यहां चिकत्सिक नहीं, मिलेंगे जुआरी

Published at :28 Oct 2015 6:51 PM (IST)
विज्ञापन
यहां चिकत्सिक नहीं, मिलेंगे जुआरी

यहां चिकित्सक नहीं, मिलेंगे जुआरी जुआरियों का अड्डा बना धमौल अतिरिक्त प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रडॉक्टर व कर्मचारी के नहीं रहने से लटका रहता है तालाफोटो-2प्रतिनिधि, धमौलनवादा, जमुई व शेखपुरा जिलों की सीमा पर स्थित धमौल बाजार व आस-पास के गांवों के लोग पिछले कई सालों से स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है़ं सरकारी स्तर पर आस-पास […]

विज्ञापन

यहां चिकित्सक नहीं, मिलेंगे जुआरी जुआरियों का अड्डा बना धमौल अतिरिक्त प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रडॉक्टर व कर्मचारी के नहीं रहने से लटका रहता है तालाफोटो-2प्रतिनिधि, धमौलनवादा, जमुई व शेखपुरा जिलों की सीमा पर स्थित धमौल बाजार व आस-पास के गांवों के लोग पिछले कई सालों से स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है़ं सरकारी स्तर पर आस-पास के गांवों के लोगों के लिए यहां अतिरिक्त उप स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) की स्थापना की गयी थी़ लेकिन, विभागीय उपेक्षा के कारण यह केंद्र मृतप्राय है़ यहां आने वाले मरीजों को दवा व उपचार होने की बात तो, दूर चिकित्सक व किसी कर्मचारी से भी मुलाकात नहीं होती है़ यह एपीएचसी फिलहाल जुआरियों के लिए सुरक्षित अड्डा बना है़ अस्पताल के कमरों में ताला लगा है़ यह जरूर है कि यहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मिले-न-मिले, लेकिन सुबह से शाम ढलने तक तास के पत्ते फेंटते लोग जरूर मिल जायेंगे़ गांव के लोगों का कहना है कि इस एपीएचसी के लिए डॉक्टर आरके निषाद सहित दो नर्स आशा सिंहा व इंदू देवी पदस्थापित हैं, लेकिन विडंबना यह है कि एक दिन भी इनका दर्शन यहां हो जाये़ बॉर्डर इलाका होने के कारण यहां दोनों जिलों के कई गांवों के लोगों का आना-जाना होता है़ साथ ही यह इलाका भी नक्सल ग्रस्त है़ यहां के लोगों को सरकारी स्तर पर किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है़ ग्रामीणों के स्वास्थ्य का जिम्मा पूरी तरह झोला छाप डॉक्टर पर ही टिका है़ बताया जाता है कि इस क्षेत्र से लगभग 12 किलोमीटर दूर पकरीबरावां व 35 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंच कर ही बेहतर सेवाएं ली जा सकती हैं.बोले स्थानीय ग्रामीणपूर्व सांसद डॉ भोला सिंह व निवर्तमान विधायक प्रदीप कुमार को लगातार इससे अवगत कराया गया था़ लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ.संतोष कुमार वर्णवाल, धमौलअस्पताल की इस दुर्दशा पर स्थानीय लोगों में रोष है़ इसे ठीक नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जायेगा.सिंधु वर्मा, समाजसेवी, धमौलयह अस्पताल तीन जिलों की सीमा पर स्थित है. ग्रामीण सेवा के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण है़ अधिकारियों को पहल करनी चाहिए.अजीत भारती, शिक्षक, धमौलमीडिया में भी खबरेंं प्रमुखता से प्रकाशित होते रही है़ पीएचसी से लेकर सिविल सर्जन तक शिकायत की गयी है़ अब तक कुछ नहीं हो पाया है.सुनैना देवी, मुखिया, धमौलबोले प्रभारीभवन के निर्माण की वजह से न ही डॉक्टर जा रहे थे और न ही नर्स जा रही थी. भवन का निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ. इसलिए सिविल सर्जन को इस विषय में रिपाेर्ट किया गया है.डॉ बी दयाल, प्रभारी चिकित्सा प्रभारी

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन