जाने क्यों मिथिला की शादी देखने डेनमार्क से पहुंचीं महिलाएं
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :28 Jun 2017 10:00 AM
विज्ञापन

मधुबनी : यह मिथिलांचल है. यहां की संस्कृति इतनी समृद्ध है कि यह न सिर्फ विदेशी को भी अपनी ओर खींचने की ताकत रखती है, बल्कि एक बार जो यहां की संस्कृति को नजदीक से देख लें, महसूस कर लें, फिर इसको खुद में ही आत्मसात करने से नहीं रोक पाया. फिर चाहे यहां की […]
विज्ञापन
मधुबनी : यह मिथिलांचल है. यहां की संस्कृति इतनी समृद्ध है कि यह न सिर्फ विदेशी को भी अपनी ओर खींचने की ताकत रखती है, बल्कि एक बार जो यहां की संस्कृति को नजदीक से देख लें, महसूस कर लें, फिर इसको खुद में ही आत्मसात करने से नहीं रोक पाया. फिर चाहे यहां की शादी, विवाह, जनेउ, मुंडन, कलाकृति, कागज पर कोहबर बनाने, पेड़ की पूजा या फिर अन्य सांस्कृतिक परंपरा की ही बात क्यों न हो.
यहां की संस्कृति व लोक परंपरा इतनी मनभावन है कि डेनमार्क से आयीं दो महिलाएं एक शादी समारोह में मिथिला की आम महिला की तरह ही खुद को साड़ी पहनने से नहीं रोक सकीं. साड़ी पहन शादी के हर रश्म को नजदीक से देखा, महसूस किया और इस क्षण को मिथिला की शादीजीवन भर महसूस करने के लिये पल-पल की यादगार तसवीरें व वीडियो बनायी.
मिथिला की संस्कृति-सभ्यता दुनिया में अनूठी
डेनमार्क की प्लेमेनिया साॅफ्टवेयर इंजीनियर हैं, तो बैलेरिया फैशन डिजाइनर. दो माह पहले डेनमार्क से घूमने निकलीं. कई देशों में घूमते ठहरते दोनों भारत पहुंचीं. दिल्ली में कुछ दिन रहने के दौरान ही इन्हें कहीं से मिथिलांचल में शादी की अनूठी रश्म की जानकारी हुई. बातों से ही इतनी प्रभावित हुईं कि खुद को मिथिलांचल आने से रोक नहीं सकीं. ट्रेन पकड़ कर मधुबनी आ पहुंचीं. इसी दौरान संयोग से उन्हें दुल्ला गांव के कुमार गौरव से टेलीफोनिक बातें व फेसबुक से परिचय हुआ, तो गौरव ने दोनों को अपनी शादी में शरीक होने को कहा.
फिर क्या था. दोनों शादी में पहुंची गयीं. एक ओर जहां यहां के आम लोग मेहमान नवाजी व अन्य कामों में मशगूल थे, तो प्लेमेनिया व बैलेरिया ने घर की महिलाओं की मदद से यहां की परंपरा के अनुसार साड़ी पहन कर शादी देखने बैठीं. शादी की हर रश्म को नजदीक से देखा. जैसे-जैसे एक-एक कर शादी की रश्म बढ़ती जा रही थी, दोनों विदेशी महिलाएं इसको करीब से समझने को बेताब दिख रही थीं. करीब चार घंटे तक की शादी की रश्म पूरा होने तक मंडप में बैठी रहीं. बैलेरिया बताती हैं कि यहां की सभ्यता, संस्कृति अनूठी है. ऐसा पूरी दुनिया में कहीं नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










