एक लावारिस की मौत के बाद भी नहीं चेता अस्पताल प्रशासन

Updated at : 07 Jun 2016 5:59 AM (IST)
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एक लावारिस की मौत के बाद भी नहीं चेता अस्पताल प्रशासन

मोतिहारी : इस तसवीर को गौर से देखिए. यह सदर अस्पताल के महिला वार्ड की है. फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी इस महिला के शरीर पर बैठी मक्खियां अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था की पोल खो रही है. इस महिला को तीन दिन पहले इलाज के लिए कुछ लोगों ने अस्पताल में भरती कराया, लेकिन […]

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मोतिहारी : इस तसवीर को गौर से देखिए. यह सदर अस्पताल के महिला वार्ड की है. फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी इस महिला के शरीर पर बैठी मक्खियां अस्पताल की चिकित्सीय व्यवस्था की पोल खो रही है. इस महिला को तीन दिन पहले इलाज के लिए कुछ लोगों ने अस्पताल में भरती कराया, लेकिन अस्पताल प्रबंधक सोमवार की दोपहर तक इस बात से अंजान था.

उसे न तो बेड दिया गया था, न ही उसके इलाज की मुकम्मल व्यवस्था ही की गयी थी. एक जिंदा लाश की तरह फर्श पर पड़ी उस महिला के शरीर पर मक्खियां मंडरा रही थीं. वहीं, ड्यूटी पर मौजूद नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उस रास्ते से इस कदर कतरा कर निकल रहे थे, जैसे कोई सड़क किनारे पड़ी लावारिस लाश से कतरा कर निकलता है.
उसकी सांसे धीमी गति से चल रही थीं. एक कर्मी से पूछा गया तो लावारिस महिला की लाश बता वह निकल गया. फिर महिला वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद एक नर्स से उसके संबंध में पूछा गया. नर्स ने जो जवाब दिया, वह सुन कोई भी हैरान रह जायेगा. नर्स ने कहा महिला लावारिस है. उसको यहां किसने लाकर भरती कराया है, यह हमलोगों को पता नहीं है. नर्स की बेपरवाह जवाब सुनकर जब प्रभात खबर की टीम ने उस महिला के संबंध में पड़ताल शुरू की तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया. तीन दिनों से जिस महिला को लावारिस समझ स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ था.
चंद मिनटों में उस महिला का नाम व पता खोज निकाला. महिला की पहचान लखौरा के अभिमन्यु सहनी की 25 वर्षीय पत्नी लालसा देवी के रूप में हुई. स्वास्थ्यकर्मियों ने पहचान के बाद उसको बेड दिया. बेड पर साफ गद्दा व चादर बिछाया गया, उसके बाद इलाज शुरू हुआ.
बताया जाता है कि महिला विक्षिप्त है. परिजन उसको शनिवार को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. काउंटर पर उसके नाम का परची भी कटा है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने अज्ञात महिला के नाम से बीएचटी बनायी है.
लचर व्यवस्था में गयी एक की जान
सफाई व्यवस्था के लिए नंबर वन का रिवार्ड लेने वाले सदर अस्पताल में समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है. यहां लावारिस मरीजों को जिंदगी नहीं मिलती. उन्हें मौत का सौगात मिलता है. सर्जिकल वार्ड में एक अज्ञात व्यक्ति की मौत समुचित इलाज व देख-भाल के अभाव में सोमवार की सुबह हो गयी. छतौनी पुलिस ने रविवार की रात खुदानगर मोहल्ला से एक अज्ञात व्यक्ति को अचेता अवस्था में उठाकर सदर अस्पताल में भरती कराया.
स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे भरती तो कर लिया, लेकिन उसका सही ढंग से न तो इलाज हुआ नहीं देख भाल हुई. नतीजतन बेड से गिरने के कारण उसका सिर फट गया और उसकी मौत हो गयी. सर्जिकल वार्ड मेंं फर्श पर मृतक के आसपास फैला खून सदर अस्पताल की व्यवस्था का गवाह है. नगर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा शिनाख्त के लिए रखा है.
सदर अस्पताल के महिला वार्ड में तीन दिनों से फर्श पर लावारिस पड़ी रही महिला
सर्जिकल वार्ड में इलाज व देखभाल के अभाव में एक की मौत
प्रभात खबर ने पड़ताल की तो महिला का शुरू हुआ इलाज
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