ककककनिजी स्कूल के बीपीएल बच्चों को किताब व पोशाक

Updated at :15 Jan 2016 8:03 PM
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ककककनिजी स्कूल के बीपीएल बच्चों को किताब व पोशाक

ककककनिजी स्कूल के बीपीएल बच्चों को किताब व पोशाकशिक्षा सचिव ने निजी स्कूल के प्राचार्यों के साथ की बैठक25 फीसदी बीपीएल बच्चों के नामांकन को ले जारी होगा गाइडलाइनसंवाददातारांची : शिक्षा के अधिकार अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नामांकित बीपीएल बच्चों को सरकार किताब, पोशाक व स्कूल किट देगी़ शिक्षा विभाग निजी स्कूलों […]

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ककककनिजी स्कूल के बीपीएल बच्चों को किताब व पोशाकशिक्षा सचिव ने निजी स्कूल के प्राचार्यों के साथ की बैठक25 फीसदी बीपीएल बच्चों के नामांकन को ले जारी होगा गाइडलाइनसंवाददातारांची : शिक्षा के अधिकार अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नामांकित बीपीएल बच्चों को सरकार किताब, पोशाक व स्कूल किट देगी़ शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकन के लिए नये सीरे से गाइडलाइन तैयार कर रही है़ स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने शुक्रवार को पांच जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक व निजी स्कूल के प्रचार्यों के साथ बैठक की़ सरकार वर्तमान में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा आठ तक के बच्चों को किताब, पोशाक व स्कूल कीट देती है़ बैठक में निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकन को लेकर बन से गाइडलाइन पर विचार किया गया़ स्कूलों सुझाव मांगे गये़ इसके अलावा सरकार की आेर से नामांकन को लेकर बनाये जा रहे नियमावली की जानकारी प्राचार्यों को दी गयी़ प्राचार्यों को बताया गया कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बीपीएल बच्चों शिक्षण शुल्क के लिए राशि का निर्धारण कर दिया गया है़ एक बच्चा के लिए स्कूल को प्रतिमाह 425 रुपये के दर से भुगतान किया जायेगा़ सरकार नियमावली में नामांकन के लिए स्कूल के से बच्चों के आवास की अधिकतम व न्यूनतम दूरी तय करेगी़ नामांकन के लिए राज्य भर में एक प्रक्रिया अपनायी जायेगी़ आवेदन मिलने से लेकर जमा करने की तक की एक तिथि होगी़ इसके अलावा अल्पसंख्यक निजी स्कूलों के मापदंड भी सरकार नये सीरे से तय करेगी़ वर्तमान में कई निजी विद्यालय अपने को अल्पसंख्यक विद्यालय बताकर बीपीएल बच्चों का नामांकन नहीं लेते है़ निजी स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकन के लिए अभिभावक के वार्षिक आय का निर्धारण किया जायेगा़ नियमावली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक कमल शंकर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है़ बैठक में रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर व धनबाद के जिला शिक्षा अधीक्षक, व निजी स्कूलों के प्राचार्यों ने भाग लिया़———————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————-बेल बांड खारिज कर कोर्ट रूम से ही जेल भेजाहत्या के आरोप में गुमला कोर्ट ने सुनायी है आजीवन कारावास की सजावर्ष 2004 से लंबित है क्रिमिनल अपीलरांची : झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए चार अपीलकर्ताअों का बेल बांड खारिज करते हुए उन्हें कोर्ट रूम से ही जेल भेज दिया. इन सबके द्वारा एक साथ दो-दो अपील दायर कर कोर्ट को गुमराह किये जाने से अदालत काफी नाराज थी. मालूम हो कि प्रार्थी नयन उरांव व अन्य की अोर से वर्ष 2004 में दो क्रिमिनल अपील दायर की गयी थी. एक अपील में जमानत आवेदन खारिज (12 मई 2004 को) हो गया था, जबकि एक मामले (अपील संख्या 186/2004) में कोर्ट ने आठ नवंबर 2004 को जमानत प्रदान कर दी थी.मामले की जानकारी मिलने के बाद कोर्ट ने पूर्व में अपील याचिका की सुनवाई के दाैरान अपीलकर्ताअों को शो कॉज जारी कर सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. सुनवाई के दाैरान सभी अपीलकर्ता उपस्थित थे. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस पीपी भट्ट की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए मामले में कड़ी नाराजगी जतायी. सुनवाई के दाैरान कोर्ट में पुलिस बुलाया गया. खंडपीठ के कड़े रूख के बाद आनन-फानन में प्रोटोकॉल अॉफिसर पुलिस के साथ अदालत कक्ष में पहुंचे. खंडपीठ ने पुलिस को अपीलकर्ता नयन उरांव, एतवा उरांव, छोटुवा उरांव व बुद्धेश्वर उरांव को गिरफ्तार करने आैर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में बंद करने का आदेश दिया. तत्काल पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया. खंडपीठ ने माैखिक रूप से कहा कि प्रार्थी को सच्चाई बतानी चाहिए. एक साथ दो-दो अपील क्यों दायर की गयी. हाइकोर्ट मजाक बरदास्त नहीं कर सकता है. यह गंभीर मामला है. इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है. राज्य सरकार की अोर से अधिवक्ता रवि कुमार सिंह ने पक्ष रखा. उधर हाइकोर्ट के आदेश के बाद रजिस्ट्री विभाग ने आवश्यक कागजी कार्रवाई की. देर शाम तक चारों को जेल भेज दिया गया.क्या है मामलागुमला की निचली अदालत ने वर्ष 2004 में हत्या के मामले में दोषी पाकर आरोपी नयन उरांव, एतवा उरांव, छोटुवा उरांव व बुद्धेश्वर उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. इनकी अोर से हाइकोर्ट में अपील संख्या 186/2004 दायर निचली अदालत के आदेश को चुनाैती दी गयी. उक्त आरोपियों की अोर से एक आैर अपील संख्या 574/2004 दायर कर दी गयी.—————————————————————————————————————————————–नेतरहाट स्कूल की गरिमा बनी रहे : डॉ दिनेश उरांवनेतरहाट विद्यालय का कैंपस वाइफाइ जोन बनेगा : आराधना पटनायकविद्यालय के बेहतर संचालन के लिए योग्य शिक्षक का चयन आवश्यक : डॉ केके नागनेतरहाट विद्यालय की गुरुकुल परंपरा का पुनरावलोकन, 61 वर्ष उपरांत विषय पर विचार गोष्ठीसंवाददाता, रांचीविधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव ने कहा कि नेतरहाट स्कूल की गरिमा बनी रहनी चाहिए़ हाल के वर्षों में विद्यालय की साख में गिरावट आयी है़ इसकी गरिमा बरकरार रखना हम सब की जिम्मेदारी है़ उक्त बातें विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को नेतरहाट विद्यालय समिति के तत्वावधान में आयोजित विचार गोष्ठी में कही़ प्रोजेक्ट भवन सभागार में नेतरहाट विद्यालय की गुरुकुल परंपरा का पुनरावलाेकन, 61 वर्ष उपरांत विषय पर विचार गाेष्ठी का आयोजन किया गया था़ डाॅ उरांव ने कहा कि वह 1972 में इस स्कूल में गये थे़ इसके बाद विधानसभा सदस्य के रूप में स्कूल में गये़ पहले की तुलना में विद्यालय की स्थिति खराब हो गयी है. उन्होंने कहा कि रांची में नेतरहाट विद्यालय समिति का कार्यालय होना चाहिए़रांची विवि के पूर्व कुलपति डॉ केके नाग ने कहा कि विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए अच्छे शिक्षकों का चयन आवश्यक है़ आज लोगों का चारित्रिक पतन हुआ है़ नेतरहाट विद्यालय की स्थापना चरित्र निर्माण के लिए हुई थी़ नेतरहाट विद्यालय समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भगत ने विद्यालय की गुरुकुल परंपरा के बारे में बताया़ मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राम नरेश सिंह, विद्यालय के पूर्व शिक्षक कृष्ण स्वरूप प्रसाद, नेतरहाट विद्यालय समिति के ओएसडी प्रयाग दूबे समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित थे़ विचार गोष्ठी के दूसरे सत्र में वक्ताओं ने विद्यालय की गुरुकुल परंपरा के बारे में बताया़बच्चों का संपूर्ण विकास विद्यालय का मूल उद्देश्य : एनएन सिन्हाग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा ने कहा कि नेतरहाट विद्यालय के लिए सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है़ हमें भी अपने स्तर पर विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए प्रयास करना चाहिए़ विद्यालय का मूल उद्देश्य बच्चों का संपूर्ण विकास होना चाहिए़ इस विद्यालय में बच्चे परिवार की तरह रहते हैं.चार वर्षों में 30 करोड़ दिये गयेस्कूली शिक्षा व साक्षरता सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि गत चार वर्षों में विद्यालय को लगभग 30 करोड़ रुपये दिये गये है़ं विद्यालय व सरकार के बीच समन्वय के लिए सेल का गठन किया गया है़ नेतरहाट विद्यालय के कैंपस को वाइफाइ युक्त किया जायेगा़ विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए 23 सूत्री एजेंडा तय किया गया है़—————————————————————————————————————————————–शिबू सोरेन के निर्वाचन मामले में आंशिक सुनवाईरांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्रा की अदालत में शुक्रवार को दुमका के सांसद शिबू सोरेन के निर्वाचन को चुनाैती देनेवाली चुनाव याचिका पर आंशिक सुनवाई हुई. प्रतिवादी के अधिवक्ता के बीमार होने की सूचना मिलने पर अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी. साथ ही अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तिथि निर्धारित की. प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने पक्ष रखा. मालूम हो कि प्रार्थी सुनील सोरेन ने चुनाव याचिका दायर कर प्रतिवादी शिबू सोरेन के निर्वाचन को चुनाैती दी है. उन्होंने लोकसभा चुनाव के दाैरान गड़बड़ी करने व प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.—————————————————————————————————————————————–महेंद्र सिंह का शहादत दिवस आज, बगोदर पहुंचेंगे दीपंकररांची. माले नेता महेंद्र सिंह का शहादत दिवस शनिवार को मनाया जायेगा. शहादत दिवस के मौके पर बगोदर में पार्टी द्वारा संकल्प सभा आयोजित की जायेगी़ माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपकंर भट्टाचार्य सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता बगोदर पहुंचेंगे़ भाकपा माले 16 जनवरी को संकल्प दिवस के रूप में मनायेगी . इस अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में श्रद्धाजंलि व संकल्प सभा आयोजित की जायेगी . इधर राजधानी के अलबर्ट एक्का चौक पर दिन के 11़ 30 बजे संकल्प सभा आयोजित की जायेगी़ इस अवसर पर बुद्धिजीवी ,सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक, रंगकर्मी समेत कई लोग भाग लेंगे. पार्टी नेता भुनेश्वर केवट ने बताया कि संकल्प सभा के साथ केंद्र और राज्य सरकार की दमन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जायेगी़—————————————————————————————————————————————–एचआरए रूल में संशोधनरांची : कोल इंडिया ने नयी जनगणना के आधार पर हाउस रेंट अलावेंस (एचआरए) रूल में संशोधन किया है. कोल इंडिया ने 2011 की जनगणना के आधार पर झारखंड में रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो स्टील सिटी को वाइ श्रेणी में शामिल किया है. कोल इंडिया ने एक्स, वाइ और जेड श्रेणी में शहरों को सूचीबद्ध किया है.—————————————————————————————————————————————–इस्पात उत्पादन में ऑनलाइन एनालाइजर की जरूरत : डॉ बिमनसेल में ऑल–लाइन एनालिसिस फॉर रॉ मैटेरियल्स इन स्टील इंडस्ट्री’विषय पर तकनीकी कार्यशालारांची. इस्पात उत्पादन में ऑनलाइन एनालाइजर आवश्यक है. इससे कोयले की क्वालिटी सही होगी और ब्लास्ट फर्नेस में काम करते समय तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा. सेल द्वारा इस पर बोकारो स्टील में कार्य हो रहा है. उक्त बातें डाॅ बिमल कुमार झा (कार्यपालक निदेशक, आरडीसीआइएस) ने इस्पात भवन के प्रेक्षागृह में दो दिवसीय ‘ऑल–लाइन एनालिसिस फॉर रॉ मैटेरियल्स इन स्टील इंडस्ट्री’ विषय पर तकनीकी कार्यशाला में कही. उन्होंने कहा कि कच्चे माल, कोयला मिश्रण और सिंटर मिक्स तैयारी के अनुकूलन के लिए सेल के इस्पात संयंत्र में ऑनलाइन कच्चे माल की मौलिक और मॉइश्चर एनालाइजर अप्लीकेशंस के अधिक से अधिक महत्व पर बल दिया गया है. इससे इस्पात संयंत्र के प्रदर्शन में सुधार होगा.डॉ बीबी अग्रवाल (महाप्रबंधक, आरडीसीआइएस) ने ऑनलाइन एलिमेंटल एवं मॉइश्चर एनालाइजर्स के अत्याधुनिक तकनीक सुविधाअों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विषय से संबंधित तकनीकी विचार–विमर्श से प्रोद्योगिकी अपनाने में मदद मिलेगी.कार्यशाला में देश–विदेश से कुल 15 संगठनों के 120 प्रतिनिधि शामिल हुए. इसमें सेल के विभिन्न इंटीग्रेटेड इस्पात संयंत्र, आरडीसीआइएस, सेट, मेकन व टेक्नोलॉजी सोल्यूशन द्वारा विचारों का आदान–प्रदान किया गया. इस कार्यशाला में प्रमुख वैश्विक समाधान प्रदाताओं द्वारा ऑनलाइन क्रॉस बेल्ट एलिमेंटल एनालिजर्स एवं मॉइश्चर के बारे में आलेख प्रस्तुत किया गया. मेसर्स थर्मो फिशर साइंटिफिक, मेसर्स साबिया बल्क मैटेरियल्स एनालाइजर्स, मेसर्स रियल टाइम इंस्ट्रूमेंट्स, मेसर्स बर्टहोल्ड टेक्नोलॉजिज एवं मेसर्स इएमटी इलेक्ट्रानिक द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्र में सुविधाओं और कच्चे माल विश्लेषक प्रौद्योगिकी के मामले में अध्ययन पेश किये गये.कार्यक्रम में तकनीकी जानकारी की एक सीडी भी जारी की गयी. कार्यशाला में अनूप प्रसाद (सहायक महाप्रबंधक,आरडीसीआईएस) ने भी विचार रखे़—————————————————————————————————————————————–झारखंड में खुलेगी निफ्ट की शाखामुख्यमंत्री ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री को लिखा था पत्रकेंद्र सरकार ने दी सहमतिरांची, जमशेदपुर, धनबाद या बोकारो में हो सकती है निफ्ट की स्थापनासुनील चौधरीरांची : झारखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट अॉफ फैशन टेक्नोलॉजी(निफ्ट) की शाखा खुलेगी. मुख्यमंत्री रघुवर दास के आग्रह पर केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने इसकी सहमति दे दी है.मुख्यमंत्री ने 22 दिसंबर 2015 को केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के राज्यमंत्री संतोष गंगवार को पत्र लिखा था. उन्होंने पत्र में आग्रह किया था कि केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य में निफ्ट की स्थापना करने की नीति बनायी है. झारखंड भी इसके लिए इच्छुक है. झारखंड में अबतक निफ्ट जैसा प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना नहीं हो सकी है. झारखंड में तेजी से बढ़ते रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद जैसे शहर हैं. जहां आसानी से निफ्ट के लिए छात्र मिल जायेंगे. साथ ही रोजगार का सृजन भी होगा. मुख्यमंत्री ने रांची या अन्य किसी शहर में निफ्ट की स्थापना होने पर भूमि देने की प्रतिबद्धता जतायी है.बताया गया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के निर्देश पर निफ्ट के महानिदेशक सुधीर त्रिपाठी ने इसकी सहमति देते हुए निफ्ट की स्थापना के लिए नये कैंपस की जरूरतों के बाबत सारी जानकारी मुख्यमंत्री को भेज दी है. इसके बाद मुख्यमंत्री के सचिव सुनील बर्णवाल ने उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव यूपी सिंह को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने करते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है.20 से 30 एकड़ का कैंपस होगा निफ्ट कानिफ्ट द्वारा भेजे गये गाइडलाइन में पूरे कैंपस के 25 से 30 एकड़ भूमि की जरूरत बतायी गयी है. जिसमें एकेडमिक एरिया के लिए 13500 वर्ग मीटर, एडमिनेस्ट्रेटिव एरिया के एक हजार वर्ग मीटर, रेसिडेंशियल एरिया के लिए 32500 वर्ग मीटर व अन्य सेवाओं के लिए 3000 वर्ग मीटर लगभग 50 हजार वर्ग मीटर जमीन की जरूरत बतायी गयी है. जो 20 से 30 एकड़ में पूरा होगा. वहीं कैंपस निर्माण में 150 से 200 करोड़ रुपये खर्च की बात कही गयी है. प्रतिवर्ष 450 छात्रों का इसमें दाखिला होगा.किस संस्थान को कितना जमीन चाहिए-डीवीसी को कार्यालय खोलने के लिए पांच एकड़ जमीन चाहिए. वर्ष 2007 में ही इसकी मांग की गयी थी. अबतक जमीन उपलब्ध नहीं करायी गयी है. डीवीसी कार्यालय खुलने पर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.-आरबीआइ को स्थानीय कार्यालय के लिए चार एकड़ जमीन की जरूरत है. जो नहीं मिली है.आरबीअाइ कार्यालय खोलने पर भी स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूपसे रोजगार के अवसर मिलेंगे.उद्योगों को भी चाहिए 66 861 एकड़ जमीनराज्य में अलग-अलग उद्योगों की स्थापना के लिए भी 66 हजार एकड़ जमीन की जरूरत है. ये उद्योग वर्ष 2008 से लेकर 2010 के बीच ही सरकार से जमीन की मांग करते रहे हैं. अब तक इन्हें जमीन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. भूमि न मिलने की वजह से ही टाटा स्टील, आर्सेलर मित्तल, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू, जेएसपीएल, एस्सार पावर, टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों की परियोजनाएं लंबित हैं. ये परियोजनाएं लगभग आठ से दस साल से लंबित है. इनकी भूमि के लिए संचिका कभी संबंधित जिलों के उपायुक्त, राजस्व विभाग या वन विभाग के पास झूलती रहती है. यदि ये सारे उद्योग लग जाय तो झारखंड में लगभग दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे.जिनकंपनी भूमि की जरूरत(एकड़) स्थान प्रस्तावित निवेश(करोड़ में) स्थितिआधुनिक ग्रुप 1584 कांड्रा 5517 140 एकड़ में प्लांट चालू, शेष जमीन का इंतजारएएमएल स्टील एंड पावर लि. 2000 सिन्नी 1944 120 एकड़ में प्लांट चालू, शेष जमीन का इंतजारटाटा स्टील(ग्रीन फील्ड) 4143 मनोहरपुर 42000 जमीन के कारण लंबितजिंदल स्टील एंड पावर लि. 3100 पतरातू 18560 लगभग एक हजार एकड़ में प्लांट चालू, शेष जमीन के कारण विस्तारीकरण लंबितजिंदल स्टील एंड पावर लि. 3000 आसनबनी 1500 जमीन के कारण लंबितजेएसडब्ल्यू स्टील लि. 6539 सोनाहातू 35000 जमीन के कारण प्लांट लंबितआर्सेलर मित्तल 11335 पेटरवार 40000 जमीन के कारण प्लांट लंबितभूषण पावर एंड स्टील 3450 पोटका 10500 जमीन के कारण लंबितएस्सार स्टील 2458 प. सिंहभूम 9900 जमीन के कारण लंबितमुकुंद स्टील 1800 बरलंगा 4335 लंबितएस्सेल माइनिंग 500 चकुलिया 1900 लंबितहिंडाल्को इंडस्ट्रीज 5000 सोनाहातू 7800 लंबितअभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर 300 बेगनाडीह 225 वित्तीय संकट से कंपनी जूझ रही हैकॉरपोरेट इस्पात एलॉय 1100 खरसावां 951 450 एकड़ भूमि लेकर सिविल वर्क पूरावीएस डेंपो 32 मनोहरपुर 400 लंबितरुंगटा माइंस 3000 गेसुति 11320 लंबितमोनेट इस्पात एंड एनर्जी 1300 चास 1400 लंबितजूपीटर सीमेंट 110 हांसदा 508 कार्य प्रगति पर हैबर्नपुर सीमेंट लि. 75 पतरातू 197 कार्य प्रगति पर हैपावर प्लांटसीइएससी लि. 2000 काठीकुंडइले¢ट्रो स्टील थर्मल पावर लि. 1100 लातेहारएस्सार पावर लि. 1500 चंदवागगन स्पंज आयरन लि. 2000 साहेबगंजटाटा पावर लिमिटेड 4272 सरायकेला-खरसावांजेएसपीएल 1230 गोड्डाविपरीत परिस्थितियों में भी उत्पादन आरंभ कियाझारखंड में जमीन, खनिज की समस्या होने के बावजूद एमओयू करने वाली 17 कंपनियों ने पहले चरण का उत्पादन आरंभ कर लिया है. जरूरत से भी कम जमीन लेकर इन कंपनियों ने उत्पादन आरंभ किया. वहीं बिना एमओयू किये 16 कंपनियों ने अपना उत्पादन आरंभ किया है. इन कंपनियों द्वारा अबतक 30389 करोड़ रुपये का निवेश किया है.इन कंपनियों ने उत्पादन आरंभ कियाटाटा स्टील(विस्तारीकरण)जेएसपीएल, पतरातू(रोलिंग मिल)आधुनिक एलॉय सरायकेलाकोहिनूर स्टील कांड्राएएमएल स्टील एंड पावर सरायकेला-खरसावांबल्लभ स्टील लि. गम्हरियास्वाती उद्योग प्रा. लि. हातारुंगटा माइंस चाईबासानीलांचल आयरन एंड पावर लि. कांड्राबीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज जमशेदपुरछिन्नमस्तिका स्पंज आयरन लि. रामगढ़झारखंड इस्पात लि. रामगढ़रामगढ़ स्पंज आयरन हजारीबागबालाजी इंडस्ट्रीयल प्रोड¢ट लि. बड़ाजामदाछिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात लि. रामगढ़नरसिंह इस्पात लि. सरायकेला-खरसवांअनंदिता ट्रेडर्स एंड इन्वेस्टमेंट लि. हजारीबागबिना एमओयू के उत्पादन आरंभ करने वाली कंपनीटाटा मोटर्स जमशेदपुरटाटा ब्लू शीट जमशेदपुरहिंडाल्को मूरी विस्तारीकरणजेपी सीमेंट बोकारोअतिवीर कंपनी लि. गिरिडीहएसीसी लि. झींकपानी(विस्तारीकरण)आदित्य बिड़ला केमिकल्स लि. पलामू(विस्तार)इनो¢स एयर प्रोड¢ट बोकारोब्रह्मपुत्रा मेटालि¢स लि. रामगढ़स्टील स्ट्रीप व्हील लि. जमशेदपुरउषा मार्टिन जमशेदपुर(विस्तार)मेटालसा लि. जमशेदपुरजेएमटी ऑटो लि. गम्हरिया(विस्तार)रामकृष्ण फोर्जिंग लि. गम्हरिया(रींग रोलिंग डिविजन)लाफार्ज इंडिया लि.रामकृष्ण फोर्जिंग लि. गम्हरिया(विस्तार)

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