प्रभात इंपेक्टः बाल विवाह मामले में कार्रवाई शुरू

Published at :09 Feb 2014 5:09 AM (IST)
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प्रभात इंपेक्टः बाल विवाह मामले में कार्रवाई शुरू

फुलपरास, मधुबनीः हुलासपट्टी गांव में गुरुवार की रात दो नाबालिगों की शादी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गयी है. घोघरडीहा के अंचल अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है. डीएम ने इस मामले में एसडीओ को कार्रवाई का निर्देश दिया था. इसके बाद एसडीओ ने घोघरडीहा सीओ को जांच करने को कहा है. […]

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फुलपरास, मधुबनीः हुलासपट्टी गांव में गुरुवार की रात दो नाबालिगों की शादी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गयी है. घोघरडीहा के अंचल अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है. डीएम ने इस मामले में

एसडीओ को कार्रवाई का निर्देश दिया था. इसके बाद एसडीओ ने घोघरडीहा सीओ को जांच करने को कहा है. सीओ से ये भी कहा गया है, नाबालिगों के परिजनों के साथ विवाह में शामिल दोनों पक्षों के लोगों का नाम भी जुटायें, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

शनिवार को प्रभात खबर ने बाल विवाह की खबर को प्रमुखता से छापा. इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया. एसडीओ ने इस मामले को लेकर अनुमंडल के सभी बीडीओ व सीओ को बाल विवाह रोकने की दिशा में सभी सक्षम पहलू अख्तियार करने का निर्देश दिया है. कहा गया है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है. ऐसा करने वाले अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. साथ ही इलाके के खास कर मल्लिक संवर्गों में जब ऐसी शादियां हो रही हों, तो उसे रोक कर अभिभावकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाये.

इधर, हुलासपट्टी गांव में हुई शादी में दूल्हा के पिता राजदेव मल्लिक ने अपनी सफाई में कहा है, उनके समाज में लड़का व लड़की के बड़ा होने के बाद शादी करना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि कम उम्र में ही लड़के लड़कियों की शादी कर दी जाती है. शादी के बाद दोनों बच्चे अपने माता पिता के पास ही रहते हैं. जब दोनों बालिग होते हैं, तब उनका दुरागमन (गौवना) कराया जाता है.

इधर, प्रशासन के हरकत में आने के बाद दोनों ही पक्ष डरे सहमे हैं. वहीं, एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए अनुमंडल प्रशासन हर मुमकिन कदम उठायेगा. लोगों के बीच जागरूकता लाकर इसके खिलाफ आम लोगों की मानसिकता तैयार की जायेगी. ऐसी शादियां अधिकांशत: मल्लिक समाज में होने की बात बतायी जा रही है. उनके बीच भी इसके नकारात्मक पहलू को समझाया जायेगा. ताकि बाल विवाह पर पूरी तरह रोक लग सके. इसके लिए प्रखंड प्रशासन को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं.

हुईं एक दर्जन शादियां

बाल विवाह पहले से ही कानूनन प्रतिबंध है. इसके बाद भी इस पर रोक नहीं लग रही है. जानकारी के मुताबिक, केवल इस लग्न में भी फुलपरास अनुमंडल क्षेत्र में दर्जन भर नन्हे दूल्हा दुल्हन की जोड़ियां परिणय सूत्र में बंधी हैं. दस दिन पूर्व ही महथौर गांव में परमेश्वर मल्लिक के पुत्र अनिल (10 ) की शादी कमलपुर गांव के सत्ताे मल्लिक की पुत्री राम कुमारी (6) व कवियाही निवासी बरदन मल्लिक की पुत्री ममता (5) व मिथुन मल्लिक (8) की शादी हुई. ग्रामीण विकास परिषद के सचिव षष्ठीनाथ झा बताते हैं, उनका संगठन ऐसे कई शादियों को रोक चुका है. कई लोग उनकी बात नहीं भी माने हैं. इससे प्रशासनिक महकमा भी अवगत है. इधर, डीएम ने एसडीओ विजय कुमार को फुलपरास अनुमंडल के तीनों प्रखंडों में हुये बाल-विवाहों की जांच का निर्देश दिया है.

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