हॉल्ट बना लेकिन यात्री सुविधा नदारद

Updated at :24 Oct 2015 6:33 PM
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हॉल्ट बना लेकिन यात्री सुविधा नदारद

हॉल्ट बना लेकिन यात्री सुविधा नदारद फोटो 3चित्र परिचय: गंगासराय हाल्टफोटो 4 चित्र परिचय: अशोकधाम हाल्ट प्रतिनिधि, लखीसरायरेल विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हॉल्ट का निर्माण किया, परंतु पेयजल, बिजली, शौचालय यात्री शेड व प्लेटफाॅर्म की समुचित व्यवस्था नहीं है. इस हॉल्ट पर आने जाने वाले यात्रियों खासकर महिला को काफी कठिनाइयों […]

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हॉल्ट बना लेकिन यात्री सुविधा नदारद फोटो 3चित्र परिचय: गंगासराय हाल्टफोटो 4 चित्र परिचय: अशोकधाम हाल्ट प्रतिनिधि, लखीसरायरेल विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हॉल्ट का निर्माण किया, परंतु पेयजल, बिजली, शौचालय यात्री शेड व प्लेटफाॅर्म की समुचित व्यवस्था नहीं है. इस हॉल्ट पर आने जाने वाले यात्रियों खासकर महिला को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. लखीसराय स्टेशन से उत्तर बड़हिया स्टेशन तक 20 किलोमीटर के बीच विभाग ने चार रेलवे हॉल्ट तक निर्माण किया. जिसमें अशोकधाम, धीराडाढ़-ज्वास, डुमरी व गंगासराय प्रमुख है. इस हॉल्टों में डुमरी छोड़ कर अन्य हॉल्टों पर न बिजली, न शौचालय, न यात्री शेड सहित अन्य प्रकार की सुविधा नदारद है. जबकि इस मार्ग से गुजरनेवाली सभी पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है. जिससे सैकड़ों यात्रियों का आना-जाना होता है. विडंबना है कि झरखंड राज्य में वैद्यनाथधाम के बाद बिहार राज्य में एक मात्र भोला बाबा का मंदिर अशोकधाम है. जहां शिव के भक्त प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में आते हैं व जलाभिषेक करते हैं. सावन माह में तो इसकी संख्या हजारों में हो जाती है. इसके बावजूद भी इस रेलवे हॉल्ट पर श्रद्धालु यात्रियों की कोइ सुविधा नहीं है. यह नाम का हॉल्ट है. यहां आनेवाले शिव भक्त रेलवे विभाग को कोसते जाते हैं. श्रद्धालु महिला पूनम भगत, रागिनी सिंह, प्रतिलाषा कुमारी, सुरन चौधरी ने कहा कि अशोकधाम रेलवे हॉल्टों पर यात्री को कोइ सुविधा नहीं है. विभाग को दार्शनिक व धार्मिक पर्यटल स्थल रहने के कारण हॉल्ट पर श्रद्धालुओं के लिए सारी सुविधा मुहैया करानी चाहिए जिससे वैद्यनाथधाम स्टेशन की तरह रेलवे राजस्व बढ़ सके. बिजली बिल में गड़बड़ी से लोग परेशान लखीसराय. शहर में बिजली बिल में काफी गड़बड़ी देखी जा रही है. जिसको लेकर आये दिन उपभोक्ता बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. उपभोक्ता की मानें तो विभाग के द्वारा ठेके पर कर्मियों को बहाल कर अनाप शनाप तरीके से मीटर रीडिंग कर गलत बिल भेज दिया जाता है. बिल सुधार के लिए जब आवेदन दिया जाता है तो उसमें सुधार करने के बजाय कई तरह के निर्देश दिये जाते हैं और उपभोक्ता को बेवजह परेशान किया जाता है. बिल जमा नहीं करने की स्थिति में कनेक्शन विच्छेद करने की बात विभाग के अधिकारी करते हैं. उपभोक्ताओं ने बताया कि कनेक्शन विच्छेद करने के बाद जब पुन: कनेक्शन कराने के लिए जाते हैं तो कनेक्शन के नाम पर विभाग की ओर कनेक्शन चार्ज के नाम पर राशि ली जाती है. उपभोक्ताओ के द्वारा पिछले कई महीने से गलत बिजली बिल देने की शिकायत करने के बावजूद विभाग ने आज तक बिल सुधार की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया है. जिस कारण आज भी उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल भेजा जा रहा है. कइ उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिनके घर में दो तीन सीएफएल जलाने के बाद भी एक महीने का बिजली हजारों रुपये में आ रहा है. ऐसे में उपभोक्ता परेशान होकर कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं. इस संबंध में कार्यपालक अभियंता अमोल कुमार ने बताया कि जिले में मीटर रीडींग देखकर बिल बनाया जाता है अगर परेशानी होती है तो कार्यालय में शिकायत उपरांत उसका सामाधान किया जाता है.

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