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Bihar News: मुंगेर गंगा पुल पर स्पैन लोड टेस्ट शुरू, वैज्ञानिकों की टीम जांचेगी भार क्षमता, रेलवे की आपत्ति के बाद NHAI ने कराया परीक्षण

Updated at : 04 Jun 2025 8:39 PM (IST)
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मुंगेर गंगा पुल पर स्पैन लोड टेस्ट

मुंगेर गंगा पुल पर स्पैन लोड टेस्ट

Bihar News: एनएचआई की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मुंगेर श्रीकृष्ण सेतु को 40 टन भार सहने की क्षमता है. जबकि पुल के दोनों ओर बने एप्रोच पथ का भार क्षमता 55 टन है. टीम अपने जांच के दौरान इस भार को पुल व एप्रोच पथ पर विभिन्न स्थानों पर 9 ट्रकों का परिचालन करवा कर यह सुनिश्चित किया कि पुल कितना भार सहने में सक्षम है.

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Bihar News, प्रतिनिधि, मुंगेर: स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर चेन्नई की पांच सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम ने बुधवार को मुंगेर गंगा पुल पर मुंगेर की तरफ स्पैन लोड टेस्ट लिया. अब 7 जून को बेगूसराय की तरफ सेतु का स्पैन लोड टेस्ट किया जायेगा. इस दौरान सड़क पुल पर 49 टन लोड देकर स्पैन (पाया) की जांच की गई. बताया गया कि टीम एक महीने में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करेगी. जिसे NHAI और हाजीपुर रेल मंडल को सौंपा जायेगा.

पांच सदस्यीय टीम ने किया स्पैन लोड टेस्ट

सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की पांच सदस्यीय टीम सिनियर वैज्ञानिक डॉ श्रीवासन बेंगू, डॉ सप्तऋषि सवंल, डॉ एम कुम्मु स्वामी, डॉ अरुण कुमार और दीपक कुमार के नेतृत्व में गंगा पुल पर पूर्वाहन् 11 बजे से स्पैन लोड टेस्ट शुरू किया. इस दौरान 14 चक्का 9 ट्रक पर 49 टन लोड कर पुल पर दौड़ाया गया और स्पैन (पाया) के पास अचानक ब्रेक लगवा कर जर्क दिया गया.

मशीनरी से जर्क का स्पैन पर कितना रिफ्लेक्शन (असर) क्या हुआ उसे मापा गया. पूरे पांच घंटे तक जांच की प्रक्रिया चलती रही. इस दौरान तरह-तरह के ऑटोमेटिक मशीन से स्पैन पर पड़ने वाले लोड को मापा गया.

ठंड में हुई थी जांच, अब गर्मी में हो रही जांच

बताया जाता है कि पुल का डिजाईन एनएचएआई ने जो कराया था वह 40 टन तक ढुलाई के लिए था. एनएचएआई ने प्राइवेट कंपनी से पुल का जांच करा कर रेलवे को सौंप दिया था. लेकिन रेलवे ने एनएचएआई के डिजाइन और भार को स्पैन के लिए सही नहीं बताते हुए मुंगेर सड़क पुल पर दौड़ रही ओवरलोड वाहनों के परिचालन से रेलवे पुल के स्पैन पर असर पड़ने की शिकायत की थी. रेलवे ने नियमानुसार अधिकृत एजेंसी से जांच की मांग की थी.

नियमानुसार ठंड और गर्मी में स्पैन लोड टेस्ट किया जाता है. जिसके बाद अधिकृत एजेंसी सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों से ठंड और गर्मी में पुल के स्पैन लोड टेस्ट एनएचएआई ने कराना सुनिश्चित किया. जनवरी 2025 में सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की टीम ने दो दिनों तक जांच किया. अब गर्मी में 4 जून को इसी वैज्ञानिकों की टीम ने जांच किया है.

सात जून को होगा बेगूसराय की तरफ स्पैन लोड टेस्ट

एनएचएआई के सहायक अभियंता सह प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने बताया कि मुंगेर की तरफ जांच पूरी हो गयी है. अब 7 जून को बेगूसराय की तरफ स्पैन लोड टेस्ट अधिकृत सरकारी एजेंसी सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों टीम द्वारा किया जायेगा. जिसके लिए 7 जून को इस पुल पर सुबह 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक ब्लॉक लिया जायेगा.

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कहते हैं सहायक अभियंता

एनएचएआई के सहायक अभियंता सह प्रोजेक्ट इंचार्ज नीतीश कुमार ने बताया कि रेलवे की शिकायत पर अधिकृत एजेंसी से एनएचएआई द्वारा सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा करायी जा रही है. ठंड के मौसम जनवरी 2025 में वैज्ञानिकों की टीम जांच पूरी कर चुकी है. जिसकी जांच रिपोर्ट रेलवे को सौंप दी गयी है.

इस बार गर्मी के मौसम में वाली जांच वैज्ञानिकों की टीम कर रही है. एक महीने में टीम अपनी जांच रिपोर्ट रेलवे को सौंप देंगी. अब तक जांच टीम पुल के डिजाईन के अनुसार भार क्षमता को माकूल मान रही है.

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रेलवे ने ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर जतायी थी आपत्ति

रेलवे के अभियंताओं ने सड़क पुल पर ओवरलोड वाहनों के चलने से स्पैन पर मंडरा रहे खतरों से फरवरी 2023 में आगाह किया था. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर डिवीजन के एक रेलवे अभियंता ने बताया कि जब रेलवे अभियंत्रण विभाग की टीम ने फरवरी 2023 में पुल की जांच की थी तो पाया कि सड़क पुल की क्षमता मात्र 20 टन भार वाले वाहनों के परिचालन की है. इसके बाद पूर्व मध्य रेल हाजीपुर ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा था.

इसमें अनुरोध किया गया था कि पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पुल पर ओवरलोड वाहन के परिचालन को रोका जाये. नहीं तो रेल पुल पर ट्रेन का परिचालन कभी भी बंद हो सकता है. इसे लेकर रेलवे अभियंत्रण विभाग ने कई बार केंद्र व राज्य स्तर पर इसको लेकर पत्र लिखा था. जिसके बाद यह मामला काफी सुर्खियों में बना रहा.

कई बार पुल पर 20 टन से अधिक भार क्षमता वाले वाहनों के परिचालन को रोकने के लिए लोहे का गाटर देकर बैरियर भी लगाया था, लेकिन हर बार उसे तोड़ दिया गया है. इस जांच के पूरी हो जाने के बाद इस विवाद पर विराम लग जायेगा.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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