प्रशासन बना मूकदर्शक, सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी नहीं दिखा गंभीर

Published at :25 Apr 2018 4:44 AM (IST)
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प्रशासन बना मूकदर्शक, सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी नहीं दिखा गंभीर

दरभंगा : एक तरफ विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां यातायात नियम की खुलेआम धज्जी उड़ रही है. नियम-कानून को ताख पर रखकर ओवर लोडेड बसों का परिचालन हो रहा है. वाहनों की संख्या कम रहने की वजह से आम यात्री अपनी जान जोखिम में डाल सफर करने के लिए […]

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दरभंगा : एक तरफ विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां यातायात नियम की खुलेआम धज्जी उड़ रही है. नियम-कानून को ताख पर रखकर ओवर लोडेड बसों का परिचालन हो रहा है. वाहनों की संख्या कम रहने की वजह से आम यात्री अपनी जान जोखिम में डाल सफर करने के लिए विवश हैं. अधिक कमाई के लिए बस संचालक भेंड़-बकरियों की तरह लोगों को गाड़ी में ढूंसकर ही नहीं चढ़ाते, बल्कि बस की छत पर भी सवारी चढ़ाते हैं, जिससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.

अश्चर्यजनक है कि बीच शहर से ओवर लोडेड गाड़ियां चलती हैं. ये वाहन आधा दर्जन थानों के सामने से होकर गुजरते हैं, बावजूद प्रशासन कोई तवज्जो नहीं दे रहा. पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई परिणामदायी कार्रवाई नहीं की है. ऐसा लगता है मानो प्रशासन सुरक्षा को लेकर केवल बाइक सवारों के प्रति संजीदा है.

जान जोखिम में डाल करते हैं यात्रा
शहर के विभिन्न मुख्य चौक-चौराहों से होते हुए भेड़-बकरियों सी लदी बस गंतव्य तक पहुंचती है. बस की छत, खिड़की, दरवाज़ा व पीछे लटकते यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के लिए मजबूर हैं. यह स्थिति किसी दिन बड़े हादसे का सबब बन सकती है. रास्ते में सड़क किनारे पेड़ की टहनियां व बिजली तार लटके हैं, जिससे के संपर्क में आने के बाद हादसा होना तय है. बावजूद प्रशासन मूक दर्शक बना है. इस पर लगाम लगाने की कोशिश नहीं कर रहा.
अाधा दर्जन थानों के सामने से रोज गुजरती ओवरलोडेड बसें
विभिन्न रूटों से गुजरती हैं ओवरलोडेड बसें
खचाखच भरी बस स्टैंड से खुलकर शहर के मुख्य सड़क होते हुए बाघ मोड़, भंडार चौक, स्टेशन रोड, दोनार, बेनीपुर, बिरौल सुपौल होते हुए कुशेश्वरस्थान को जाती है. वहीं दूसरी बस कमतौल, पुपरी, सीतामढ़ी, मधवापुर पहुंचती है. सुरक्षा व यातायात सम्बन्धी नियम का उल्लंघन करते हुए यह बस शहर की मुख्य सड़क बाघ मोड़, भंडार चौक, स्टेशन रोड, वीआइपी सड़क, कबीरचक होते हुए गणतव्य तक पहुंचती है. रास्ते में कई थाने पड़ती हैं, लेकिन अभी तक पुलिसवालों की नजर खचाखच भरी बसों पर नहीं जाती. इसका फायदा उठाते हुए मनमाने तरीके से बस मालिक भेड़ बकरियों की तरह यात्रियों को लादकर गंतव्य तक पहुंचाती है.
नहीं मिली शिकायत
इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है. आमजन को भी जागरूक होना होगा. अगर शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जायेगी. वैसे पूर्व से ही विभाग व थानों को इसे लेकर निर्देश दिया जा चुका है.
– विनय कुमार
क्षेत्रीय परिवहन पदाधिकारी
कानून केवल बाइक सवारों के लिए
पुलिस प्रशासन की नजर केवल बाइक सवार पर सिमट कर रह गई है. उनकी नजर केवल उन पर ही रहती है. बगैर हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग, कागजात आदि की जांच के लिए विभिन्न थानों के आगे चेक पोस्ट लगा है. इसकी जांच भी की जाती है. बाइक चालकों द्वारा आवश्यक कागजात नहीं प्रस्तुत करने या फिर नियम का उल्लंघन करने पर पुलिस चालान काट देती है, लेकिन इससे इतर बस, ऑटो या अन्य वाहनों पर पुलिस की नजर अभी तक नहीं है, जो रोजाना यातायात नियम को अंगूठा दिखाते हुए शहर के मुख्य सड़क से होते हुए थाना के सामने से गुजरती हैं.
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