फिल्म के नाम पर देश की संस्कृति के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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नाराजगी. पद्मावती फिल्म के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, किया विरोध शहर में जुलूस निकाल कर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग भभुआ नगर : फिल्मकार संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म पद्मावती के विरोध में शहर में शनिवार को लोग सड़कों पर उतरे. क्षत्रिय विचार मंच के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फिल्म […]
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नाराजगी. पद्मावती फिल्म के विरोध में सड़क पर उतरे लोग, किया विरोध
शहर में जुलूस निकाल कर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग
भभुआ नगर : फिल्मकार संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म पद्मावती के विरोध में शहर में शनिवार को लोग सड़कों पर उतरे. क्षत्रिय विचार मंच के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फिल्म के प्रदर्शन का विरोध करते हुए सड़क पर मार्च निकाला और जम कर नारे लगाये. क्षत्रिय विचार मंच के तत्वावधान में सैकड़ों युवाओं ने नगर के सरदार वल्लभ भाई पटेल कॉलेज के खेल मैदान से जुलूस निकाला और पटेल चौक, जयप्रकाश चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे, जहां ये जुलूस सभा में तब्दील हो गया.
पटेल कॉलेज से चल कर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंची विरोध रैली वहां सभा में तब्दील हो गयी, जिसे कई वक्ताओं ने संबोधित किया. इस सभा को संबोधित करते हुए क्षत्रिय विकास मंच के संयोजक अमरेंद्र सिंह उर्फ चट्टान सिंह ने कहा कि जौहर का वो हाल क्या जाने जो शौहर रोज बदलते है, संजय लीला भंसाली द्वारा बनायी गयी पद्मावती फिल्म भारतीय संस्कृति पर हमला है, जिसे हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. मौके पर पेड़ा सिंह ने कहा कि फिल्म के नाम पर देश की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
इनके इन शब्दों को सुन वहां मौजूद लोगों ने जय भवानी का नारा लगाया. पूर्व चैयरमैन मलाई सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रानी पद्मावती वीरांगना थी, जो जौहर में जल गयीं, लेकिन समर्पण नहीं किया. रानी हमारी आदर्श है, जिससे किसी भी प्रकार का खिलवाड़ देश का कोई भी नागरिक बर्दाश्त नहीं करेगा. बृजेश सिंह ने कहा कि एक साजिश के तहत हिंदू समाज की सांस्कृतिक धरोहरों पर आघात पहुंचाया जा रहा है. फिल्म पद्मावती में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है.
भंसाली का जलाया पुतला
समाहरणालय पर सभा की समाप्ति के बाद जुलूस वहां से एकता चौक पहुंचा, जहां लोगों ने भंसाली का पुतला जलाया. आक्रोशित लोगों ने केंद्र सरकार से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने रानी पद्मावती का अपमान को पूरे देश का अपमान बताया. इस अवसर पर लोगों ने कहा कि रानी पद्मावती एक आदर्श के रूप में भारतीय इतिहास में स्थापित है, वह जाति व धर्म से ऊपर है, भंसाली ने इतिहास को गलत ढंग से दिखा कर मजाक भारतीय संस्कृति का बनाया है.
वीरांगना पद्मावती ने देश, समाज और कुल की आन बान और शान के लिए 16 हजार नारियों के साथ स्वयं को जंगे मैदान अपनी तलवार की जौहर खिलजी को परिचय करायी थी. ऐसी विरांगना के त्याग-बलिदान को दरकिनार कर संजय लीला भंसाली उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है. इस प्रदर्शन और पुतला दहन के बाद क्षत्रीय विकास मंच द्वारा जिलाधिकारी से मिल फिल्म को बैन करने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा. इस मौके पर अजय शंकर पांडेय, कमलेश सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, रितेश सिंह, अनूप सिंह, रणजीत सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.
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