कोरम रह गया अधूरा, कलाकारों को नहीं मिलेगा बिहार कला पुरस्कार

Updated at : 11 Oct 2018 8:22 AM (IST)
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कोरम रह गया अधूरा, कलाकारों को नहीं मिलेगा बिहार कला पुरस्कार

पटना : बिहार सरकार का कला एवं संस्कृति महकमा प्रत्येक वर्ष 18 अक्टूबर को बिहार कला दिवस मनाता है. इस दिन चाक्षुष एवं प्रदर्श कला के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले करीब दो दर्जन कलाकारों को बिहार कला पुरस्कार दिया जाता है. लेकिन इस वर्ष यह पुरस्कार किसी कलाकार को नहीं दिया जायेगा. इसकी […]

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पटना : बिहार सरकार का कला एवं संस्कृति महकमा प्रत्येक वर्ष 18 अक्टूबर को बिहार कला दिवस मनाता है. इस दिन चाक्षुष एवं प्रदर्श कला के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले करीब दो दर्जन कलाकारों को बिहार कला पुरस्कार दिया जाता है. लेकिन इस वर्ष यह पुरस्कार किसी कलाकार को नहीं दिया जायेगा.
इसकी मुख्य वजह अवार्ड देने वाली कमेटी का कोरम पूरा नहीं होने से इसके स्तर पर कलाकारों का चयन नहीं होना है. साथ ही पुरस्कार देने के लिए तैयार की गयी नियमावली में भी अहम बदलाव अब तक नहीं हो पाये हैं, इस कारण से भी इस बार कलाकारों का चयन नहीं हो पाया है.
पिछले वर्ष यह पुरस्कार बिहार कोकिला शारदा सिन्हा समेत राष्ट्रीय और राज्य स्तर के 24 महान कलाकारों को दिया गया था. इस बार यह आयोजन ही नहीं हो रहा है. कला संस्कृति विभाग ने पुरस्कार बांटने के लिए सभी कलाकारों से अपनी-अपनी प्रविष्टि मांगी थी. इसके लिए वकायदा विभाग के स्तर पर 30 मई को सूचना निकाली गयी थी, जिसमें आवेदन करने के लिए 31 जुलाई तक अंतिम तारीख रखी गयी थी.
कमेटी की बैठक ही नहीं हुई
पुरस्कार देने के लिए कलाकारों का चयन करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है. इसमें ललित कला अकादमी और बिहार संगीत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष के अलावा कला संस्कृति निदेशक, उपेंद्र महारथी शिल्प कला संस्थान के निदेशक, शास्त्री गायक डॉ शांति जैन, लोक कलाकार करंट लाल नट और जाने-माने पेंटर मनोज कुमार बच्चन शामिल थे.
पर इस चयन कमेटी का कोरम ही पूरा नहीं होने से कमेटी की कोई बैठक ही नहीं हुई, जिससे कलाकारों का चयन हो सके. ललित कला अकादमी और संगीत नाट्य अकादमी के अध्यक्ष का पद खाली होने से इस कमेटी का कोरम अधूरा ही रह गया. इस वजह से कलाकारों का चयन नहीं हो पाया. बिना इस कमेटी की अनुशंसा के कलाकारों का चयन पुरस्कार के लिए तभी हो सकता है, जब इसकी नियमावली में अहम संशोधन किया जा सके.
तो संशोधन की कवायद हुई शुरू
इसके अलावा कला पुरस्कार को देने के लिए जब कमेटी का कोरम नहीं गठित हो पाया, तो विभाग ने इसके लिए नियमावली में जरूरी अहम संशोधन करने की कवायद तो शुरू की, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो पाया है. इस वजह से इस माध्यम से भी कलाकारों का चयन नहीं हो सका और अंत में अब जब समय नजदीक आ गया है, तो अब कुछ करने का विकल्प भी विभाग के पास नहीं रहा है. ऐसे में इस वर्ष बिहार कला पुरस्कार कलाकारों को नहीं दिया जायेगा.
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