उदासीनता. शहर से गुजरने वाले एनएच के किनारे फ्लैंक नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Apr 2016 6:38 AM (IST)
विज्ञापन

सड़कों के ये किनारे हैं जानलेवा जिले में एनएच की स्थिति और कार्यशैली से हर कोई वाकिफ है. न सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई और न निर्माण में गुणवत्ता. हद तो यह है कि सड़क के दोनों ओर फ्लैंक के नाम पर राशि का भुगतान तो हो जाता है लेकिन बनाया नहीं जाता. इसके कारण सड़क […]
विज्ञापन
सड़कों के ये किनारे हैं जानलेवा
जिले में एनएच की स्थिति और कार्यशैली से हर कोई वाकिफ है. न सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई और न निर्माण में गुणवत्ता. हद तो यह है कि सड़क के दोनों ओर फ्लैंक के नाम पर राशि का भुगतान तो हो जाता है लेकिन बनाया नहीं जाता. इसके कारण सड़क पर हादसे हर घड़ी इंतजार किया करते हैं. सिंहेश्वर से मधेपुरा के बीच एनएच 106 पर यातायात का काफी दवाब रहता है. शहर के बस स्टैंड से सिंहेश्वर की ओर निकलते ही सड़क के दोनों ओर ऐसे पचासों प्वाइंट हैं जहां सड़क के किनारे एकाएक जमीन काफी नीची है. इन पर कभी भी दुर्घटनाएं हो सकती है.
मधेपुरा : वर्ष 2012 में शहर के टीपी कालेज के पास एक सड़क हादसे में स्नातक की छात्रा खुशबू कुमारी की मौत ट्रक के पहिये के नीचे आने से हो गयी थी. खुशबू अपनी साइकिल से कॉलेज जा रही थी. उस वक्त शहरवासी काफी आक्रोशित भी हुए थे. सड़क जाम कर दिया गया और युवा छात्र गाड़ियों को जलाने पर आमादा थे. हालांकि प्रशासन ने बात संभाल ली. मामला शांत हो गया. वैसे देखा जाये तो खुश्बू की मौत के लिए ट्रक सीधे तौर पर जिम्मेदार तो था लेकिन एनएच विभाग उससे ज्यादा जिम्मेदार था. खुश्बू साइकिल से सड़क के किनारे हो कर जा रही थी.
ट्रक चालक ने पीछे से हार्न दिया और वह सड़क के बिल्कुल किनारे पर आ गयी. सड़क पर फ्लैंक नहीं बने होने के कारण उसकी साइकिल का पहिया फिसल गया है और खुश्बू सड़क पर गिर गयी. गिरते ही उसका सिर ट्रक के पहिये के नीचे आ गया. इस दर्दनाक हादसे को लोग अब तक नहीं भुला सके हैं.
फ्लैंक के नाम डाल दी मिट्टी: वर्ष 1013 में एनएच 106 के निर्माण का टेंडर निकाला गया था. निर्माण एजेंसी टॉपलाइन कंस्ट्रक्शन को सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी गयी. एजेंसी को एनएच 106 को सिंहेश्वर के डंडारी से लेकर मधेपुरा के राजपुर तक सड़क को फ्लैंक के साथ बनाना था. हालांकि उक्त निर्माण एजेंसी को एनएच 106 और 107 में कई अन्य जगह की ठेकेदारी भी मिली थी. मधेपुरा से सिंहेश्वर के बीच निर्माण एजेंसी ने बुलडोजर मशीन से सड़क के किनारे से मिट्टी उठा कर वहीं डाल कर खानापूर्ति कर ली. वहीं मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में जहां सड़क के किनारे से मिट्टी उठाना संभव नहीं था, वहां ट्रैक्टर से मिट्टी डाली गयी. उस वक्त इस मामले को प्रभात खबर ने प्रमुखता से उठाया था, लेकिन सड़क के फ्लैंक के नाम पर डाली गयी मिट्टी उसी साल बरसात के महीने में पानी के साथ बह गयी. स्थिति जस की तस रह गयी.
वही विभाग ने आनन फानन में एजेंसी का भुगतान भी कर दिया.
विद्यार्थियो के लिए मौत का सफर : शहर के बस स्टैंड से सिंहेश्वर की ओर निकलते ही सड़क के दोनों ओर ऐसे पचासों प्वाइंट हैं जहां सड़क के किनारे एकाएक जमीन काफी नीची है. बस स्टैंड के बाद दायीं ओर काफी नीची जमीन है. वहीं कॉलेज चौक के बाद तो यह सिलसिला विद्युत विभाग के कार्यालय से काफी आगे तक लगातार ऐसे खतरनाक प्वाइंट हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि संत अवध कॉलेज से लेकर कॉलेज चौक के बीच कई शिक्षण संस्थान हैं. विश्वविद्यालय भी इसी क्षेत्र में है. इस सड़क पर रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी साइकिल से निकलते हैं. वहीं इस सड़क पर छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी गाड़ियां काफी संख्या में और तेज रफ्तार से गुजरती हैं. ऐसे में अगर ये विद्यार्थी रोज मौत के मुंह से निकलते हैं.
— ये प्वाइंट हैं खतरनाक
एन एच 106 पर शहरी क्षेत्र में कई ऐसे खतरनाक प्वाइंट हैं जहां हादसे इंतजार किया करते हैं. इनमें पुराने डीएसपी ऑफिस के सामने, विद्युत कार्यालय के सामने, विश्वविद्यालय के सामने, बॉबी नर्सरी के सामने, पीएचइडी कार्यालय के सामने से लेकर टी पी कॉलेज तक, रामरहीम रोड के सामने से लेकर बस स्टैंड से पहले तक, बीपी मंडल चौक से लेकर पुल तक आदि ऐसे प्वाइंट हैं जो काफी खतरनाक हैं. इन जगहों पर रोज साइड होने के चक्कर में लोग फिसल जाया करते हैं. अगर नगर परिषद क्षेत्र से गुजरने वाली एनएच पर फ्लैंक का निर्माण कराया जाना बेहद जरूरी है. सड़क क इस संवेदनशील पहलू को नजरअंदाज किया जाता है लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है.
विभाग की नजर में फ्लैंक हर जगह
फ्लैंक के बारे में जब एनएच के मधेपुरा प्रमंडल के अधिकारी से बातचीत की गयी तो उन्होंने एनएच पर हर जगह फ्लैंक दुरूस्त होने की बात कही. एनएच मधेपुरा प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार ने कहा कि एनएच 106 पर हर जगह फ्लैंक निर्मित है. निर्माण एजेंसी को इसके लिए भुगतान भी कर दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




