कोसी व भूतही नदी उफान पर, फसल डूबीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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मधेपुर व फुलपरास प्रखंड के दर्जन भर गांवों में घुसा नदियों का पानी कमला के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी तटबंध के अंदर बसे गांवों की हालत हो रही गंभीर मधुबनी : पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जिले के विभिन्न भागों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. शहरी इलाकों में जलजमाव से हालत […]
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मधेपुर व फुलपरास प्रखंड के दर्जन भर गांवों में घुसा नदियों का पानी
कमला के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी
तटबंध के अंदर बसे गांवों की हालत हो रही गंभीर
मधुबनी : पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जिले के विभिन्न भागों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. शहरी इलाकों में जलजमाव से हालत बदतर हो गयी है. वहीं, कोसी व भूतही बलान नदी उफान पर है.
जबकि कमला नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. कोसी व भूतही बलान नदी के जलस्तर में अचानक बेतहाशा बढ़ोतरी से लोगों में एक बार फिर भय घर कर गया है. कोसी व भूतही बलान नदी का पानी तटबंध के अंदर बसे करीब डेढ़ दर्जन गांवों में घूस गया है.
घरों में पानी प्रवेश कर जाने से करीब तीन दर्जन परिवार को अन्यत्र पलायन करना पड़ा है. सबसे खराब हालत मधेपुर प्रखंड के गोढ़ियारी व क छूआ तथा फुलपरास प्रखंड के सुढ़ियाही पश्चिमी टोल, बलूआही टोल, कालीपुर व धनखोर गांव की बतायी जाती है.
मधेपुर प्रतिनिधि के अनुसार लगातार बारिश से कोसी, भुतही बलान एवं कमला नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है. कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से जहां गढ़गांव, मेनाही, परियाही, गोबरगढ़ा, भवानीपुर आदि गांवों के निचले इलाके में पानी फैल गया है.
वहीं, भूतही बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से मटरस, विशनपुर, गोरियारी, कछुआ गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी फैल गया है. इन गांवों में पानी के फैलने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी है. विशेषकर विशनपुर, गोरियारी, कबछुआ, श्रीपुर गांव के लोगों का आवागमन का सहारा नाव ही रह गया है.
बाढ़ का पानी कई परिवारों के घरों में प्रवेश कर गया है. कबछुआ गांव के मो करीम, मो हकीम, अब्दुल लतीफ, मो रज्जाक विशनपुर गांव के तपशी यादव, संजय यादव, श्याम प्रसाद यादव, प्रमोद कुमार यादव, गोरियारी गांव के प्रदीप सिंह, मनोज सिंह सहित कई लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव के चारों तरफ फैल गया है. धान की फसल डूब गयी है. घर से बाहर निकलने के लिए एक मात्र नाव ही सहारा रह गया है.
इन लोगों का कहना था कि मुजोलिया घाट पर एक सरकारी नाव है जो पूर्णरुपेन जर्जर हो चुका है. आधे दर्जन गांव के लोगों को इसी नाव के सहारे पार करना पड़ता है जो कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है. ग्रामीणों का कहना था कि पिछले कई दिनों से हमलोगों के गांव में कई लोग सर्प दंश के शिकार हुए हैं. सर्पदंश से पीड़ित लोगों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
अंचलाधिकारी राजीव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि कोसो कमला एवं बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है. पानी के घटने बढ़ने का सिलसिला जारी है. संभावित खतरों के मद्देनजर स्थिति पर नजर रखी जा रही है. मुजोलिया घाट पर राजस्व कर्मचारी को नाव की जांच के लिए भेजा गया है. सभी घाट के सरकारी एवं गैर सरकारी नाविकों को सतर्क कर दिया गया है. क्षमता के अनुसार ही नाव पर सवारी करने का निर्देश दिया गया है.
फुलपरास प्रतिनिधि के अनुसार, अनुमंडल क्षेत्र मे भुतही बलान नदी मे बाढ़ आने से दोनों तंटबंध के बीच बसे गांवों में बाढ़ का पानी जाने से मुख्य सड़क से संर्पक टूट गया है. नेपाल के तराइ भाग मे दो दिनों से वर्षा होने से भूतही बलान नदी मे बाढ़ आने के कारण कई गांवों में पानी घुस गया है. बाढ ने सुड़ीयाही के पश्चिम टोला बलुआही टोला कालीपुर चेथरू टोला सहित अन्य गांवों में बाढ़ का पानी जाने से मुख्य सड़क से संर्पक टूट गया है.
इससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि पानी का जलस्तर खतरे के निशान से एक फीट पार कर गया है, दोनो तटबंधों पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य चल रहा है. दोनों तटबंध सुरक्षित है. जहां पर कटाव हो रहा है वहां कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है.
अनुमंडल पदाधिकारी आलम ने कहा नदी के दोनों तटबंध सुरक्षित हैं. सभी कटाव स्थल पर कार्य चल रहा है. बाढ़ के आने से पहले सभी प्रकार की तैयारी पूरी कर ली गयी है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ का प्रतिवेदन अनुमंडल कार्यालय में नियंत्रण कक्ष में प्रतिदिन जमा करें.
झंझारपुर प्रतिनिधि के अनुसार, लगातारहो रही बारिश से कमला नदी उफान पर आ गयी है. साथ ही बारिश से जगह -जगह कमला तटबंध में रेन कट भी हो गया है. बाढ़ की आशंका को लेकर अनुमंडल के लोग भयभीत हैं.
बाढ़ नियंत्रण विभाग से जूड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाल में भंयकर बारिश से अचानक नदी में पानी बढ़ गयी है. झंझारपुर बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक कमला नदी पर बने रेल पूल के खतरे निशान से ऊपर बह रही है.
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