लॉकडाउन में समस्तीपुर मंडल ने दर्ज की कई उपलब्धि, 186 करोड़ की क्षति के बावजूद नहीं रुका किसी परियाजना का काम

Updated at : 25 Aug 2020 8:36 AM (IST)
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लॉकडाउन में समस्तीपुर मंडल ने दर्ज की कई उपलब्धि, 186 करोड़ की क्षति के बावजूद नहीं रुका किसी परियाजना का काम

समस्तीपुर : लॉकडाउन में रेल मंडल को 186.14 करोड़ की आय नहीं हुई. यात्रियों की संख्या में पीआरएस में 11.33 लाख व यूटीआई में 157.06 लाख कमी तो आय में 72.14 करोड़ व 114 करोड़ की कमी हुई. 2.60 लाख यात्रियों को धन राशि वापस की गई. यह बातें मंडल रेल प्रबंधक अशोक माहेश्वरी ने सोमवार को जूम एप से आयोजित प्रेस वार्ता में कही.

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समस्तीपुर : लॉकडाउन में रेल मंडल को 186.14 करोड़ की आय नहीं हुई. यात्रियों की संख्या में पीआरएस में 11.33 लाख व यूटीआई में 157.06 लाख कमी तो आय में 72.14 करोड़ व 114 करोड़ की कमी हुई. 2.60 लाख यात्रियों को धन राशि वापस की गई. यह बातें मंडल रेल प्रबंधक अशोक माहेश्वरी ने सोमवार को जूम एप से आयोजित प्रेस वार्ता में कही.

उन्होंने हा कि हसनपुर रेल हादसा की सीआरएस जांच में जो अनुशंसा की गयी है. उस पर कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है. भोला टाकिज के आरओबी का जीएडी तैयार कर प्रशासन को भेज दिया गया है. सीनियर डीसीएम सरस्वती चंद्र ने बताया कि माल लोडिंग को प्रोत्साहन देने के लिए रेल मंडल कई स्कीम लेकर आया है. इस दौरान विगत साल के मुकाबले पंच्यूलिटी बढ़ कर 98.92 फीसदी यात्री ट्रेन की रही. माल गाड़ी के औसत रफ्तार बढ़कर 20 से 50 किमी हो गयी. सभी लूप लाइन की रफ्तार भी बढ़ कर 15 से 30 किमी प्रति घंटा रही. फंड के कमी के करण किसी भी महत्वपूर्ण योजना को नहीं रोका गया.

24 मार्च 2020 को देश में लॉक डाउन लगा और इस पांच महीने की अवधि में भारतीय रेल आम यात्रियों के लिए थोड़े दिनों के लिए बंद हो गयी, लेकिन विपदा के इस स्थिति में भी देश के कोने-कोने तक खाद्य सामग्री एवं अपने घरों से बाहर महानगरों में फंसे कामगार मजदूर अपने घरों तक सकुशल पहुंच सके, इसके लिए भारतीय रेल का पहिया कभी नहीं रुका. सोमवार को डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने समस्तीपुर रेल मंडल की उपलब्धियों पर चर्चा की.

बताया कि कोरोना काल में समस्तीपुर रेल मंडल ने सर्वाधिक 150 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाकर एक नया कीर्तिमान रचा है. कोरोना काल काल की अवधि का रेल मंडल ने सदुपयोग कर अपनी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं पूरी कर ली. इसमें सबसे बड़ी परियोजना नवनिर्मित कोसी महासेतु है. 86 साल के बाद इस रूट पर पुनः आवागमन चालू हो जाने से जहां दो खंडों में विभक्त मिथिलांचल का इलाका फिर से एक हो जाएगा.

वेबिनार में डीआरएम कार्यालय स्थित मंथन सभागार में डीआरएम, डीसीएम के साथ एडीआरएम संतराम मीणा, जफर आजम, सीनियर डीईएन (कोर्डिनेशन) आर एन झा, सीनियर डीओएम रूपेश कुमार एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि रेल मंडल के सेवित जिलों से कुल 24 मिडियाकर्मी अपने मोबाइल के माध्यम से सीधे जुड़े थे. अंत में डीसीएम प्रसन्न कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

posted by ashish jha

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