फसल बचाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही विधवा

Published at :17 Dec 2015 6:49 PM (IST)
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फसल बचाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही विधवा

फसल बचाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही विधवा कई अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बेटियों के साथ पहुंची डीएम के पास कहा- 14 बीघा में लगी है धान की फसल, गोतिया के लोग ही मजदूरों को कर देते हैं मान खेत में लगे धान की फसल […]

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फसल बचाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही विधवा कई अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बेटियों के साथ पहुंची डीएम के पास कहा- 14 बीघा में लगी है धान की फसल, गोतिया के लोग ही मजदूरों को कर देते हैं मान खेत में लगे धान की फसल खलिहान में लाने के लिये विधवा खा रही दर-दर की ठोकर फोटो नंबर-32, परिचय- डीएम से गुहार लगाने बेटी के साथ पहुंची विधवा निलम कुंवरऔरंगाबाद कार्यालय.ओबरा थाना क्षेत्र के गोड़तारा गांव की विधवा महिला नीलम कुंवर का धान खेत में ही अब तक लगा हुआ है. उसे खलिहान तक लाने के लिए वह दर-दर की ठोकर खा रही है. गुरुवार को अपनी बेटियों के साथ जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने पहुंची नीलम कुंवर ने बताया कि अभी तक प्रखंड विकास पदाधिकारी ओबरा, थाना प्रभारी ओबरा, डीएसपी दाउदनगर व एसपी से दो बार मिल कर अपनी फरियाद सुना चुकी है, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिल. हार थक कर जिला पदाधिकारी के पास पहुंची हूं. नीलम कुंवर ने बताया कि मेरी चार बेटी है. मेरे पति इस दुनिया में नहीं हैं. चारों पुत्रियों में तीन की शादी कर चुकी हूं. एक पुत्री और एक भांजी मेरे घर में रहती है. इनके अलावे कोई भी पुरुष हमारे घर में नहीं है. हमारे गोतिया के लोग हमारी संपत्ति को हड़पना चाहते हैं. 14 बीघा में लगी धान फसल खेतों में ही पड़ा हुआ है और उसे मेरे पट्टीदार सुरिष्ठ सिंह, श्रीकांत सिंह, रविकांत सिंह,अवध सिंह, बिहारी सिंह काटने नहीं दे रहे है. मजदूरों को अपशब्द बोल कर भगा देते हैं. ये लोगों का नियत हमारी जमीन कब्जा करना है. नीलम कुंवर ने उम्मीद व्यक्त की है कि जिला पदाधिकारी से हमें न्याय जरूर मिलेगा और यहां से भी हमें न्याय नहीं मिलता तो मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाऊंगी.

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