जयप्रकाश नारायण अस्पताल, प्रभावती अस्पताल, खिजरसराय व बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों को हुई परेशानी

Published at :21 Apr 2018 4:13 AM (IST)
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जयप्रकाश नारायण अस्पताल, प्रभावती अस्पताल, खिजरसराय व बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों को हुई परेशानी

शाम में सीएस के आश्वासन के बाद बनी बात गया : जय प्रकाश नारायण अस्पताल, प्रभावती अस्पताल, खिजरसराय व बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करनेवाली आउटसोर्सिंग एजेंसी ने शुक्रवार को पूरे दिन काम बंद कर दिया. एजेंसी के जिम्मे अस्पतालों में जेनेरेटर, साफ-सफाई, कपड़ा धुलाई, मरीजों को खाना देने की जिम्मेदारी है. ऐसे में […]

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शाम में सीएस के आश्वासन के बाद बनी बात

गया : जय प्रकाश नारायण अस्पताल, प्रभावती अस्पताल, खिजरसराय व बोधगया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करनेवाली आउटसोर्सिंग एजेंसी ने शुक्रवार को पूरे दिन काम बंद कर दिया. एजेंसी के जिम्मे अस्पतालों में जेनेरेटर, साफ-सफाई, कपड़ा धुलाई, मरीजों को खाना देने की जिम्मेदारी है. ऐसे में पूरे दिन ये सभी सेवाएं मरीजों को नहीं मिली. इस संबंध में आउटसोर्सिंग एजेंसी के प्रोपराइटर रणविजय सिंह ने सिविल सर्जन को एक पत्र लिखा. उसमें उन्होंने लिखा कि उनकी एजेंसी बीते तीन वर्षों से अस्पतालों में काम कर रही है. कांट्रैक्ट जून 2017 में ही समाप्त हो चुका है. भुगतान भी लंबे समय से बकाया है.
सभी अस्पतालों के पदाधिकारियों से ऐसी स्थिति में काम नहीं करने की असमर्थता जाहिर की जा चुकी है. लेकिन, किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला. उन्होंने बताया कि बोधगया में लगभग 20 महीने, खिजरसराय में 12 महीने, फतेहपुर में नौ महीने, चेरकी एपीएचसी में 11 महीने, जय प्रकाश नारायण अस्पताल का जेनेरेटर व भोजन मद में सात महीने से भुगतान बकाया है. ऐसे में अब एजेंसी काे काम करने में मुश्किल हो रही है. एजेंसी ने लिखा कि तीन साल पहले करार के वक्त डीजल का जो रेट तय था, आज भी वही है. जबकि डीजल का दाम दोगुना हो गया है. एजेंसी को यह नुकसान अपने खाते से उठाना पड़ रहा है. गर्मी में जेनेरेटर अधिक चलने के कारण तेल का उपयोग भी अधिक होता है. इस नुकसान को एजेंसी और नहीं झेल सकती.
सेवा बंद होने से मरीज रहे परेशान
एजेंसी द्वारा काम बंद कर दिये जाने के बाद अस्पतालों में स्थिति खराब हो गयी. सुबह से कहीं भी सफाई नहीं हुई. बिजली कट जाने के बाद मरीज भी परेशान हो गये. अस्पताल के इंडोर वार्ड में मरीज हाथवाले पंखे का प्रयोग करते दिखे. भोजन नहीं मिलने पर परिजनों ने बाहर से इंतजाम किया. यह हाल प्रभावती अस्पताल, जय प्रकाश नारायण अस्पताल समेत दूसरे अस्पतालों का रहा. जानकारी नहीं होने के कारण मरीजों के परिजन अस्पताल के अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाते रहे.
देर शाम मिली जेनेरेटर की सुविधा : देर शाम सिविल सर्जन डाॅ राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने इस मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराया. उन्होंने एजेंसी को आवंटन करा कर भुगतान कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद एजेंसी ने अस्पतालों में जेनेरेटर सुविधा शुरू की. साफ-सफाई व खाना शनिवार की सुबह से उपलब्ध कराने की बात कही.
क्या कहते हैं अधिकारी
आवंटन के साथ ही उनके बकाये का भुगतान कर दिया जायेगा. टेंडर रिवाइज की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. शनिवार से एजेंसी काम करेगी.
डाॅ राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, सिविल सर्जन
सिविल सर्जन स्तर पर आवंटन होने के साथ ही बकाया भुगतान का आश्वासन दिया गया है. शनिवार से काम शुरू कर दिया जायेगा.
रणविजय सिंह, प्रोपराइटर, आउटसोर्सिंग
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