हिमालय से आ रही बर्फीली हवा से कांप रहा मुजफ्फरपुर

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

अधिकतम 15.5 व न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस

अगले चार दिनों तक रहेगी ठंड, छाया रहेगा घना कुहासा
मुजफ्फरपुर : पश्चिमी हिमालय क्षेत्र से आ रही बर्फीली हवा व पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय होने से ठंड इस साल लंबा खिंच रहा है. ग्रामीण कृषि मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी ए सत्तार ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में बताया कि 15 साल बाद इतने लंबी अवधि में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. 2003 में भी इसी तरह पूरे जनवरी महीने उत्तर बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ी थी. मौसम में हुए बदलाव पर कहा कि बिहार व पूर्वी यूपी में वायुमंडल के निचले हिस्से से नमी का बहाव हो रहा है. इसके कारण घना कुहासा हो रहा है. कुहासा के कारण सुबह व शाम में कनकनी वाली ठंड पड़ रही है. हालांकि तीन-चार दिनों में मौसम में सुधार होने की संभावना है. वैसे सुबह में अभी काफी दिनों तक ठंड बना रहेगा. पछिया हवा चलेगी.
शुक्रवार को सूरज अधिक समय तक बादलों की ओट में ही रहा. इसके साथ सर्द हवाएं भी चलती रहीं. इससे लोग दिन भर सर्दी से ठिठुरते रहे. मौसम विभाग के अनुसार, दिन और रात का तापमान थोड़ा बढ़ा है. लेकिन कनकनी के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही है. अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हवा में नमी सुबह में 95 और दोपहर में 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
दोपहर में थोड़े समय के लिए धूप निकली. इससे उम्मीद थी कि दिन में लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिलेगी. लेकिन कुछ समय बाद ही सूरज बादलों की ओट में छिप गया. दोपहर तीन बजे के बाद कुछ मिनट के लिए धूप निकली. धूप नहीं होने और हवा चलने से लोग दिन में भी ठिठुरते रहे. शाम को सिहरन का अहसास होने लगा. शहर में कई जगह लोग खुले में अलाव तापते दिखे. शाम ढलने के साथ घना कोहरा छा गया. इसके कारण रात को जल्द ही बाजार व सड़कों पर सन्नाटा छा गया.
अगले पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, कोल्ड डे की स्थिति बरकरार रहेगी. दोपहर में हल्की धूप निकलेगी. अधिकतम तापमान सामान्य पांच डिग्री कम व न्यूनतम सामान्य के आसपास ही रहेगा. इस अवधि में अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री व न्यूनतम 6 से 8 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है.
आलू व मक्का को होगा नुकसान
आलू व मक्का की फसल के लिए लंबे समय की ठंड काफी नुकसानदेह है. मक्का तो नीला पड़ने लगा है. वहीं आलू में झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है. सब्जी की फसल के लिए भी मौसम प्रतिकूल है. पौधे का विकास प्रभावित हो रहा है. झुलसा रोग से बचाव के लिए किसानों को आलू के खेत में निगरानी व सावधानी रखनी चाहिए. रोग से बचाव के लिए रेडिमिल दवा का छिड़काव किया जा सकता है. दुधारु पशुओं के लिए मौसम काफी खराब चल रहा है. ठंड के कारण दूध उत्पादन में काफी कम जायेगा. पशुओं का दूध नहीं घटे, इसके लिए आहार में प्राेटीन की मात्रा होनी चाहिए. खाना के साथ कैल्शियम की खुराक देना भी आवश्यक है.
ठंड से दो बच्चों की मौत
कोहरे के साथ गलन कहर बरपा रहा है. शहर के अलग-अलग थानाक्षेत्र में ठंड से दो बच्चों की मौत हो गयी, जबकि केजरीवाल अस्पताल, सदर अस्पताल व एसकेएमसीएच में और 26 बच्चे भर्ती किये गये हैं. केजरीवाल अस्पताल में भर्ती सुरेमरा निवासी राजू राम के दो वर्षीय पुत्र अंशु कुमार और हथौड़ी निवासी विजय कुमार की पांच माह की बेटी नेहा कुमारी की मौत इलाज के दौरान हो गयी. निमोनिया व डायरिया से पीड़ित 126 बच्चे भर्ती हैं. इनमें से 114 बच्चे केजरीवाल अस्पताल में और 12 बच्चे सदर अस्पताल में भर्ती हैं.
शुक्रवार को सदर अस्पताल में सौ बच्चों का इलाज किया गया. वहीं केजरीवाल अस्पताल में 189 बच्चे बीमार होकर ओपीडी पहुंचे. कई बच्चों की हालत गंभीर देख उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया. चिकित्सकों का कहना है कि कड़ाके की ठंड के कारण बच्चे निमोनिया व डायरिया पीड़ित हो रहे हैं.
शहर स्थित प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इनमें आधे से अधिक बच्चे होते हैं.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश कुमार ने कहा कि सर्दी में बच्चों को अत्यधिक बचाव की जरूरत है. खासतौर से छोटे बच्चों की विशेष देखभाल किये जाने की आवश्यकता है. बच्चों के गीले कपड़े तुरंत बदल देने चाहिए. भीषण ठंड से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को परेशानी हो रही है. चिकित्सकों का कहना है कि हृदयरोगी इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतें.
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