खगड़िया : जिंदा को मृत बता अस्पताल से निकाला

Updated at : 07 Jan 2017 8:30 AM (IST)
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खगड़िया : जिंदा को मृत बता अस्पताल से निकाला

खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिंदा को मृत बता कर इलाज नहीं करने का अनोखा मामला सामने आया है. सांप के काटने से पीड़ित हरिपुर के बबजन सादा की पुत्री शैंपू कुमारी के इलाज में लापरवाही ने उसे मौत की नींद सुला दिया. इससे गुस्साये परिजनों व ग्रामीणों ने अलौली-बखरी पथ पर शव […]

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खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिंदा को मृत बता कर इलाज नहीं करने का अनोखा मामला सामने आया है. सांप के काटने से पीड़ित हरिपुर के बबजन सादा की पुत्री शैंपू कुमारी के इलाज में लापरवाही ने उसे मौत की नींद सुला दिया. इससे गुस्साये परिजनों व ग्रामीणों ने अलौली-बखरी पथ पर शव रख कर जाम कर दिया.

परिजनों ने अलौली पीएचसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बच्ची जिंदा थी तो उसे कैसे मृत बता दिया गया. इधर, मृतक के पिता ने पीएचसी में इलाज में लापरवाही के कारण बेटी की मौत का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर इलाज होता तो शायद शैंपू आज जिंदा होती.

घर लाने के बाद भी चल रही थी सांसें

प्रखंड के हरिपुर महादलित टोला निवासी बबजन सादा की पुत्री को शुक्रवार की सुबह सांप ने काट लिया. उसे आननफानन में इलाज के लिये अलौली अस्पताल लाया गया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत बता कर परिजनों को शव ले जाने का फरमान सुना दिया. चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किये जाने के बाद परिजन उसे हरिपुर स्थित घर लाये तो देखा कि उसकी नब्ज व सांस चल रही थी. मौके पर मौजूद हरिपुर के मुखिया सहित अन्य लोगों ने भी देखा कि शैंपू की सांस चल रही है. तुरंत फिर से उसे इलाज के लिये ले जाने की तैयारी शुरू हुई लेकिन तब तक देर हो गयी थी.

समय पर इलाज होता, तो बच जाती जान

शैंपू कुमारी की मौत बाद परिजनों व स्थानीय लोगों ने अलौली-बखरी पथ पर शव रख कर जाम कर दिया. मृतका के पिता ने रोते हुए बताया कि समय पर इलाज हुआ होता तो शैंपू बच जाती. उन्होंने पीएचसी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तो इलाज से बचने के लिये जिंदा आदमी को मृत बता दिया जाता है.

सीएस को फोन उठाने की फुरसत नहीं

स्वास्थ्य विभाग की बदहाली का आलम यह है कि सिविल सर्जन से लेकर पीएचसी प्रभारी तक फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझते हैं. ऐसे में किसी आपातकालीन स्थिति में पीड़ित किसे फोन करें. पूरे मामले में सिविल सर्जन के सरकारी मोबाइल नंबर पर कई बार फोन करने पर रिसीव नहीं किया गया. उधर, मृतक के परिजनों ने भी बताया कि जानकारी देने के लिये सिविल सर्जन को कई बार फोन किया गया लेकिन मोबाइल रिसीव तक नहीं किया गया.

हरिपुर की शैंपू कुमारी को सांप के काटने के बाद अलौली अस्पताल ले जाया गया. वहां मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत बता कर परिजनों को शव ले जाने का फरमान सुना दिया. जबकि विवाहिता उस वक्त जिंदा थी. उसकी सांसें चल रही थी. अगर समय पर इलाज होता तो शायद शैंपू जिंदा होती. पूरे मामले में पीएचसी प्रभारी को जानकारी देकर लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की गयी है.

अरुण कुमार सिंह, मुखिया, हरिपुर

सांप के काटने के बाद आनन-फानन में अलौली पीएचसी पहुंचने पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ सोरेन ने शैंपू कुमारी को मृत घोषित कर दिया. जब उसे लेकर हरिपुर स्थित घर पहुंचे तो उसकी नब्ज व सांसें चल रही थी. जब तक उसे फिर से इलाज के लिये पीएचसी ले जाते तब तक उसने दम तोड़ दिया. इलाज में लापरवाही के कारण मेरी बेटी की मौत हुई है. पूरे मामले में डीएम को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की जायेगी.

बबजन सादा, मृतका के पिता

शुक्रवार की सुबह सांप के काटने से पीड़ित शैंपू कुमारी जब अलौली पीएचसी में इलाज के लिये आयी उस वक्त उसकी मौत हो चुकी थी. इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है.

डॉ सोरेन, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक

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