नवादा : बरसात में बढ़ा डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा, स्वास्थ्य विभाग सर्तक, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Jul 2019 7:27 AM (IST)
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नवादा नगर : बरसात शुरू होते ही डेंगू व चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है. मच्छरों से फैलने वाले इन दोनों रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग पूर्व से ही सतर्क है एवं इसके लिए जरूरी कार्यवाही पर ध्यान दे रही है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के साथ जरूरी […]
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नवादा नगर : बरसात शुरू होते ही डेंगू व चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है. मच्छरों से फैलने वाले इन दोनों रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग पूर्व से ही सतर्क है एवं इसके लिए जरूरी कार्यवाही पर ध्यान दे रही है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के साथ जरूरी दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. जिले में पिछले वर्ष डेंगू के मरीज मिले थे. बार इस बीमारी की रोकथाम के लिए अभी से पहल हो रही है.
रोकथाम के लिए रैपिड रेस्पांस टीम का हुआ गठन
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ उमेश चंद्र ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोगों से निबटने के लिए जिले में रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन किया गया है.
जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर पर आम लोगों में इन रोगों के प्रति जागरूकता व इलाज की सटीक जानकारी देने के साथ आपातकाल स्थिति में सक्रिय रहने की जिम्मेवारी इस टीम को दी गयी है. जिला व ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों के साथ आशा व एएनएम को प्रशिक्षण भी प्रदान कराया गया है. मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू कर दिया गया है.
ऐसे करें बचाव
- घर में साफ-सफाई पर ध्यान रखें, कूलर व गमले का पानी रोज बदलें
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें. मच्छर भागने वाले क्रीम का इस्तेमाल दिन में करें
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने व कमरों की साफ-सफाई के साथ उसे हवादार रखें
- आसपास गंदगी जमा नहीं होने दें. जमा पानी व गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें
- खाली बर्तन व सामान में पानी जमा नहीं होने दें, जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल डालें
घबराएं नहीं, इलाज है संभव
- प्रत्येक बुखार डेंगू या चिकनगुनिया नहीं होता. इसलिए लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं
- डेंगू व चिकनगुनिया की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है
- समय पर उपचार होने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं
- पूर्व में डेंगू से पीड़ित होनेवाले लोग अत्यधिक सतर्क रहें. डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें
- तेज बुखार होने पर ब्रुफेन की गोली का इस्तेमाल नहीं करें. बुखार होने पर पारासीटामोल की दवा ही लें
- एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर 102 पर संपर्क करें व इलाज के लिए विशेष जानकारी, शिकायत व परामर्श के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क करें.
रोग के लक्षण
- तेज बुखार, बदन, सिर व जोड़ों में दर्द
- जी मचलाना व उल्टी होना
- आंख के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे/ चकते का निशान
- नाक, मसूढ़ों से रक्तस्राव
- काला मल का आना
मच्छरों से रहें सावधान
डेंगू व चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित एडीस मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर सामान्यता दिन में काटता है एवं स्थिर पानी में पनपता है. डेंगू का असर शरीर में तीन से नौ दिनों तक रहता है.
इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगता है. वहीं चिकनगुनिया का असर शरीर में तीन माह तक होता है. गंभीर स्थिति में यह छह माह तक रह सकता है. डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण तकरीबन एक जैसे ही होते हैं. इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है.
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