आम लोगों की थाली से हरी सब्जी गायब
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Aug 2015 7:59 AM (IST)
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खगड़िया : बाजारों में बिक रही हरी सब्जियों की उंची कीमत आम लोगों के पहुंच से दूर सी हो गई है. जिन्हें इन दिनो सब्जी खाना लगभग दूभर सा हो गया. सब्जी की बढ़ी कीमत का हाल यह है कि बाजार में सब्जी व फलों के कीमतों में कोई अंतर नहीं रह गया. अगर सेब […]
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खगड़िया : बाजारों में बिक रही हरी सब्जियों की उंची कीमत आम लोगों के पहुंच से दूर सी हो गई है. जिन्हें इन दिनो सब्जी खाना लगभग दूभर सा हो गया. सब्जी की बढ़ी कीमत का हाल यह है कि बाजार में सब्जी व फलों के कीमतों में कोई अंतर नहीं रह गया. अगर सेब 70 से 80 नारंगी 50 से 60 रुपए की दर से बिक रहा है तो प्याज भी 70 रुपए किलोग्राम की दर से बिक रहा है. वहीं फूल गोभी 80 से 100 रूपये किलो मिल रही है,
वहीं टमाटर, करेला, खीरा 40 रूपये किलो की दर से बिक रहा है. वहीं इस मौसम के समय में गांव देहायतों में आसानी व सुलभता से मिलने वाला सहजन भी 60 से 70 रूपए की दर से बिक रहा है. बाजारों में हाल यह है कि आम गरीब लोग हरी सब्जी की कीमत तक नहीं पुछ रहे. आम मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों के सब्जीयों की कीमत सुन पसीने छुट जाते है.
गृहणियों के अनुसार वर्तमान में सब्जी की कीमत इतनी बढी है कि हरी सब्जी नाम मात्र के खा पा रहे है. अमुमन सात आठ आदमी के परिवार में लगभग एक किलोग्राम सब्जी खपत है जिसका मुल्य 60 से 80 रूपया होता है. इसके अलावे आलु व प्याज की भी खपत होती है. जो किचन पर अरिक्त भार पर रहा है. जिस कारण चाह कर भी रोज हरी सब्जी नहीं खा पा रहे है. वहीं सब्जी विक्रेर्ता के अनुसार वर्तमान में सब्जी मंडी में हीं मंहगी मिल रही है.
जो की अन्य जिलों से आ रही है. बात प्याज की करें तो अभी प्याज 60 से 80 रूपये प्रतिकिलो मिल रही है. लोगों के जेहन में एक ही बात आ रही है कि मुरगा से ज्यादा महंगी तो मसाला ही हो गयी है. जिस वजह से लोग प्याज खाना बंद कर दिये हैं. आम लोगों की थाली से सब्जी तो पहले से ही अपना दबाव बनाये थी, वहीं प्याज की कीमत ने आसमान छूकर आम लोगों की थाली को हल्का कर दिया.
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