तीन साल बाद भी हाइकोर्ट के आदेश पर अमल नहीं

गया : गांधी मैदान को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए हाइकोर्ट ने तीन वर्ष पहले ही राज्य के मुख्य सचिव को आदेश दिया था, लेकिन मैदान में बनाये गये अवैध ढांचों को अब तक नहीं तोड़ा गया है. अतिक्रमण हटाने के नाम पर पिछले वर्ष सब्जी मार्केट और बाल विकास परियोजना कार्यालय को जरूरत तोड़ा गया, […]
गौरतलब है कि गांधी मैदान में क्षेत्र के सैकड़ों लोग रोज सुबह-शाम टहलने आते हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी जैसे कई तरह के आयोजन भी यहां होते हैं, लेकिन मैदान के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. मैदान की चहारदीवारी जगह-जगह टूट गयी है. ग्राउंड की हालत भी दयनीय है. पूरा मैदान ही जानवरों का चारागाह बन कर रह गया है. यहां सुरक्षा का भी कोई इंतजाम नजर नहीं आता है. कोर्ट के आदेश के बावजूद गांधी मैदान के क्षेत्रफल के भीतर अवैध तरीके से बने म्यूजियम, पथ निर्माण विभाग के कार्यालय, स्टेडियम, बीएसएनएल कार्यालय को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया. और तो और गांधी मैदान के उत्तर व पूरब की तरफ दुकानें सजी हुई हैं और गांधी मैदान में अवैध तरीके से ऑटो स्टैंड बना दिया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर मैदान में अवैध निर्माण किया जा रहा है.
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