हरी चादर योजना से खेत में लगाएं खाद की फैक्टरी

Updated at : 21 Apr 2015 12:47 AM (IST)
विज्ञापन
हरी चादर योजना से खेत में लगाएं खाद की फैक्टरी

बिहारशरीफ : गहन खेती व रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से दिन-ब-दिन खेतों की उर्वरा शक्ति का हृस होता जा रहा है. रासायनिक खाद के प्रयोग 16 पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती है, जिसकी फसलों को जरूरत होती है. इसके कारण पौधे मिट्टी में कमी हो जाती है. ऐसे में हरी खाद का […]

विज्ञापन
बिहारशरीफ : गहन खेती व रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से दिन-ब-दिन खेतों की उर्वरा शक्ति का हृस होता जा रहा है. रासायनिक खाद के प्रयोग 16 पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती है, जिसकी फसलों को जरूरत होती है. इसके कारण पौधे मिट्टी में कमी हो जाती है.
ऐसे में हरी खाद का प्रयोग कर मृदा की संरचना को सुरक्षित रखा जा सकता है. हरी खाद के रूप में सनई,ढैंचा ,उड़द ,मूंग,लीबिया, ज्वार ,बाजरा आदि के केवल सारे पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं. बल्कि मिट्टी में हारमोन व विटामिन की मात्र को बढ़ाता है. इन फसलों की जोताई कर मृदा में अपघटन के लिए दबाना ही हरी खाद को तैयार करना है. हरी खाद के प्रयोग का उद्देश्य वायु मंडलीय नाइट्रोजन को मृदा में स्थित करना एवं मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्र को बढ़ाना है.
26 हजार हेक्टेयर में होगी खेती
किसानों को हरी खाद के लाभ के लिए जिले में कुल 26 हजार हेक्टेयर में मूंग व ढैंचा की खेती का लक्ष्य रखा गया गया है. गहरी चादर योजना के तहत जिले में 7500 हेक्टेयर में मूंग व 18750 हेक्टेयर में ढैंचा की खेती का लक्ष्य रखा गया है. अबतक जिला को 1500 क्विंटल मूंग व ढैंचा के बीच प्राप्त हो गये है.
प्राप्त बीच को सभी प्रखंडों में समान रूप से वितरित कर दिये गये हैं. प्रखंडों के कृषि समन्वयकों व किसानों सलाहकारों की अनुशंसा पर यह बीज प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा किसानों के बीच वितरित किया जाएगा. अगले कुछ दिनों में 3750 क्विंटल ढैंचा के बीच जिला को और प्राप्त हो जाएगा.
हरी खाद के प्रयोग से लाभ
मृदा उर्वरता को बढ़ाने के साथ ही उत्पादन लागत कम होता है, हरी खाद के प्रयोग से खेत में खर पतवार पर नियंत्रण होता है, कृषि भूमि में कार्बनिक पदार्थ की मात्र को स्थिर करता है, मिट्टी में जैविक गुणों की तेजी से वृद्धि होती है,
हरी खाद के प्रयोग से मिट्टी में वायु संचार अच्छा होता है, इसके प्रयोग से मिट्टी की जलधारण क्षमता में वृद्धि होती है, अम्लीय व क्षारीय दोनों प्रकार की मृदाओं के पीएच मान बढ़ता है, बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में मददगार होता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन