शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से बैन

Updated at : 10 Dec 2017 5:04 AM (IST)
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शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से बैन

सख्ती. पहले दिन पांच ट्रैक्टर मालिकों पर लगाया गया जुर्माना खगड़िया : शहर में भारी वाहन के प्रवेश पर बैन लगा दी गई है. अगर माल वाहक सहित अन्य भारी वाहन प्रवेश किया तो जब्त कर वाहन चालक/मालिक पर जुर्माना लगाए जाएंगे. उक्त जानकारी डीटीओ पुरुषोत्तम ने दी. माल वाहक वाहन पर जुर्माना लगाने का […]

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सख्ती. पहले दिन पांच ट्रैक्टर मालिकों पर लगाया गया जुर्माना

खगड़िया : शहर में भारी वाहन के प्रवेश पर बैन लगा दी गई है. अगर माल वाहक सहित अन्य भारी वाहन प्रवेश किया तो जब्त कर वाहन चालक/मालिक पर जुर्माना लगाए जाएंगे. उक्त जानकारी डीटीओ पुरुषोत्तम ने दी. माल वाहक वाहन पर जुर्माना लगाने का सिलसिला भी आरंभ हो गया. उक्त श्रेणी के वाहन के शहर में नो-इंट्री के आदेश जारी होने के साथ ही इसपर सख्ती बरती जाने लगी है. शनिवार को पांच ट्रैक्टर को शहर से जब्त कर लिया गया. इन सभी ओवर लोड ट्रैक्टर को डीएम जय सिंह एवं एसडीओ मनेश कुमार मीणा की मौजूदगी में डीटीओ ने जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा करा दिया.
बताया जाता है कि नो इंट्री क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ-साथ क्षमता से अधिक सामान लादने का जुर्माना लगाया जाएगा. अगर अन्य कागजात नहीं पाए गए तो उसका जुर्माना भी ट्रेक्टर मालिक पर लगाया जाएगा.
आमलोगों को जाम की समस्या से स्थाई निदान के लिए शहर में भारी व मालवाहक वाहन के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. आदेश तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा. ई-रिक्शे पर भी विभाग की नजर है. जल्द ही अभियान चलाकर ई-रिक्शे को शहर से बाहर किया जाएगा. साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा.
पुरुषोत्तम, डीटीओ खगड़िया
ई-रिक्शा पर कसा जायेगा शिकंजा
शहर जाम से पहले भी परेशान रहा है. वर्तमान में स्थिति और भी खराब हो गई है. इसका सबसे बड़ा जिम्मेवार ई-रिक्सा है. जानकार बताते हैं कि बीते दो वर्ष के दौरान शहर में ई-रिक्शा के परिचालन अप्रत्याशित वृद्धि हुई. पहले शुरुआत दो-चार रिक्शे से हुई थी लेकिन जानकार बताते है कि अब यह संख्या दो हजार को भी पार कर गई है.
शहर में कहीं भी इन रिक्शों को लगाने के लिए अलग से स्टैंड नहीं है. सभी रिक्शे सड़क या फिर इसके किनारे लगते है. इसी वजह से जाम की स्थिति अब और विकराल हो गई है. सूत्र की माने तो शहर में चलने वाली अधिकांश रिक्शे का न तो परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन है और न बीमा. सरकार को चूना लगाकर ये ई-रिक्शे शहर में दौड़ रही है.
जाम की समस्या से बेहाल थे लोग
पूरा शहर जाम से त्रस्त है. जाम की वजह से घंटों वाहनों की लंबी कतार लगना अब आम बात हो गई है. कब कहां जाम लग जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है. शहर में जाम के तीन मुख्य कारण है. पहला सड़कों के किनारे लगने वाले शहर में सैंकड़ों दुकानें, दूसरा अत्यधिक संख्या में ई-रिक्शा का अवैध परिचालन तथा तीसरा भारी एवं माल वाहक वाहनों का धड़ल्ले से शहर में आना और जाना.
उल्लेखनीय है कि शहर के एसडीओ रोड, मील रोड, मेन रोड, एनएससी रोड, सागरमल चौक एवं मालगोदाम रोड से राजेन्द्र चौक तक सबसे अधिक एवं प्रायः यहां जाम लगते है. जाम लगने का एक वजह बड़े वाहनों का आना-जाना है. प्रशासन की इस सख्त नियम की वजह से लोगो को जाम से निजात मिलेगी.
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