ब्रांडेड दवाओं पर 10-20 पैसे मार महीने में लाखों कमा रहे दुकानदार

Updated at : 07 Aug 2019 7:37 AM (IST)
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ब्रांडेड दवाओं पर 10-20 पैसे मार महीने में लाखों कमा रहे दुकानदार

औरंगाबाद : पांच, 10, 20 व 50 पैसे बाजार में चलना भले ही बंद हो गये हो, लेकिन इन्हीं पैसों की बदौलत जिले में ब्रांडेड दवा दुकानदार हर माह लाखों रुपये से अधिक कमा रहे हैं. इस कमाई को समझने के लिए उदाहरण के तौर पर गैस की मशहूर दवा जिंटेक की 30 गोलियां 22 […]

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औरंगाबाद : पांच, 10, 20 व 50 पैसे बाजार में चलना भले ही बंद हो गये हो, लेकिन इन्हीं पैसों की बदौलत जिले में ब्रांडेड दवा दुकानदार हर माह लाखों रुपये से अधिक कमा रहे हैं. इस कमाई को समझने के लिए उदाहरण के तौर पर गैस की मशहूर दवा जिंटेक की 30 गोलियां 22 रुपये 62 पैसे में मिलती है.

अगर मेडिकल स्टोर पर इसे खरीदने जायेंगे, तो 23 रुपये देने होंगे. यानी दुकानदार को 38 पैसे का सीधा फायदा होता है. औरंगाबाद के बाजार में 90 प्रतिशत ऐसी दवाइयां है. जिनकी कीमत पूर्णतः रुपये में नहीं है. इन दवाओं में दवा व्यवसायी इसी तरह से हर दिन पैसे-पैसे करके लाखों का माल कमा रहे हैं.
मेडिकल स्टोर एक ऐसा जगह है जहां मोलभाव नहीं होता है. अगर कोई करता भी है, तो उसे दवा देने से मना कर दिया जाता है. दवा कंपनियां इस बात का फायदा उठा कर ऐसी कीमतें तय करती है. ऐसे में 10, 20, 30 व 40 पैसे दवाओं पर अंकित होने पर दवा दुकानदार पूरी राशि की मांग करते हैं. एक-दो बार का मामला होने के कारण हम इतना गौर नहीं करते.
इधर, सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि कुछ दवाओं का रेट सरकार, तो कुछ का कंपनियां तय करती है. ऐसे में ये सारी चीजे उनके दायरे से बाहर है. इसके लिए किसी प्रकार का कोई नियम कानून अब तक नहीं है, जिसके तहत इस समस्या से निबटा जाये. वैसे लोगों को जागरूक होना चाहिए व प्रिंट से ज्यादा पैसे किसी भी सूरत में दुकानदारों को नहीं देना चाहिए.
दवा दुकान में दवा खरीदता एक ग्राहक.
दवा प्रिंट बेचते हैं बचाते हैं
इलेक्ट्रॉल पाउडर 19.39 20 61 पैसा
नोरफ्लोक्स टीजेड 73.42 74 58 पैसा
बिकोशुल 37.76 38 24 पैसा
फेलेक्सोन सिरफ 35.95 36 पांच पैसा
मोनोसेफ एक ग्राम 56.73 57 27 पैसा
क्लेवम 625 188.80 189 20 पैसा
जेन्ट्रक्स 25.94 26 छह पैसा
आइबोटोप 22.90 23 10 पैसा
ब्लैक में महंगी बिक रहीं कई दवाएं
कई ब्रांडेड दवाइयां है जो मेडिकल स्टोर पर ब्लैक में बिक रही हैं. एक दवा दुकानदार ने बताया कि डेक्सोना इंजेक्शन का कीमत 5.98 रुपये है, पर इन दिनों 10 रुपये में बिक रही है. इसके अलावा पेनीडियोर 12 लाख व पेनीडियोर आठ लाख इंजेक्शन की कीमत 12 व अाठ रुपये है, पर ये दोनों इंजेक्शन 50 रुपये में बिक रही है.
इसके अलावा कई ऐसी दवाइयां हैं जैसे पैक्सिम टैबलेट, इंजेक्शन बूटा प्रॉक्सीफॉम कैप्सूल आदि प्रिंट रेट से कहीं ज्यादा अधिक कीमत में बिकती हैं. कई दुकान पर तो एक और कमाई का जरिया है. अगर 97.50 रुपये का बिल बनता है और आपने सौ रुपये का नोट दिये, तो आपको दो रुपये का टॉफी के ऑफिस दे देते है.
औषधि कानून का हो रहा उल्लंघन
औषधि विभाग का नियम है कि कोई भी मेडिकल स्टोर वाले दवा की प्रिंट रेट से अधिक कीमत ग्राहक से नहीं ले सकते हैं. यह नियम औरंगाबाद के अधिकतर ब्रांडेड दवाओं के मेडिकल स्टोर पर टूट रहा है. 15.30 रुपये प्रिंट रेट की दवा के लिए ग्राहक से 16 रुपये लिये जाते हैं. ओवरचार्जिंग की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती है.
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