ललिता का इलाज शुरू, 15 दिन बाद मिला तीनों टाइम का खाना

Updated at : 29 Nov 2017 5:53 AM (IST)
विज्ञापन
ललिता का इलाज शुरू, 15 दिन बाद मिला तीनों टाइम का खाना

नर्सिंग होम की संचालिका भेजी गयी जेल मधेपुरा : प्रभात खबर में 28 नवंबर के अंक में ‘घर पहुंची ललिता, पति ने कर्ज लेकर कराया इलाज’ शिर्षक से प्रकाशित खबर पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और मंगलवार अहले सुबह डॉक्टर की टीम एंबुलेंस से महेशुआ पंचायत के चौड़ा गांव पहुंच गयी. डॉक्टरों ने ललिता […]

विज्ञापन

नर्सिंग होम की संचालिका भेजी गयी जेल

मधेपुरा : प्रभात खबर में 28 नवंबर के अंक में ‘घर पहुंची ललिता, पति ने कर्ज लेकर कराया इलाज’ शिर्षक से प्रकाशित खबर पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और मंगलवार अहले सुबह डॉक्टर की टीम एंबुलेंस से महेशुआ पंचायत के चौड़ा गांव पहुंच गयी. डॉक्टरों ने ललिता की हालात गंभीर देख उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना ही मुनासिब समझा. वहां से ललिता पति निर्धन राम व पुत्र कुंदन के साथ सदर अस्पताल एंबुलेंस पहुंची. अस्पताल पहुंचते ही ललिता की जांच इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डाॅ संतोष कुमार ने की. इसके साथ ही ललिता का इलाज शुरू हो गया.
प्रारंभिक जांच के बाद ललिता को कालाजार के एक वार्ड में शिफ्ट कर स्लाइन चढ़ाया गया. इस दौरान डाॅ संतोष कुमार ने ललिता को दर्द के साथ-साथ गैस की सूई दी. डॉक्टर ने ललिता के शरीर में खून की कमी होने की बात कही. डाॅ संतोष ने इमरजेंसी के वार्ड इंचार्ज को निर्देश देते हुए कहा कि ललिता को दो से तीन बार ड्रेसिंग करना है. उन्होंने विभाग के टेक्निशियन को कहा कि ललिता के सीवीसी, एचबी, ब्लड सुगर की जांच होनी है. डाॅ संतोष ने खाना सप्लायर इंचार्ज को भी ललिता के साथ परिजनों को भी खाना देने का निर्देश दिया. गौरतलब है कि
बीमार ललिता का…
दो दिन पहले पटना स्थित शीतला नर्सिंग होम में 12 दिनों से ललिता बंधक बनी हुई थी. मां ललिता को मुक्त कराने के लिए कुंदन गांव-गांव भीख मांग कर पैसे जमा कर रहा था. इस पर प्रभात खबर ने 26 नवंबर के अंक में पटना के निजी नर्सिंग होम में बंधक है ललिता, बेटा गांव-गांव मांग रहा भीख. इस खबर पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना स्थित नर्सिंग होम से ललिता को मुक्त करवाया और एंबुलेंस से घर भिजवाया. रविवार देर रात घर पहुंची ललिता सोमवार दिन भर कराहती रही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे अंजान बना रहा, लेकिन प्रकाशित खबर पर सदर अस्पताल के सिविल सर्जन ने संज्ञान लेते हुए ललिता का सिर्फ इलाज ही नहीं शुरू कराया बल्कि 15 दिनों से एक समय खाने को मोहताज ललिता उसके पति निर्धन व बेटा कुंदन के लिए अस्पताल में तीनों टाइम भोजन का प्रबंध करवाया.
प्रकाशित खबर पर हरकत में आया स्वास्थ्य महकमा, सुबह छह बजे एंबुलेंस के साथ ललिता के घर पहुंची डॉक्टर की टीम
12 बजे ललिता को देखने पहुंचे सिविल सर्जन डाॅ गदाधर प्रसाद पांडे के साथ अन्य डॉक्टर
प्रकाशित खबर पर हरकत में आया स्वास्थ्य महकमा, सुबह छह बजे एंबुलेंस के साथ ललिता के घर पहुंची डॉक्टर की टीम
12 बजे ललिता को देखने पहुंचे सिविल सर्जन डाॅ गदाधर प्रसाद पांडे के साथ अन्य डॉक्टर
सुबह में दूध, केला व अंडा तो दिन में मिला चावल दाल रोटी : 15 दिनों से खाने को तरस रहे ललिता के पूरे परिवार के लिए मंगलवार की सुबह उम्मीद बन कर आयी. सदर अस्पताल में इलाज के साथ-साथ उसके पति व बेटे के लिए खाने
सुबह में दूध.
का प्रबंध किया गया था. अस्पताल के मैनुअल के अनुसार सुबह में चाय के बाद नाश्ता में दूध, केला अंडा व ब्रेड दिया गया. वहीं दिन व रात के खाने में चाल दाल रोटी के साथ हरी सब्जी भी दी गयी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन