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मुंगेर गंगा पुल का टीम ने किया स्पैन लोड टेस्ट, पांच घंटे तक चली जांच

Updated at : 04 Jun 2025 7:21 PM (IST)
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मुंगेर गंगा पुल का टीम ने किया स्पैन लोड टेस्ट, पांच घंटे तक चली जांच

स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर चेन्नई की पांच सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम ने बुधवार को मुंगेर गंगा पुल पर मुंगेर की तरफ स्पैन लोड टेस्ट किया.

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9 ट्रक पर 49 टन माल लोड़ कर कराया गया स्पैन लोड टेस्ट

मुंगेर. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर चेन्नई की पांच सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम ने बुधवार को मुंगेर गंगा पुल पर मुंगेर की तरफ स्पैन लोड टेस्ट किया. अब 7 जून को बेगुसराय की तरफ सेतू का स्पैन लोड टेस्ट किया जायेगा. इस दौरान सड़क पुल पर 49 टन लोड देकर स्पैन (पाया) की जांच की गयी. बताया गया कि टीम एक महीने में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे एनएचएआइ और हाजीपुर रेल मंडल को सौंपा जायेगा.

पांच सदस्यीय टीम ने किया स्पैन लोड टेस्ट

सीएसआइआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की पांच सदस्यीय टीम सीनियर वैज्ञानिक डॉ श्रीवासन बेंगू, डॉ सप्तऋषि सवंल, डॉ एम कुम्मु स्वामी, डॉ अरुण कुमार और दीपक कुमार के नेतृत्व में गंगा पुल पर पूर्वाहन 11 बजे से स्पैन लोड टेस्ट शुरू किया. इस दौरान 14 चक्का 9 ट्रक पर 49 टन लोड कर पुल पर दौराया गया और स्पैन (पाया) के पास अचानक ब्रेक लगवा कर जर्क दिया गया. मशीनरी से जर्क का स्पैन पर कितना रिफलेक्सन (असर) क्या हुआ उसे मापा गया. पूरे पांच घंटे तक जांच की प्रक्रिया चलती रही. इस दौरान तरह-तरह के ऑटोमेटिक मशीन से स्पैन पर पड़ने वाले लोड को मापा गया.

सर्दी में हुई थी जांच, अब गर्मी में हो रही जांच

बताया जाता है कि पुल का डिजाइन एनएचएआइ ने जो कराया था वह 40 टन तक ढुलाई के लिए था. एनएचएआइ ने प्राइवेट कंपनी से पुल का जांच करा कर रेलवे को सौंप दिया था, लेकिन रेलवे ने एनएचएआइ के डिजाइन और भार को स्पैन के लिए सही नहीं बताते हुए मुंगेर सड़क पुल पर दौड़ रही ओवरलोड वाहनों के परिचालन से रेलवे पुल के स्पैन पर असर पड़ने की शिकायत की थी. रेलवे ने नियमानुसार अधिकृत एजेंसी से जांच की मांग की थी. नियमानुसार ठंड और गर्मी में स्पैन लोड टेस्ट किया जाता है. जिसके बाद अधिकृत एजेंसी सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों से ठंड और गर्मी में पुल के स्पैन लोड टेस्ट एनएचएआइ ने कराना सुनिश्चित किया. जनवरी 2025 में सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की टीम ने दो दिनों तक जांच की. अब गर्मी में 4 जून को इसी वैज्ञानिकों की टीम ने जांच की है.

7 जून को होगा बेगुसराय की तरफ स्पैन लोड टेस्ट

एनएचएआइ के सहायक अभियंता सह प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने बताया कि मुंगेर की तरफ जांच पूरी हो गयी है. अब 7 जून को बेगुसराय की तरफ स्पैन लोड टेस्ट अधिकृत सरकारी एजेंसी सीएसआइआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों टीम द्वारा किया जायेगा, जिसके लिए 7 जून को इस पुल पर सुबह 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक ब्लॉक लिया जायेगा.

पुल का भार क्षमता है 40 टन

एनएचएआइ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मुंगेर श्रीकृष्ण सेतु को 40 टन भार सहने की क्षमता है. जबकि पुल के दोनों ओर बने एप्रोच पथ का भार क्षमता 55 टन है. टीम अपने जांच के दौरान इस भार को पुल व एप्रोच पथ पर विभिन्न स्थानों पर 9 ट्रकों का परिचालन करवा कर यह सुनिश्चित किया कि पुल कितना भार सहने में सक्षम है.

रेलवे की शिकायत पर अधिकृत एजेंसी से एनएचएआइ द्वारा सीएसआइआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा करायी जा रही है. ठंड के मौसम जनवरी 2025 में वैज्ञानिकों की टीम जांच पूरी कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट रेलवे को सौंप दी गयी है. इस बार गर्मी के मौसम में वाली जांच वैज्ञानिकों की टीम कर रही है. एक महीने में टीम अपनी जांच रिपोर्ट रेलवे को सौंप देगी. अब तक जांच टीम पुल के डिजाइन के अनुसार भार क्षमता को माकूल मान रही है.

नीतीश कुमार, सहायक अभियंता सह प्रोजेक्ट इंचार्ज, एनएचएआइ

रेलवे ने ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर जतायी थी आपत्ति

रेलवे के अभियंताओं ने सड़क पुल पर ओवर लोड वाहनों के चलने से स्पैन पर मंडरा रहे खतरों से फरवरी 2023 में आगाह किया था. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर डिवीजन के एक रेलवे अभियंता ने बताया कि जब रेलवे अभियंत्रण विभाग की टीम ने फरवरी 2023 में पुल की जांच की थी तो पाया कि सड़क पुल की क्षमता मात्र 20 टन भार वाले वाहनों के परिचालन की है. इसके बाद पूर्व मध्य रेल हाजीपुर ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा था. इसमें अनुरोध किया गया था कि पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पुल पर ओवरलोड वाहन के परिचालन को रोका जाये. नहीं तो रेल पुल पर ट्रेन का परिचालन कभी भी बंद हो सकता है. इसे लेकर रेलवे अभियंत्रण विभाग ने कई बार केंद्र व राज्य स्तर पर इसको लेकर पत्र लिखा था, जिसके बाद यह मामला काफी सुर्खियों में बना रहा. कई बार पुल पर 20 टन से अधिक भार क्षमता वाले वाहनों के परिचालन को रोकने के लिए लोहे का गाटर देकर बैरियर भी लगाया था, लेकिन हर बार उसे तोड़ दिया गया है. जांच पूरी हो जाने के बाद इस विवाद पर विराम लग जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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