, नालंदा, बेगूसराय, बक्सर, नवादा, पूर्वी चंपारण, शिवहर, कैमूर पहले से ही ओडीएफ घोषित हो चुके हैं. इन जिलों के प्रत्येक परिवार के पास शौचालय उपलब्ध हो गया है. कार्यक्रम के दौरान जहानाबाद को भी ओडीएफ घोषित कर दिया गया. अब तक राज्य के 138 प्रखंड, 2963 ग्राम पंचायत और 15 हजार गांव खुले में शौच से मुक्‍त हो चुके हैं.
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