फुलवारीशरीफ : संवेदनशील बनें पुलिस अफसर तभी मिलेगा सम्मान: डीजी
Author Prabhat khabar digital desk
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फुलवारीशरीफ : भिक्षाटन की समस्या और मानव तस्करी को रोकना पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है. आज ओल्ड एज, मानव तस्करी, शोषण, मादक कारोबार आदि समस्याओं के बढ़ने के पीछे समाज में मूल्यों के प्रति गिरावट होना है. जिस समाज के लोगों के मूल्यों में गिरावट आती है उनका नैतिक पतन होने लगता है, जिससे […]
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फुलवारीशरीफ : भिक्षाटन की समस्या और मानव तस्करी को रोकना पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है. आज ओल्ड एज, मानव तस्करी, शोषण, मादक कारोबार आदि समस्याओं के बढ़ने के पीछे समाज में मूल्यों के प्रति गिरावट होना है.
जिस समाज के लोगों के मूल्यों में गिरावट आती है उनका नैतिक पतन होने लगता है, जिससे आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हो जाती है. पुलिस की नौकरी में अक्सर संवेदना की कमी हो जाती है . पुलिस अफसरों को संवेदनशील होना चाहिए. तभी सम्मान मिलेगा. ये बातें वाल्मी के विपार्ड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस एवं बिहार पुलिस अकादमी द्वारा सामाजिक सुरक्षा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर डीजी बिहार पुलिस अकादमी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहीं.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक और पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक डॉ परवेज अख्तर ने बताया की निरंतर लोक अदालत एवं जिला न्यायायिक सेवा प्राधिकार के मेंबर उमाकांत प्रसाद और समाज कल्याण विभाग के जिला प्रोग्राम ऑफिसर अविनाश कुमार ने भी समापन अवसर पर प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया .
अंत में भागलपुर हेडक्वार्टर डीएसपी रमेश कुमार ने कहा कि भागलपुर में रेलवे स्टेशनों से ड्रग्स एडिक्ट बच्चों को लाकर बाल गृह में कैद कर दिया जाता है. जहां कोई भी पढ़ाई और खेलकूद की व्यवस्था नहीं है, जिससे बच्चों में भागने की प्रवृत्ति डेवलप होती है.
समापन अवसर पर डीजी गुप्तेश्वर पांडेय ने प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले डीएसपी और एएसपी स्तर के सभी अफसरों को प्रमाणपत्र देकर उनकी हौसला अफजाई की.
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