आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से नहीं है जरूरी दवा

Published at :14 Dec 2015 2:50 AM (IST)
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से नहीं है जरूरी दवा

गोपालगंज : बाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग की स्थिति बड़ा ही लचर है. कुपोषित बच्चों की पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्राथमिक उपचार व नियमित देखभाल के लिए जरूरी मेडिसिन किट्स पिछले पांच वर्षों से उपलब्ध नहीं हैं. विभाग के वरीय अधिकारियों को भी यह पता नहीं है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेडिकल किट्स दिये […]

विज्ञापन

गोपालगंज : बाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग की स्थिति बड़ा ही लचर है. कुपोषित बच्चों की पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्राथमिक उपचार व नियमित देखभाल के लिए जरूरी मेडिसिन किट्स पिछले पांच वर्षों से उपलब्ध नहीं हैं. विभाग के वरीय अधिकारियों को भी यह पता नहीं है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेडिकल किट्स दिये जाते हैं.

शासन की यह कार्यप्रणाली कुपोषित बच्चों को पोषित करने की सरकारी व्यवस्था की एक बानगी मानी सकती है. मेडिसिन किट्स में पेट के कीड़ों को मारने की दवा, दर्द-बुखार, खुजली की दवा समेत रूई-पट्टी होती है. कीड़े की दवा तो समय-समय पर बच्चों को देना अनिवार्य है. फिर भी वर्ष 2011 से इसकी आपूर्ति नहीं होना बड़ा सवाल है. वर्ष 2010 में मेडिकल किट्स का आवंटन आंगनबाड़ी केंद्रों को दिया गया था. उसके बाद से आज तक बच्चों को मेडिकल किट्स उपलब्ध नहीं कराये गये.

क्या कहते हैं सीएस
आंगनबाड़ी केंद्रों में मेडिसिन किट्स नहीं होने की जानकारी नहीं है. यह बच्चों के लिए अति जरूरी है. अगर विभाग डिमांड करता है, तो शासन को इसके लिए पत्र लिख कर किट्स मंगाया जायेगा.
डॉ वी शर्मा, प्रभारी सीएस, गोपालगंज
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन