मानसी : टिकट के चक्कर में रोज छूटती है ट्रेन

Published at :21 Apr 2015 11:58 AM (IST)
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मानसी : टिकट के चक्कर में रोज छूटती है ट्रेन

मानसी : मानसी जंकशन पर यात्री सुविधा नाम की है. यहां प्रतिदिन लगभग 34 से 35 सौ रेल यात्री यात्र करते हैं. इसके बावजूद स्टेशन पर पेयजल, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है. सबसे रोचक बात तो यह है कि इस स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की ट्रेनें अकसर छूट जाती है. इसका […]

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मानसी : मानसी जंकशन पर यात्री सुविधा नाम की है. यहां प्रतिदिन लगभग 34 से 35 सौ रेल यात्री यात्र करते हैं. इसके बावजूद स्टेशन पर पेयजल, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है. सबसे रोचक बात तो यह है कि इस स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की ट्रेनें अकसर छूट जाती है. इसका कारण जंकशन पर एक टिकट काउंटर का होना है.

खराब है मशीन

शुक्रवार एवं सोमवार को टिकट काउंटर पर यह भीड़ और भी ज्यादा हो जाता है. इस दिन धमहरा स्थित मां कात्यायनी मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं को आना जाना होता है. इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य टिकट घर के समीप पोएट मशीन लगाया गया था. इसमें यात्री अपना वेटिंग आरक्षित टिकट का पीएनआर नंबर डालकर सीट कंफर्म की जानकारी ले सकें. लेकिन मशीन लगने के कुछ माह बाद ही खराब हो गया. जो अभी तक खराब पड़ा है.

नहीं बन पाया टिकट घर के पास शेड

राजद नेता नंदलाल मंडल, भाजपा नेता सह पूर्वी ठाठा पंचायत के मुखिया अमोद कुमार यादव आदि ने बताया कि मुख्य टिकट घर में यात्रियों के लिए मात्र एक ही टिकट खिड़की प्राय: खुला रहता है. इस कारण एक टिकट लेने यात्रियों को एक ही टिकट खिड़की से टिकट लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि पूर्व डीआरएम के निरीक्षण के दौरान टिकट घर के पास शेड को बढ़ाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आज तक कार्य नहीं हो सका . वहीं वैश्य नेता प्रेम कुमार यशवंत ने बताया कि मानसी जंकशन से हाट बाजार में माल बुकिंग को बंद कर दिया गया है. इससे यहां के व्यापारियों को काफी दिक्कत होता है.रेलवे को भी राजस्व की कमी हो रहा है.

कहते हैं डीसीआइ

मुख्य वाणिज्य निरीक्षक नील रत्न अंबष्ट ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है.

एक टिकट के लिए डेढ़ घंटे रहते हैं खड़े

स्थानीय जंकशन पर मुख्य टिकट घर में केवल एक टिकट काउंटर पर यात्रियों को टिकट कटाना पड़ता है. घंटों लाइन में रह कर काफी मशक्कत के बाद टिकट कटा लेने के बाद यात्री ट्रेन पकड़ते हैं. रेल यात्री को टिकट के लिए एक से डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. इस चक्कर में कई बार तो यात्रियों की गाड़ी तक छूट जाती है. सर्वाधिक परेशानी बुजुर्ग व महिला यात्रियों को होती है. कभी कभी तो बुजुर्ग व महिला यात्री टिकट भी नहीं कटा पाते हैं. जंकशन पर सबसे ज्यादा भीड़ सुबह आठ बजे 12 बजे के दिन तक दिखाई पड़ता है. हालांकि मुख्य टिकट घर व स्टेशन के बाहर (आरओबी) टिकट घर लगाकर तीन टिकट काउंटर हैं. मुख्य टिकट घर के पास दो टिकट काउंटर है. इसमें एक ही खुला रहता है. दूसरा प्राय: बंद ही रहता है. इस कारण लंबी लाइन में खड़े यात्री कभी कभी ट्रेन भी छूट जाता है. या बिना टिकट लिए ही यात्र करने को मजबूर हो जाते है.

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