कीचड़ में हर रोज 40 लाख का कारोबार

Published at :25 Jun 2016 8:06 AM (IST)
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कीचड़ में हर रोज 40 लाख का कारोबार

जिले की सबसे बड़े सब्जी मंडी में शुमार मीना बाजार की सब्जी मंडी बदहाल व्यवस्था की पोल खोलती नजर आती है़ प्रशासन का तेवर जब सख्त होता है तो अतिक्रमण के नाम पर दुकानदारों पर खूब डंडे चलते है़ं फिर कुछ ही दिनों में स्थिति जस का तस हो जाती है़ यहां के दुकानदार कभी […]

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जिले की सबसे बड़े सब्जी मंडी में शुमार मीना बाजार की सब्जी मंडी बदहाल व्यवस्था की पोल खोलती नजर आती है़ प्रशासन का तेवर जब सख्त होता है तो अतिक्रमण के नाम पर दुकानदारों पर खूब डंडे चलते है़ं फिर कुछ ही दिनों में स्थिति जस का तस हो जाती है़
यहां के दुकानदार कभी उजड़ते तो कभी बसते रहते हैं़ दुकानदार मजबूरी वश या फिर यू कहें जानबूझ कर दुकानें लगा देते है़ं लेकिन इन सब के बीच जो बातें खुल कर आती हैं वह है स्थाई तौर पर सब्जी मंडी का नहीं होना . दुकानदारों का भी मानना है कि वो अनधिकृत रूप से ही दुकान लगा रहे हैं अगर प्रशासन की ओर से स्थायी तौर पर दुकान लगाने के लिए व्यवस्था कर दी जाये तो वे वहीं दुकान खोल लेंगे, पर ऐसा नहीं हो रहा़
बेतिया : शहर के मीना बाजार सब्जी मंडी पहुचते ही कचरे का अंबार और सड़क पर जल जमाव व कीचड़ ग्राहकों को नाक पर रूमाल रखने को मजबूर कर देता है़ प्रतिदिन चालीस से पचास लाख रुपये का कारोबार यहां की सब्जी मंडियो से होता है़
आलू-प्याज से हरी सब्जियों का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है़ लेकिन सुविधाएं सब्जी मंडी से गायब नजर आएंगी़ गंदगी का आलम यह है कि अस्पताल का गंदा पानी और सड़क पर जल जमाव व कीचड़ ग्राहकों को सब्जी मंडी से दूर करता नजर आने लगा है़ सब्जी खरीदारो की संख्या में इन दिनों लगातार कमी आ रही है़ बरसात से पूर्व जहां इस मंडी में प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार ग्राहक पहुंचते थे ़ वहीं इन दिनो आठ सै से एक हजार ही ग्राहक सब्जी खरीदारी करने पहुंच रहे है़ वजह साफ है कि गंदगी और कीचड़ के कारण ग्राहक सब्जी मंडी पहुंचने का जोखिम नही उठा रहे़
300 दुकानें, सुविधाए नदारद:
मीना बाजार स्थित सब्जी मंडी में तीन सौ दुकानें है़ं इनमें कुछ दुकानदार स्थानीय तो कई बाहरी भी है जो सब्जी ला कर बेचते है और फिर चले जाते हैं़ बेतिया राज की जमीन पर दुकान लगने के कारण दुकानदारों को कई बार हटना भी पड़ता है़ लेकिन मजबूरी में फिर से दुकान लगा देते है़ं स्थाई जगह नही हाने के कारण झाेपड़ी में दुकान लगाना पड़ता है जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नही है़
दुकानदारों की मांग: सब्जियों के थोक विक्रेता नन्हें मिया, मो़ नफुस, मो़ दिना मिया और खुदरा सब्जी के विक्रेता किशुन चौधरी, जोखु चौधरी आदि का कहना है कि प्रशासन उन्हे स्थाई जगह और दुकान उपलब्ध करा दे और जो भी टैक्स या रेंट हो तय कर दे तो उन्हे किसी प्रकार की परेशानी नही होगी़ पर उनकी परेशानियों को हल करने के लिए किसी प्रकार की पहल अब तक नही हो सकी है़
यहां से मंडी में पहुंच रही सब्जी:मंडी में इन दिनो भितहां, नौतन, बगही, बसंत टोला, खुसरूपुर, अरेराज,हरसिद्धि समेत जिले के अन्य हिस्सो से सब्जी की खेंपे पहुच रही है़ बरसात का समय होने के कारण अभी स्थानीय सब्जी का ही कारोबार किया जा रहा है़ मंडी में सब्जियो के पहुचने के बाद स्थानीय ग्राहको तक सब्जिया पहुंचाई जाती है़
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