648 आशा ने अपना कोर्स किया पूरा

Updated at : 20 Apr 2024 9:55 PM (IST)
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648 आशा ने अपना कोर्स किया पूरा

जिले में मातृ और शिशु मृत्युदर में कमी लाने के साथ साथ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है.

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फाइल-4- – मोबाइल एकेडमी कोर्स के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं को किया जा रहा दक्ष – आशा का क्षमतावर्धन कर मातृ और शिशु मृत्युदर में लायी जायेगी कमी बक्सर. जिले में मातृ और शिशु मृत्युदर में कमी लाने के साथ साथ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है. इसके लिए समय समय पर आशा कार्यकर्ताओं को हाई टेक तरीके से दक्ष किया जा रहा है. जिसके तहत आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एकेडमी कोर्स कराया जा रहा है. इस संबंध में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि चिकित्सा सेवा को और सुदृढ़ करने की नीयत से विभाग के द्वारा आशाओं के लिए मोबाइल एकेडमी योजना संचालित है. जिसमें आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एप की मदद से गर्भवती महिलाओं और पांच साल तक के बच्चों की देखभाल संबंधी ट्रेनिंग दी जाती है. इसके माध्यम से आशाएं जिले की गर्भवती महिलाओं बच्चों की विशेष तरह देखभाल कर सकेंगी. इस ट्रेनिंग कोर्स में गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद दो साल तक की संपूर्ण जानकारी मौजूद है. इसके जरिए मां-बच्चे की जिंदगी बचाने में सहायता मिलेगी. साथ ही, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा भी मिलेगा. 11 हिस्सों में बांटा गया है मोबाइल एकेडमी कोर्स: एसीएमओ डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस कोर्स को ग्यारह हिस्सों बांटा गया है. हर हिस्से में चार पाठ और हिस्से के आखिरी में सवाल-जवाब का सेशन होता है. इसके लिए विभाग ने टोल-फ्री नंबर 180030101704 जारी किया है. इसके तहत आशा अपने घरेलू काम करते हुए भी चिकित्सा विभाग के आशा सॉफ्ट नंबरों से टोल-फ्री नंबर से कॉल करेगी तो कंप्यूटर उससे 11 विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी और विषय के अंत में सवाल पूछा जाएगा. इनके जवाब में आशा को एक या दो का बटन दबाकर जो सही हो देना होगा. इसके आधार पर उसका मूल्यांकन किया जाएगा. इस मूल्यांकन में 50 प्रतिशत अंक लाने वाली को परीक्षा में उत्तीर्ण कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि परीक्षा पूरी करने के लिए आशा के पास 240 मिनिट का समय होता है. परीक्षा के बाद उसे मोबाइल पर परीक्षा परिणाम की जानकारी दी जाती है. बाद में विभाग की ओर से उन्हें एक सर्टिफिकेट भी दिया जाता है. मोबाइल अकेडमी का प्रशिक्षण लेने के बाद भी आशा यह समझती है कि वह प्राप्त अंकों में सुधार करना चाहती है तो वह इस कोर्स का दुबारा से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती है. जिले की 648 आशाओं ने किया अपना कोर्स पूरा : सिविल सर्जन सर्जन डॉ. सुरेश चंद्र सिन्हा ने बताया कि जिले में कुल 1463 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं. जिनमें से अब तक 648 आशाओं ने मोबाइल एकेडमी कोर्स पूरा कर लिया है. शेष आशाओं को उनका कोर्स पूरा कराने के लिए संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम और बीएमईए को निर्देशित किया गया है. ताकि, जल्द से जल्द सभी आशा कार्यकर्ता का क्षमतावर्धन किया जा सके. उन्होंने बताया कि सिमरी, नवानगर, इटाढ़ी, डुमरांव, राजपुर व केसठ प्रखंड में मोबाइल एकेडमी की प्रगती संतोषप्रद नहीं हैं. इसके लिए संबंधित प्रखंड अन्तर्गत आशा दिवस में शत प्रतिशत आशा का मोबाईल एकेडमी में कोर्स पूरा कराया जाने को कहा गया है. इसके बावजूद भी किसी प्रखंड में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण की मांग की जाएगी.

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