अल्पावास गृह की तीन महिलाओं को मिला साया

Updated at : 31 Oct 2015 2:51 AM (IST)
विज्ञापन
अल्पावास गृह की तीन महिलाओं को मिला साया

मोतिहारी : विभिन्न स्थानों से भटक कर आयी महिलाओं में तीन को अभिभावकों का साया मिला़ तीन में एक लड़की हैदराबाद लौट गयी़ वहीं एक विवाहिता भी अपने घर लौट गयी़ तीसरे के घर जाने में उसके परिजन कानूनी प्रक्रिया में लगे है़ अभी अल्पावास गृह में सात महिलाएं अपनी गुजर बसर कर रही है़ […]

विज्ञापन

मोतिहारी : विभिन्न स्थानों से भटक कर आयी महिलाओं में तीन को अभिभावकों का साया मिला़ तीन में एक लड़की हैदराबाद लौट गयी़ वहीं एक विवाहिता भी अपने घर लौट गयी़ तीसरे के घर जाने में उसके परिजन कानूनी प्रक्रिया में लगे है़ अभी अल्पावास गृह में सात महिलाएं अपनी गुजर बसर कर रही है़

यहां बता दें कि 15 अक्तूबर 2015 कसे पेज नंबर तीन पर प्रभात खबर दैनिक में घर लौटना चाहती है महिलाएं शीर्षक से प्रकाशित हुआ था, जिसमें लिखा था कि भूली-भटकी व घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को पनाह देने वाली अल्पावास गृह मोतिहारी के एक किराये के मकान में चलती है़ अल्पावास गृह का संचालन सखी संस्था के माध्यम से किया जाता है़
उन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सिलाई-कटाई, पढना-लिखना तथा खिलौना बनाने का गुर सिखाया जाता है़ ताकि पीड़ित को स्वावलंबी बनाया जा सके़ इस संस्था में 10 महिला है़
इन्हीं में एक अम्बिका भवानी 18 वर्ष की युवती है, जो अर्द्ध विक्षिप्त है. इस लड़की को गौनाहा थाना बेतिया द्वारा आठ जून 2015 को महिला हेल्प लाइन बेतिया पश्चिम चंपारण के माध्यम से मोतिहारी अल्पावास गृह में लाया गया़ सखी के सचिव सुमन सिंह, प्रभारी रश्मि सिन्हा, प्रोग्राम मैनेजर बब्लू कुमार, परामर्शी अर्चना कुमारी द्वारा प्रभात खबर में छपी खबर के आधार पर लैपटॉप से खोजना शुरू किया़ जहां समाजगोडा डंकन हॉस्पीटल हैदराबाद के दस हॉस्पीटल से संपर्क किया़ अम्बिका भवानी के मामले को बताया़
वहां मौजूद सिक्यूरिटी अधिकारी ने उसकी मां शांताम्बा के काम करने की बात स्वीकारी़ उसने उसके मां शांताम्बा से बात कराया वाट्सअप पर उसका फोटो भेजा गया, जिसे पहचान लिया गया़ इन अधिकारियों द्वारा लड़की को ले जाने के लिए आवश्यक कागजातों की मांग की गयी़ थाना से लिखा कर मंगाया गया़ उसके बाद हैदराबाद वर्ल्ड ह्यूमैन राइट्स के अध्यक्ष मोहमद ख्वाजा एवं मां शांताम्बा आयी और गुरुवार की देर शाम हैदराबाद लेकर चली गयी़
मंजू के पिता रूप नारायण साह मोतिहारी स्थित दारोगा टोला में रहते है़ उसने प्रभात खबर पढने के बाद अपने दामाद के घर गये़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन