बरसात में डूबेगा शहर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 May 2016 6:51 AM

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जलजमाव. हल्की बारिश में ही गलियों में भर जाता घुटने भर पानी पहली बारिश में ही शहर की सूरत िबगड़ गयी है. कई मुहल्लों में घुटने भर पानी लगा हुआ है. लोग घरों से िनकलने में भी परहेज कर रहे हैं. नाला की सफाई नहीं होने से शहर में हर जगह जलजमाव की समस्या बनी […]

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जलजमाव. हल्की बारिश में ही गलियों में भर जाता घुटने भर पानी

पहली बारिश में ही शहर की सूरत िबगड़ गयी है. कई मुहल्लों में घुटने भर पानी लगा हुआ है. लोग घरों से िनकलने में भी परहेज कर रहे हैं. नाला की सफाई नहीं होने से शहर में हर जगह जलजमाव की समस्या बनी हुई है.
मधुबनी : हल्की बारिश में ही शहर की सूरत बिगड़ गयी है. शहर के कई मुहल्लों में घुटने भर पानी लग गये हैं जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है. जो आलम है उससे यह अंदेशा होने लगा है कि इस बारिश में शहर डूब ना जाये. बुधवार को हुए हल्के बारिश में ही शहर के वार्ड नंबर 2 की कई गलियों में घुटने भर पानी जमा हो गया है. हल्की बारिश ही शहर को लबलबा कर देती है. बारिश के मौसम में शहर की स्थिती नारकीय बन जाती है. हालांकि नगर विकास विभाग प्रत्येक वर्ष बरसात पूर्व नालों की सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए आदेश निर्गत करती है. पर इस बरसात में अभी तक बड़े स्तर पर जल निकासी के लिए कार्य शुरू नहीं हुआ है.
पक्के नाले की कमी
शहर में कई मायनों में विकास हुआ है. पक्की सड़कों का निर्माण व साफ-सफाई में सुधार से शहर में विकास तो दिखते है. पर बरसात आते है शहरवासियों को रोंगटे खरे कर देते है. जाम पड़े नाला, सड़कों से बहता घुटने भर पानी यहां के लोगों के पीड़ा को दर्शाता है. जल जमाव इसलिए क्योंकि शहर में अभी भी पक्का नाला का अभाव है. जीर्ण-शीर्ण कच्चा नाला होकर जल निकासी होती है. कच्चा नाला रहने के कारण इसकी सफाई पूरी तरह नहीं हो पाती है. कच्चा नाला के सफाई शुरू होते ही भरने लगती है.
कैनालों की उड़ाही नहीं
शहर के बसने से पहले जल निकासी की व्यवस्था के लिए कैनालों का निर्माण कराया गया था. बताया जा रहा है कि जब शहर में वाटसन, किंस व राज कैनाल अस्तित्व में था तो शहर में कभी जलजमाव की समस्या नहीं होती थी. ज्यों ज्यों शहर का विकास होता गया लोग कैनालों का अतिक्रमण कर इसके अस्तित्व पर ही प्रश्न चिह्न लगा दिया. करीब 32 हजार फीट लंबी तथा 30 से 40 फीट इन तीनों कैनालों को या तो अतिक्रमण कर लिया गया है. या फिर गाद से पटा है. शहर के मुख्य इलाके में तो कैनाल, नाला का स्वरूप ले लिया है. ऐसे में जल निकासी में कठिनाई लाजिमी है. अतिक्रमण खाली कराने व इसकी उड़ाही करने में पदाधिकारी में परहेज करते हैं.
नहीं शुरू हुई बड़े स्तर पर जलनिकासी की व्यवस्था
यहां है जलजमाव की समस्या
शहर में प्राय: हर इलाके में जलजमाव गंभीर बनी रहती है. आम आदमी हो या पदाधिकारी महकमा या फिर स्कूल व कॉलेज छात्र प्राय: हर कोई जलजमाव से जुझते है. शहर में ऑफिसर कॉलोनी, आदर्श नगर कॉलोनी, संतु नगर, कोतवाली चौक, लहेरिया गंज, स्टेशन मुहल्ला सहित कई इलाके में जलजमाव गंभीर समस्या है. यहां तो जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही पहल शुरू हुई है. पूरे बरसात के मौसम में यहां के लोग जलजमाव से जूझते रहते है. इस तरफ िकसी का ध्यान नहीं जा रहा है. सभी केवल परेशानी से दोचार होते हैं. लोगों को घरों से िनकलने में भी परेशानी होती है.
जल्द िमलेगी जलजमाव से िनजात
जल जमाव एक समस्या रही है. बरसात पूर्व जलनिकासी के लिए विभाग से दिशा निर्देश मिला है. जन निकासी के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है. जल्द काम शुरू की जायेगी.
जटाशंकर झा, कार्यपालक पदािधकारी नगर परिषद
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