रात के अंधेरे में होता है कोयले का काला कारोबार
बांका. झारखंड के रास्ते बिहार में कोयला की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है़ इससे प्रतिमाह लाखों रुपये की क्षति बिहार सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को हो रही है. दरअसल इस मार्ग पर भलजोर के बाद बिहार की सीमा प्रारंभ होती है. माफिया रात में कोयले से लदे ट्रक को पास करा देते हैं. […]
बांका. झारखंड के रास्ते बिहार में कोयला की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है़ इससे प्रतिमाह लाखों रुपये की क्षति बिहार सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को हो रही है. दरअसल इस मार्ग पर भलजोर के बाद बिहार की सीमा प्रारंभ होती है. माफिया रात में कोयले से लदे ट्रक को पास करा देते हैं. कभी कभार अगर पकड़ में आ भी गये तो इसे मैनेज भी करा दिया जाता है. सूत्रों के अनुसार नाला एवं चितरा के कोलियरी से अवैध कोयला जिनका कागजात फरजी होता है उसे बिहार में लाकर बेचा जा रहा है. साथ ही ओवरलोडिंग वाले वाहनों का कागजात नकली होने की बात बतायी जाती है. मालूम हो कि कोलियरी से कभी भी ओवरलोड कोयला नहीं बेचा जाता है. बिचौलिये और माफिया तंत्र की मिली भगत से कोयला तस्कर दस टन की क्षमता वाले वाहनों पर 20 टन तक कोयला लाते हैं और उसे बिहार के विभिन्न जिलों में बेच आते हैं. इन कोयलों से सबसे बड़ा फायदा अवैध रुप से ईंट भट्ठा लगाने वालों को होता है जिन्हे सस्ते कीमत पर आसानी से माफिया कोयला उपलब्ध करा देते हैं. प्रशासन अगर पूरी सख्ती से इस पर कार्रवाई करे तो ऐसे माफिया बेनकाब तो होंगे ही साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्घि होगी. इस संबंध में पुलिस ने बताया कि लगातार बड़े वाहनों की जांच हो रही है. पुख्ता जानकारी रहने के बाद ट्रक जब्त भी किया जाता है.
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