‘आपदा से सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी’

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा है कि इस क्षेत्र में सराहनीय काम हुआ है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जो भी काम हुआ वह पर्याप्त नहीं है. अनेक कमियां हैं जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है.

वे मंगलवार को मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम में विद्यालय सुरक्षा दिवस के दौरान बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सुरक्षित बिहार के लिए बच्चों को जागरूक करना आवश्यक है. यह ऐसे ही कार्यक्रम से किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं. किसी भी आपदा से उन्हें बचाने की जरूरत है. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी ने कहा कि बिहार में केवल समुद्री तूफान को छोड़कर हर तरह की आपदा आती है. इसमें भूकंप, बाढ़, आग, चक्रवाती तूफान, ठनका, नदी में डूबना, सर्पदंश व सड़क दुर्घटना शामिल हैं. इनमें से सड़क दुर्घटना से बिहार में हर साल करीब 5000 लोगों की मौत हो जाती है.

76 हजार स्कूलों में मॉक ड्रिल

व्यासजी ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए स्कूलों में बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसके तहत एक जुलाई से 15 जुलाई, 2017 तक मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जा रहा है. इसी क्रम में चार जुलाई को विद्यालय सुरक्षा दिवस के तहत पूरे राज्य के 76 हजार स्कूलों में आयोजन हुआ.

पटना में इसका उद्घाटन करने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आने वाले थे, लेकिन बीमार होने की वजह से नहीं आ सके.

5000 बच्चे रहे मौजूद

पटना के गांधी मैदान में इस कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग दर्जनभर स्कूलों के करीब 5000 बच्चे शामिल हुये. सभी ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ मिलकर आपदा से बचाव का मॉक ड्रिल किया. इस दौरान उन्होंने कुछ विशेष गुण भी सीखा.

इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य यूके मिश्र, यूनिसेफ के स्टेट चीफ, आयुष के महानिदेशक डॉ सतेंद्र और बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक संजय सिंह मौजूद रहे.

बारिश की मॉनीटरिंग का निर्देश

इस बार बाढ़ की तैयारी के बारे में एक सवाल के जवाब में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी ने कहा कि हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गयी है. हर जिले में नावों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैयार हैं. हर दिन बारिश की स्थिति जानने के लिए सभी जिले के डीएम को प्रतिदिन मॉनीटरिंग का निर्देश दिया गया है.

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