जल में विहार करने का लोगों का सपना अधूरा ही रह गया
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जमुई : मुख्यालय स्थित समाहरणालय के सामने जल विहार के लिए पार्क का लोगों का सपना अधूरा ही रह जायेगा या पूरा हो भी पायेगा. निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 11 साल बाद भी यह पार्क आज तक अधूरा पड़ा है. इस तालाब में बारिश के दिनों में थोड़ा बहुत पानी जमा रहता है, लेकिन […]
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जमुई : मुख्यालय स्थित समाहरणालय के सामने जल विहार के लिए पार्क का लोगों का सपना अधूरा ही रह जायेगा या पूरा हो भी पायेगा. निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 11 साल बाद भी यह पार्क आज तक अधूरा पड़ा है. इस तालाब में बारिश के दिनों में थोड़ा बहुत पानी जमा रहता है, लेकिन इसके पश्चात यह पशुओं का चारागाह बना रहता है. समाहरणालय के समक्ष मत्स्य विभाग के तालाब में जल विहार के लिए पार्क बनाने का कार्य का शुभारंभ तत्कालीन सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने वर्ष 2007 में किया था.
इसके पश्चात तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सांसद श्री यादव ने अपने विकास निधि से पांच लाख रुपये की राशि दी थी. तत्कालीन चकाई विधायक फाल्गुनी प्रसाद यादव और दामोदर रावत ने भी अपने-अपने शांत विधायक कोटा से पांच-पांच लाख रुपया देने का भी अनुशंसा की थी. लेकिन अधिकारियों की खींचतान में यह पार्क अधर में लटक गया. तत्कालीन सांसद के प्रयास से हुआ था थोड़ा-बहुत निर्माण कार्य तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने इस पार्क के निर्माण हेतु शुरुआत में पांच लाख रुपया अपने सांसद निधि से दिया था. जिससे तालाब में मिट्टी भराई का कार्य, टोवाल, पीसीसी पथ, प्लेटफाॅर्म, चेक स्टाइल और तालाब के बीच 11 पाया वाला गोलंबर का निर्माण किया गया. इसके पश्चात राशि उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण इस पार्क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा रह गया.
2015 में तत्कालीन डीएम ने शुरू की थी कवायद
वर्ष 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी ने अपने स्तर से तालाब के बीचोबीच लोगों के बैठने के लिए एक प्लेटफाॅर्म निर्माण कराने और तालाब के अधूरे पड़े सभी कार्य को पूरा करने के लिए प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेजा था. साथ ही तालाब के बीचोबीच एक स्तंभ का निर्माण करा कर उस पर ताम्रपत्र से जमुई के सभी साहित्यकारों और स्वतंत्रता सेनानी का पूरा विवरण लिखवाने और एक प्रकाश स्तंभ लगवाने का कवायद प्रारंभ किया था. लेकिन उनका स्थानांतरण होने के बाद यह धन योजना आज तक जस की तस फिर से अधूरी रह गयी.
कहते हैं जिलाधिकारी
नवपदस्थापित जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मुझे फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं लेकिन शीघ्र ही इस तालाब में जल बिहार हेतु पार्क के निर्माण के लिए कवायद की जायेगी.
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