अस्पताल में इलाज नहीं, मिलती है सिर्फ बीमारी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :31 Dec 2015 6:11 AM (IST)
विज्ञापन

परिसर में गंदगी की भरमार, रोगियों को नहीं मिल रहा है लाभ मधेपुरा : रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष प्रखंड प्रमुख होते है. इसके बावजूद भी अस्पताल का सब कुछ ठीक ठाक नहीं है. अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. रोगियों को भोजन तक नहीं दिया जाता है. जबकि रोगियों को भोजन […]
विज्ञापन
परिसर में गंदगी की भरमार, रोगियों को नहीं मिल रहा है लाभ
मधेपुरा : रोगी कल्याण समिति का अध्यक्ष प्रखंड प्रमुख होते है. इसके बावजूद भी अस्पताल का सब कुछ ठीक ठाक नहीं है. अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. रोगियों को भोजन तक नहीं दिया जाता है. जबकि रोगियों को भोजन देने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गयी है.
शौचालय व मूत्रालय में गंदगी इतनी अधिक है कि दूर से से ही बदबू आने लगती है. सफाई कर्मी भी प्रतिनियुक्त है और शौचालय व मूत्रालय में फिनाइल देने की व्यवस्था सरकारी स्तर पर है. लेकिन साफ सफाई व फिनाइल तेल नहीं दिये जाने के कारण काफी बदबू आता है. बेड पर बिछाने के लिए सफेद या सतरंगी चादर की व्यवस्था है. फिर भी बेड पर चादर तक नहीं बिछाया जाता है. रोगियों को बिछावन की व्यवस्था खुद करना पड़ता है.
यहां एक प्रश्न खड़ा होता है कि आखिर रोगियों के लिए बिछाये जाने वाली संत रंगी चादर कहां रह जाती है. सही रूप से रोगियों को अस्पताल की ओर से दवा तक उपलब्ध नहीं कराया जाता है. अस्पताल में सोमवार से भरती हरैली गांव के जयकांत ऋषिदेव की पत्नी रूको देवी के बेड पर चादर तक नहीं देखा गया. वे अपना बिछवन बिछा रखी थी.
उन्हें भोजन तक अस्पताल की ओर से नहीं दिया जा रहा है. उन्हें डायलोना सूई भी बाहर की दूकान से खरीद कर लाना पड़ा. बावजूद इसके भी सूई देने वाला कोई कर्मचारी नहीं थी. जबकि वह रोग से काफी परेशान हो रही है. थी. स्वास्थ्य कर्मी कैंप में ही तास खेलने में मसगूल देखे गये. इसी तरह आनंदपुर गांव के सुबोध यादव की पत्नी प्रतीन देवी प्रसव पीड़ा से चौकी पर कराह रही थी. बिछावन के नाम पर इस ठंड के मौसम में उनी का छोटा साल बिछा रखी थी.
कोई देखने वाला भी नहीं था. अस्पताल परिसर में चार शौचालय व चार मूत्रालय है. लेकिन साफ सफाई नहीं किये जाने के कारण इतना बदबू आता है कि उसके अंदर जाने की हिम्मत किसी को नहीं थी. ऐसी स्थिति में रोगियों को खुले मैदान में सोच करना मजबूरी बन गयी है. अस्पताल की कुछ भी व्यवस्था सही नहीं है.
अस्पताल परिसर के पूर्वी व उत्तरी कोने में जहां दो मूत्रालय है वहां इतने गंदगी का अंबार है कि उससे काफी बदबू आते रहता है. अस्पताल परिसर की साफ सफाई स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जरूरी है. समझा जा सकता है उस मूत्रालय में कौन जाता होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










